चीन के कारखाने उम्मीद से कहीं ज्यादा मजबूती दिखा रहे हैं, लेकिन नए व्यापार अवरोधों की लगातार बढ़ती दीवार आने वाले महीनों में देश के निर्यात पर भारी पड़ सकती है। जून के प्राइवेट सेक्टर मैन्युफैक्चरिंग PMI के ताजा आंकड़े इसी दोहरी तस्वीर की ओर इशारा करते हैं, जहां उत्पादन का दम तो बना हुआ है, पर आगे का रास्ता आसान नहीं दिख रहा।
PMI ने रखी करीब छह साल की सबसे मजबूत तिमाही की नींव
जून में प्राइवेट सेक्टर मैन्युफैक्चरिंग PMI 51.7 पर दर्ज हुआ। यह तीन महीने का सबसे निचला स्तर है और पिछले 51.8 के मुकाबले हल्का फिसला है, फिर भी यह 51.5 के अनुमान से थोड़ा ऊपर निकला। इस आंकड़े के साथ ही सेक्टर ने करीब छह साल की अपनी सबसे मजबूत तिमाही पूरी कर ली।
कॉमर्जबैंक के मुताबिक ये नतीजे इस बात की पुष्टि करते हैं कि निर्यात के दम पर चलने वाला औद्योगिक क्षेत्र अपनी रफ्तार बनाए हुए है, भले ही व्यापक अर्थव्यवस्था में ढांचागत कमजोरियां मौजूद हों। यानी बाहरी मांग अब भी कारखानों को सहारा दे रही है, जबकि घरेलू मोर्चे पर चुनौतियां कायम हैं।
व्यापार तनाव से दूसरी छमाही पर बढ़ता जोखिम
कॉमर्जबैंक ने चेताया है कि बाहरी व्यापार टकराव के लगातार जमा होते दबाव से साल की दूसरी छमाही में निर्यात की रफ्तार पर नए जोखिम पैदा हो रहे हैं। इसकी बड़ी वजह यूरोपीय संघ के हालिया कदम हैं, जिनमें चीन से आने वाले स्टील आयात और छोटे पार्सल वाली ई-कॉमर्स खेप को निशाना बनाया गया है। इन उपायों से निर्यातकों की राह और कठिन हो सकती है।
करेंसी बाजार में डॉलर पर दबाव
गुरुवार को GBP/USD 1.3300 की बाधा से काफी ऊपर कारोबार करता दिखा, क्योंकि जून की उम्मीद से कमजोर अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल (NFP) रिपोर्ट के बाद डॉलर पर फिर से बिकवाली का दबाव आ गया। पाउंड कई दिनों से जारी अपनी रिकवरी को आगे बढ़ाते हुए जल्द ही 1.3400 को चुनौती देने की ओर बढ़ता नजर आया।
वहीं EUR/USD ने लगातार दो दिन की गिरावट को पीछे छोड़ते हुए गुरुवार को करीब 1.1470 के कई दिनों के उच्च स्तर तक छलांग लगाई और जून से जारी तीखी गिरावट की कुछ भरपाई की। इस उछाल के पीछे डॉलर में आई तेज गिरावट है, जिसे जून के निराशाजनक पेरोल आंकड़ों और USD/JPY में तेज बिकवाली ने हवा दी। शुक्रवार को स्वतंत्रता दिवस की छुट्टी के चलते अमेरिकी बाजार बंद रहेंगे।
सोने में चमक बरकरार
गुरुवार को सोने ने अपनी तेजी जारी रखी और प्रति ट्रॉय औंस 4,100 डॉलर के स्तर को पार करते हुए एक हफ्ते के अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। कमजोर अमेरिकी NFP आंकड़ों के बाद डॉलर के लुढ़कने से इस कीमती धातु में यह तेज उछाल देखने को मिला।
फेड के अगले कदम पर सस्पेंस
वित्तीय बाजार सिंत्रा पहुंचे थे इस उम्मीद में कि यहां से फेडरल रिजर्व (फेड) के अगले कदम को लेकर कुछ संकेत मिलेंगे। लेकिन वे ज्यादातर इसी पुष्टि के साथ लौटे कि फेड चेयर केविन वॉर्श इन संकेतों को और मुश्किल से पकड़ में आने वाला बनाने के इरादे में हैं। यानी नीति की दिशा को लेकर अनिश्चितता फिलहाल बनी रहेगी।













