सोने की चाल पर दबाव, क्रूड ऑयल में तेजी और केंद्रीय बैंकों के फैसलों से 4,400 डॉलर के नीचे फिसला सोनामेष राशि वालों की साढ़ेसाती कब होगी समाप्त? जानिए शनि के गोचर और चरणों का पूरा चक्रकाली और जली हुई कड़ाही को मिनटों में चमकाएं, घंटों रगड़ने की नहीं पड़ेगी जरूरतबिटकॉइन, एथेरियम और XRP की चाल धीमी, मंदी के बीच मज़बूत बना हुआ है समर्थन स्तरऐपल के फोल्डेबल फोन पर सैमसंग का तंज, कहा- हमारे पुराने विचार को नया बनाकर पेश कियाअमेरिकी डॉलर पर दबाव: ट्रेजरी के बॉन्ड बायबैक और महंगाई के बढ़ते जोखिमों से बदली बाजार की चालचीन में ईवी बाजार ने पकड़ी तेज रफ्तार, भारत के मुकाबले आंकड़े हैं बेहद आगेविकास और अनुराधा सिन्हा ने अमेरिका में रचा इतिहास, यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ टेक्सास को दिए 190 करोड़ग्रेटर नोएडा में होटल की खिड़की से झांकते वक्त करंट लगने से युवक की दर्दनाक मौतब्रिक्स शिखर सम्मेलन में 48 घंटे से कम समय बाकी, शी जिनपिंग के भारत दौरे पर असमंजस बरकरार
ब्रेंट क्रूड ऑयल में जबरदस्त तेजी, भू-राजनीतिक तनाव के बीच भाव सौ डॉलर के पारबाज़ार
10 सित॰ 2026, 3:04 pm (59 मिनट पहले)· 2

ब्रेंट क्रूड ऑयल में जबरदस्त तेजी, भू-राजनीतिक तनाव के बीच भाव सौ डॉलर के पार

डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल और अमेरिकी-ईरान संघर्ष के गहराने के बीच ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव सौ डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। बाजार इस बात का आकलन कर रहा है कि वैश्विक ऊर्जा कीमतों में यह उछाल लंबे समय तक बना रह सकता है।

वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक अस्थिरता और संघर्ष के कारण ऊर्जा बाजारों में हलचल तेज हो गई है। अमेरिकी और ईरान के बीच बढ़ते टकराव तथा स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के जल्द न खुलने की आशंकाओं के चलते कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है।

ब्रेंट क्रूड में बहुप्रतीक्षित उछाल

डॉयचे बैंक के हेनरी एलेन और उनके सहयोगियों द्वारा साझा किए गए विश्लेषण के अनुसार, जुलाई के बाद यह पहली बार है जब ब्रेंट ऑयल का भाव सौ डॉलर प्रति बैरल के आंकड़े को पार कर गया है। निवेशकों के बीच इस बात को लेकर चिंताएं बढ़ती जा रही हैं कि तेल की ऊंची कीमतें लंबे समय तक बनी रह सकती हैं, जिसका असर छह महीने के ब्रेंट फ्यूचर्स पर भी साफ दिखाई दे रहा है और वे जून की शुरुआत के बाद से अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं।

ये भी पढ़ें

बाजार में उठापटक और अमेरिकी-ईरान संघर्ष

बाजार में मंदी और मुद्रास्फीति की दोहरी मार यानी स्टैगफ्लेशन की आशंकाएं गहरी होती जा रही हैं। ब्रेंट क्रूड ऑयल के सौ डॉलर प्रति बैरल से ऊपर निकलने के बाद बाजार में लगातार हलचल बनी हुई है। इस पूरी तेजी के पीछे का मुख्य उत्प्रेरक हालिया अमेरिकी-ईरान हमले रहे हैं, जिनके कारण इस बात पर संशय गहरा गया है कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का रास्ता निकट भविष्य में दोबारा खुल पाएगा या नहीं। इसके अलावा, एक मीडिया रिपोर्ट में सामने आया कि व्हाइट हाउस के सलाहकारों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने यह बात निजी तौर पर उठाई थी कि यह युद्ध उनके पूरे कार्यकाल के दौरान भी चल सकता है। इन तमाम घटनाक्रमों के बीच बाजार बंद होने तक ब्रेंट क्रूड में 3.36 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई और यह 101.21 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जो मई के बाद से इसका सबसे ऊंचा स्तर है।

दीर्घकालिक अनुबंधों और अन्य मुद्राओं की स्थिति

निवेशक अब इस बात का भी अनुमान लगाने लगे हैं कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें एक लंबे दौर तक कायम रहेंगी। यही वजह है कि छह महीने के ब्रेंट फ्यूचर्स में भी 1.55 प्रतिशत की तेजी आई और यह 86.09 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जो जून की शुरुआत के बाद से इसका सर्वोच्च स्तर है। वहीं दूसरी ओर, एशियाई सत्र के दौरान अन्य प्रमुख मुद्राओं और परिसंपत्तियों की चाल में भी मिलाजुला रुख देखने को मिल रहा है। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों के बीच ऑस्ट्रेलियन डॉलर 14 मई के बाद से अपने उच्चतम स्तर के करीब बना हुआ है। हालांकि फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख और अमेरिकी-ईरान तनाव के कारण अमेरिकी डॉलर को भी समर्थन मिल रहा है।

प्रमुख मुद्राओं और परिसंपत्तियों का हाल

जापानी येन को बैंक ऑफ जापान की तरफ से मिल रहे सख्त संकेतों का समर्थन मिल रहा है, जिसके चलते जापानी मुद्रा इस सप्ताह के शुरुआती दिनों में छुए गए अपने सात महीने के निचले स्तर के आसपास स्थिर बनी हुई है। इसके साथ ही, सितंबर में अमेरिकी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती संभावनाओं ने अमेरिकी डॉलर पर बिकवाली के दबाव को कम किया है। दूसरी तरफ, सोने की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव जारी है और यह चार हजार चार सौ डॉलर से नीचे के स्तर से रिकवर होकर ऊपर की ओर बढ़ रहा है, हालांकि अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़ों का इंतजार कर रहे निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल है। इसके अलावा, विकेन्द्रीकृत एक्सचेंज रेडियम और यूरोपीय केंद्रीय बैंक के नीतिगत फैसलों से जुड़े घटनाक्रम भी वैश्विक वित्तीय बाजारों पर अपना असर छोड़ रहे हैं।

सवाल-जवाब

ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव किस स्तर को पार कर गया है?
ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव जुलाई के बाद पहली बार सौ डॉलर प्रति बैरल के आंकड़े को पार कर गया है।
कच्चे तेल की कीमतों में इस भारी तेजी का मुख्य कारण क्या है?
इस तेजी का मुख्य कारण हालिया अमेरिकी-ईरान हमले और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के जल्द न खुलने की आशंकाएं हैं।
बाजार बंद होने तक ब्रेंट क्रूड किस कीमत पर बंद हुआ?
कारोबार के अंत में ब्रेंट क्रूड 3.36 प्रतिशत की तेजी के साथ 101.21 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ।
छह महीने के ब्रेंट फ्यूचर्स में कितना बदलाव आया है?
छह महीने के ब्रेंट फ्यूचर्स में 1.55 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 86.09 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया।
इस भू-राजनीतिक स्थिति के संबंध में व्हाइट हाउस के सलाहकारों ने क्या अनुमान लगाया है?
सलाहकारों ने आशंका जताई है कि यह युद्ध राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पूरे कार्यकाल के दौरान भी चल सकता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR