झारखंड में लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन आयोग की भर्ती परीक्षाओं को लेकर जारी आंदोलन के बीच रविवार को एक नया घटनाक्रम देखने को मिला। अभिनेत्री कुनिका सदानंद अचानक रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचीं, जहां कई दिनों से अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं। प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर उन्होंने अनशनकारी छात्रों से बातचीत की, उनकी समस्याएं सुनीं और राज्य सरकार से युवाओं के भविष्य के प्रति गंभीर होने का आग्रह किया।
कुनिका सदानंद की सरकार से पारदर्शी रवैये की अपील
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलनरत युवाओं को संबोधित करते हुए कुनिका सदानंद ने कहा कि सरकार को इस पूरे मामले में जवाबदेही तय करनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि रोजगार का अवसर मांगना युवाओं का संवैधानिक अधिकार है और प्रशासन को उनकी आवाज सुननी चाहिए। सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर शेयर वीडियो में उन्होंने कहा, "सरकार से मेरा संदेश है कि कृपया पारदर्शी और जवाबदेह बनें और इन बच्चों की बात सुनें।"
बातचीत के दौरान उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों को यह भी सलाह दी कि वर्षों पुरानी प्रशासनिक समस्याओं का समाधान अचानक नहीं हो सकता, इसलिए उन्हें सरकार को थोड़ा समय देना चाहिए। हालांकि, उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि छात्र सरकार की ओर से मौखिक वादों के बजाय लिखित आश्वासन प्राप्त करें, ताकि भविष्य में उनकी मांगों पर ठोस और प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
भूख हड़ताल पर बैठे अभ्यर्थियों की बिगड़ी तबीयत
स्टेडियम में जारी इस आंदोलन में कई छात्र लगातार भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। प्रदर्शनकारी छात्र प्रेम नायक ने बताया कि उनका यह आंदोलन 23वें दिन में प्रवेश कर चुका है, जबकि वे खुद पिछले 13 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। उन्होंने अपनी सेहत पर चिंता जताते हुए कहा कि उन्हें तेज बुखार है और शारीरिक स्थिति दिन-ब-दिन खराब हो रही है।
प्रेम नायक ने आरोप लगाया कि प्रशासन आंदोलनकारियों के प्रति असंवेदनशील बना हुआ है। उन्होंने दावा किया कि आंदोलन से जुड़े एक अन्य प्रमुख अभ्यर्थी देवेंद्र नाथ महतो को तबीयत खराब होने पर इलाज के लिए ले जाया गया था, लेकिन अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उन्हें दोबारा धरना स्थल पर शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई।
20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के घेराव का ऐलान
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थी लंबे समय से आक्रोशित हैं। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में पूरे परीक्षा चक्र की CBI जांच कराना शामिल है। अपनी मांगों को पुरजोर तरीके से उठाने के लिए छात्रों ने 15 अगस्त को एक विशाल तिरंगा यात्रा भी निकाली थी।
आंदोलन को और तीव्र करते हुए छात्रों ने घोषणा की है कि वे 20 अगस्त को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सरकारी आवास का घेराव करेंगे। अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता न बरतने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री के इस्तीफे और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।


















