अमेरिका की धरती पर भारतीय प्रवासियों ने अपनी मेहनत और सफलता के दम पर एक और नया इतिहास लिखा है। भारत के साधारण शिक्षण संस्थानों से पढ़ाई शुरू कर टेक जगत में बड़ा मुकाम हासिल करने वाले भारतीय इंजीनियर कपल विकास सिन्हा और अनुराधा सिन्हा ने अपनी दरियादिली का अनूठा उदाहरण पेश किया है। इस जोड़े ने यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ टेक्सास को 2 करोड़ डॉलर यानी करीब 190 करोड़ रुपये की ऐतिहासिक सहायता राशि सौंपी है। इस भारी-भरकम फंड की मदद से इस प्रतिष्ठित अमेरिकी यूनिवर्सिटी में अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एडवांस्ड एनालिटिक्स को समर्पित एक नए कॉलेज की स्थापना की जाएगी।
साधारण पढ़ाई से लेकर टेक इंडस्ट्री के शिखर तक का सफर
विकास सिन्हा और अनुराधा सिन्हा की शुरुआती शिक्षा भारत में ही पूरी हुई थी। दोनों ने आंध्र प्रदेश के प्रसिद्ध श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से सिविल इंजीनियरिंग में अपनी बीटेक की डिग्री पूरी की थी। इसके बाद बेहतर उच्च शिक्षा की तलाश में वे अमेरिका चले गए, जहां उन्होंने फ्लोरिडा अटलांटिक यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की। अपनी पढ़ाई को आगे बढ़ाते हुए विकास ने नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी से भी शिक्षा प्राप्त की और साल 2023 में यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ टेक्सास से अपनी पीएचडी की डिग्री पूरी की। वर्तमान समय में विकास सिन्हा तकनीकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी ब्रॉडकॉम के मेनफ्रेम सॉफ्टवेयर डिवीजन में वाइस प्रेसिडेंट के पद पर कार्यरत हैं।
प्रवासियों की भूमिका पर विकास सिन्हा का बड़ा बयान
इस ऐतिहासिक और बड़े दान के अवसर पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए विकास सिन्हा ने शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ने ही उनके जीवन में सफलता के सभी रास्ते खोले थे और वे चाहते हैं कि आने वाले अन्य छात्रों को भी ऐसे ही सुनहरे अवसर मिल सकें। उन्होंने गर्व से कहा कि यह उपहार उनके लिए केवल एक साधारण दान नहीं है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि प्रवासी लोग अमेरिका आकर केवल अमेरिकन ड्रीम का हिस्सा नहीं बनते, बल्कि उस सपने को अपने श्रम से गढ़ते और बनाते भी हैं।
दो प्रमुख डिवीजनों में काम करेगा नया एआई कॉलेज
यूनिवर्सिटी में स्थापित होने वाला यह नया कॉलेज मुख्य रूप से दो विशेष डिवीजनों के अंतर्गत संचालित होगा। पहला हिस्सा डिवीजन ऑफ एप्लाइड इंटेलिजेंस एंड इंफॉर्मेटिक्स के नाम से होगा, जो स्मार्ट और इंटेलिजेंट सिस्टम्स को हमारी व्यावहारिक दुनिया में लागू करने पर पूरा ध्यान केंद्रित करेगा। दूसरा हिस्सा डिवीजन ऑफ इंफॉर्मेशन एंड लर्निंग एप्लीकेशन्स होगा, जो यह समझने का प्रयास करेगा कि इंसान, समाज और विभिन्न संस्थाएं किस तरह से एआई तकनीक का उपयोग करती हैं। इस पूरी पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों को केवल एआई का साधारण यूजर तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि उन्हें इस तकनीक को खुद तैयार करने, उसकी गहराई को समझने, उस पर सवाल उठाने और उसे जिम्मेदारी के साथ नियंत्रित करने के योग्य बनाना है।
स्कॉलरशिप और रिसर्च के लिए बनेंगे परमानेंट एंडोमेंट फंड
सिन्हा दंपत्ति द्वारा दिए गए इस 190 करोड़ रुपये के बड़े योगदान से कुल 6 परमानेंट एंडोमेंट फंड तैयार किए जाएंगे। इन फंड्स का उपयोग मेधावी और जरूरतमंद छात्रों के लिए स्कॉलरशिप प्रदान करने, प्रोफेसरशिप बढ़ाने, एडवांस्ड रिसर्च को बढ़ावा देने तथा टेक्नोलॉजी इनक्यूबेशन के कार्यों में किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, यूनिवर्सिटी के कैंपस में एक अप्लाइड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डेटा साइंस इंस्टीट्यूट भी बनाया जाएगा, जो सीधे तौर पर यूनिवर्सिटी के शोध कार्यों को ग्लोबल टेक इंडस्ट्री के साथ जोड़ेगा।
पहले भी दे चुके हैं यूनिवर्सिटी को कई बड़े फंड
विकास और अनुराधा सिन्हा का यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ टेक्सास के साथ जुड़ाव काफी पुराना और गहरा रहा है। इससे पहले साल 2024 में इस कपल ने अनुराधा और विकास सिन्हा डिपार्टमेंट ऑफ डेटा साइंस की शुरुआत करने के वास्ते एक बड़ा फंड दिया था। इसके बाद साल 2025 में उन्होंने सिन्हा इनोवेशन लैब फॉर डेटा साइंस की स्थापना में भी महत्वपूर्ण आर्थिक सहयोग किया था। अब साल 2026 में दिया गया यह 20 मिलियन डॉलर का रिकॉर्ड दान शिक्षा और शोध के क्षेत्र में किसी भी भारतीय प्रवासी द्वारा दिए गए सबसे बड़े और ऐतिहासिक योगदानों में से एक बन गया है।



















