आगामी गणेश चतुर्थी के त्योहार को लेकर आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र की राज्य सरकारों ने श्रद्धालुओं और आयोजकों को बड़ी राहत देने का ऐलान किया है। इन फैसलों से उत्सव मनाने वालों के वित्तीय बोझ में कमी आएगी और आवागमन भी सुगम हो सकेगा। त्योहार के इस उल्लासपूर्ण माहौल में सरकारी स्तर पर की गई इन घोषणाओं से आम जनजीवन में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
आंध्र प्रदेश में गणेश पंडालों को मिलेगी मुफ्त बिजली
आंध्र प्रदेश सरकार ने गणेश उत्सव के दौरान सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन करने वाले समितियों के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य के शिक्षा मंत्री नारा लोकेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से यह जानकारी साझा की है कि इस साल गणेश पूजा के लिए स्थापित किए जाने वाले सभी पंडालों को पूरी तरह से मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। पंडालों में होने वाली आकर्षक सजावट, लाइटिंग और लाउडस्पीकर के संचालन पर आने वाले बिजली के खर्च से आयोजकों को पूरी तरह छूट दी जाएगी। इस नीतिगत निर्णय से समितियों का आर्थिक भार काफी हद तक हल्का होगा और वे उत्साह के साथ पर्व का आयोजन कर सकेंगे।
महाराष्ट्र में मुंबई से कोंकण जाने वालों के लिए टोल फ्री यात्रा
महाराष्ट्र सरकार ने भी पर्व के मद्देनजर एक बड़ा राहत भरा कदम उठाया है। महाराष्ट्र के पीडब्ल्यूडी मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोंसले ने घोषणा की है कि गणेश उत्सव के पावन मौके पर मुंबई से कोंकण की ओर सफर करने वाले नागरिकों को प्रमुख मार्गों पर कोई टोल टैक्स नहीं चुकाना होगा। वार्षिक उत्सव मनाने के लिए हर साल लाखों लोग मुंबई से अपने पैतृक गांवों की तरफ रवाना होते हैं, जिन्हें इस बार परिवहन शुल्क में बड़ी छूट का लाभ मिलेगा।
प्रमुख हाइवे पर इतने दिन नहीं होगी टोल वसूली
मुंबई से कोंकण जाने के लिए उपयोग होने वाले गोवा हाइवे और पुणे-बेंगलुरु हाइवे पर 11 सितंबर से लेकर 27 सितंबर तक टोल की वसूली पूरी तरह बंद रखी जाएगी। इस अवधि के दौरान सिंधुदुर्ग, कोल्हापुर और कोंकण क्षेत्र के विभिन्न गांवों की यात्रा करने वाले परिवारों को इसका सीधा फायदा पहुंचेगा। इन मार्गों से गुजरने वाले प्रत्येक वाहन चालक के लगभग 650 से 700 रुपये तक की बचत होगी। इसके साथ ही, टोल प्लाजा पर पर्ची कटवाने के लिए लगने वाली लंबी गाड़ियों की कतारें और भारी ट्रैफिक जाम से भी लोगों को बड़ी राहत मिलेगी जिससे सफर तय करने में कम समय लगेगा।





















