तुर्की के केंद्रीय बैंक यानी टीसीबीआर को लेकर बाजार की निगाहें टिकी हुई हैं, जहां जानकारों का मानना है कि नीतिगत ब्याज दरों को फिलहाल ३७% पर ही बरकरार रखा जाएगा। बैंक द्वारा हाल ही में साप्ताहिक रेपो नीलामियों को दोबारा शुरू किए जाने और प्रभावी फंडिंग दरों को ४०% से घटाकर नीतिगत स्तर पर लाने के बाद, यह कदम बहुत जल्दबाजी भरा माना जा रहा है कि तुरंत दरों में ढील दी जाए। तरलता की स्थिति में सुधार के साथ ही बाजार का रुख अधिक नरम होता दिखाई दे रहा है और यह साल के अंत तक के अनुमानों के करीब पहुंच रहा है।
साल के अंत तक ब्याज दरों का अनुमान
बाजार के मौजूदा रुझानों को देखते हुए यह उम्मीद जताई जा रही है कि साल के अंत तक टीसीबीआर की दरें घटकर ३४.५०% तक आ सकती हैं। हालांकि, अगले साल दरों में कटौती की संभावनाओं को लेकर अभी भी निवेशकों और विश्लेषकों के बीच संशय बना हुआ है और बाजार में केवल १०० आधार अंकों की कटौती का ही अनुमान लगाया जा रहा है। यदि मंदी और मुद्रास्फीति में लगातार गिरावट का सिलसिला जारी रहता है, तो इस मोर्चे पर बाजार के रुख में और अधिक नरमी देखने को मिल सकती है।
विदेशी मुद्रा बाजार और कैरी ट्रेड की स्थिति
विदेशी मुद्रा विनिमय के मोर्चे पर स्थिति मोटे तौर पर स्थिर बनी हुई है और इसमें कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है। अमेरिका और ईरान के बीच हुए संघर्ष से पहले की स्थिति की तुलना में लंबी अवधि की टीआरवाई पोजीशन वापस उसी स्तर पर लौट आई है,尽管 तुर्की के केंद्रीय बैंक का अगस्त का रुख नरम रहा है और भविष्य में दरों में और ढील मिलने की संभावना भी जताई गई है। इसके साथ ही, केंद्रीय बैंक के विदेशी मुद्रा भंडारों में लगातार हो रहे सुधार से निवेशकों की मांग को समर्थन मिल रहा है, जिससे लीरा कैरी ट्रेड को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
विदेशी मुद्रा जोड़े और वैश्विक बाजार का रुख
विश्लेषकों ने इस साल के अंत तक यूएसडी/टीआरवाई विनिमय दर ५२ और अगले साल के अंत तक ६३ रहने का अनुमान व्यक्त किया है। इसके अलावा, एशियाई सत्र के दौरान अन्य मुद्रा जोड़ों और परिसंपत्तियों में भी हलचल देखने को मिल रही है, जहां ऑस्ट्रेलियन डॉलर से लेकर जापानी येन और सोने की कीमतों तक में वैश्विक संकेतों और अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़ों का असर साफ तौर पर महसूस किया जा रहा है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अन्य प्रमुख मुद्राओं की चाल पर भी निवेशकों की पैनी नजर बनी हुई है।
सोने और अन्य संपत्तियों में उतार-चढ़ाव
वैश्विक बाजारों में सोने की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव का दौर जारी है, जहां अमेरिकी मुद्रास्फीति के आगामी आंकड़ों से पहले निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। अमेरिकी उत्पादक मूल्य सूचकांक और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़े आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। इसके अलावा, विकेंद्रीकृत एक्सचेंजों और अन्य डिजिटल संपत्तियों में भी नेटवर्क गतिविधियों में तेजी और नए टोकन लॉन्च होने से सकारात्मक रुझान देखने को मिल रहा है, जो निवेशकों का ध्यान आकर्षित कर रहा है।
यूरोपीय केंद्रीय बैंक के नीतिगत निर्णय
यूरोपीय केंद्रीय बैंक द्वारा मुख्य पुनर्वित्त संचालन और जमा सुविधा पर ब्याज दरों में २५ आधार अंकों की वृद्धि करके उन्हें क्रमशः २.६५% और २.५०% तक पहुंचाए जाने की उम्मीद है। बैंक की तरफ से इन महत्वपूर्ण फैसलों की घोषणा निर्धारित समय पर की जाएगी, जिसका असर वैश्विक वित्तीय बाजारों और मुद्रा विनिमय दरों पर पड़ना तय माना जा रहा है। निवेशक इन तमाम वैश्विक आर्थिक गतिविधियों और केंद्रीय बैंकों के कदमों को ध्यान में रखते हुए अपनी रणनीतियां बना रहे हैं।



















