अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त सुस्ती देखने को मिल रही है, जिसकी मुख्य वजह मिडिल-ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का घटना है। सोमवार के शुरुआती कारोबार में क्रूड ऑयल के दाम करीब 7 प्रतिशत तक लुढ़ककर 83 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक फिसल गए, हालांकि बाद में इनमें कुछ आंशिक रिकवरी भी दर्ज की गई। इस नरमी की पीछे की वजह यह है कि अमेरिका ने लगातार दूसरी रात भी तेहरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाइयों को रोककर रखा, जिससे ऊर्जा बाजार में सप्लाई को लेकर बनी अनिश्चितता कुछ हद तक कम हुई है।
शुक्रवार की रात से थमी सैन्य कार्रवाई
केडिया एडवायजरी के डायरेक्टर अजय केडिया ने इस स्थिति पर बात करते हुए बताया कि अमेरिका ने शुक्रवार की रात से ही ईरान के खिलाफ हमले रोक दिए थे। इस फैसले के पीछे मुख्य वजह यह रही कि ईरान ने अपनी तरफ से जवाबी सैन्य कार्रवाई पर विराम लगा दिया था और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के अहम मुद्दों को सुलझाने के लिए ओमान के माध्यम से बातचीत की पहल शुरू कर दी थी, जिसके बाद अमेरिका ने भी तेहरान पर हमले टाल दिए। हालांकि, इसके बावजूद क्षेत्रीय तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, क्योंकि ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के जिजान और यानबू बंदरगाहों पर स्थित सऊदी अरामको की एनर्जी फैसिलिटी को निशाना बनाने का दावा किया है, जो इस भू-राजनीतिक क्षेत्र में बने लगातार जोखिमों को दर्शाता है।
महीनेभर के स्तर पर अभी भी ऊंचे बने हैं दाम
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सोमवार को आई इस बड़ी गिरावट के बावजूद इस पूरे महीने कच्चे तेल के भाव अपनी सामान्य स्थिति से लगभग 40 प्रतिशत ज्यादा ऊंचे बने हुए हैं। इसका कारण यह है कि सप्लाई चेन में पैदा हुई रुकावटें केवल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज तक सीमित नहीं हैं बल्कि लाल सागर के उन तमाम रास्तों तक फैल चुकी हैं जो सऊदी अरब के पेट्रोलियम निर्यात के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
विभिन्न क्रूड बेंचमार्क का मौजूदा कारोबार
प्रमुख ऊर्जा ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म oilprice.com के आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार को सुबह साढ़े आठ बजे WTI Crude के दाम 4.21 प्रतिशत की बड़ी कमजोरी के साथ 85.55 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करते दिखे। इसी तरह, Brent Crude की कीमतें भी 3.84 प्रतिशत घटकर 93.06 डॉलर प्रति बैरल पर आ गईं। इसके अलावा, Murban Crude के भावों में सबसे बड़ी 9.44 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई और यह 97.05 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर ट्रेड कर रहा था।
डब्लूटीआई, ब्रेंट और मूरबन क्रूड में क्या है अंतर
कच्चे तेल के ये तीनों ही बेंचमार्क वैश्विक बाजार में कारोबार के लिए मुख्य आधार हैं। हालांकि ये तीनों क्रूड ऑयल ही हैं, लेकिन इनकी भौगोलिक उत्पत्ति, गुणवत्ता और लक्षित बाजार एक-दूसरे से काफी अलग हैं। WTI (वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट) का उत्पादन अमेरिका में होता है, जो ब्रेंट क्रूड की तुलना में अधिक हल्का और शुद्ध माना जाता है और इसका मुख्य बाजार अमेरिकी क्षेत्र है। वहीं, Brent Crude उत्तरी सागर से निकाला जाता है, जिसकी पहुंच मुख्य रूप से यूरोपीय, अफ्रीकी और एशियाई बाजारों तक है। इसके उलट, Murban Crude अबू धाबी में उत्पादित होता है और यह सबसे हल्का क्रूड ऑयल है, जिसका मुख्य कार्यक्षेत्र एशिया और मिडिल-ईस्ट के देश हैं।



















