भारत निर्वाचन आयोग ने त्रिपुरा राज्य में मतदाता सूचियों के स्पेशल इन्टेंसिव रिविजन के संशोधित कार्यक्रम को हरी झंडी दे दी है। इस पूरी प्रक्रिया के लिए 1 जनवरी 2027 को योग्यता तिथि निर्धारित किया गया है ताकि सूची को पूरी तरह अपडेट किया जा सके।
संशोधन का कारण और पृष्ठभूमि
त्रिपुरा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुरोध पर इस शेड्यूल में बदलाव किया गया है। राज्य में त्रिपुरा ट्राइबल एरियाज ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट के अंतर्गत आने वाले सभी विलेज कमेटी निर्वाचन क्षेत्रों के लिए साल 2026 के आम चुनावों का आयोजन होना है, जिसके चलते इस कार्यकत्र्म को आगे बढ़ाने की मांग की गई थी। आयोग ने इसी बात को ध्यान में रखते हुए संशोधित समय-सारणी को स्वीकार किया है।
तैयारी और घर-घर सत्यापन का चरण
नई समय-सारणी के अनुसार, प्रशासनिक तैयारियां, प्रशिक्षण कार्य और आवश्यक सामग्रियों की छपाई का काम 27 अक्टूबर 2026 से 5 नवंबर 2026 के बीच पूरा किया जाएगा। इसके तुरंत बाद, सबसे महत्वपूर्ण चरण यानी घर-घर जाकर सत्यापन का काम शुरू होगा जो 6 नवंबर 2026 से 5 दिसंबर 2026 तक चलाया जाएगा। इस तय अवधि के दौरान बूथ लेवल अधिकारी यानी बीएलओ मतदाताओं के घरों तक पहुंचकर जमीनी स्तर पर चुनावी विवरणों की जांच करेंगे।
प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य
इस पूरे अभियान का मुख्य मकसद यह सुनिश्चित करना है कि हर मतदाता की जानकारी का सही ढंग से सत्यापन हो सके। इसके साथ ही, चुनावी डेटाबेस में मौजूद किसी भी तरह की विसंगतियों, अशुद्धियों या अन्य कमियों की पहचान कर तय नियमों के अनुसार उनका समाधान किया जा सके।
मतदान केंद्रों का पुनर्गठन और मसौदा प्रकाशन
सत्यापन कार्य के साथ-साथ मतदान केंद्रों के युक्तसंगत बनाने और उनके पुनर्व्यवस्थापन का कार्य भी 5 दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके पश्चात, संशोधित मतदाता सूची का प्रारूप 12 दिसंबर 2026 को आधिकारिक रूप से प्रकाशित किया जाएगा। सूची के जारी होने के बाद नागरिकों को इसमें संशोधन के लिए आवेदन करने का मौका मिलेगा।
आपत्तियां दर्ज कराने और अंतिम प्रकाशन की तिथि
मतदाता सूची के प्रारूप पर दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि 12 दिसंबर 2026 से शुरू होकर 10 जनवरी 2027 तक चलेगी। इसके बाद नोटिस चरण और प्राप्त दावों तथा आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया 9 फरवरी 2027 तक जारी रखी जाएगी। अंत में, तमाम प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद 15 फरवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया जाएगा, जिसके साथ ही त्रिपुरा में यह विशेष पुनरीक्षण अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हो जाएगा।



















