भारतीय शेयर बाजार में बीते कारोबारी हफ्ते के दौरान शानदार तेजी दर्ज की गई, जिसका सीधा फायदा देश की सबसे बड़ी सूचीबद्ध कंपनियों और उनमें पूंजी लगाने वाले निवेशकों को मिला। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के संवेदी सूचकांक सेंसेक्स की शीर्ष 10 दिग्गज कंपनियों में से नौ के कुल बाजार मूल्यांकन में 3.65 लाख करोड़ रुपये की भारी बढ़ोतरी देखी गई। पूरे सप्ताह के दौरान घरेलू बाजारों में लिवाली का मजबूत रुख बना रहा, जिससे ज्यादातर प्रमुख कंपनियों के शेयरों में अच्छा आकर्षण दिखाई दिया। केवल एक दिग्गज कंपनी ऐसी रही जिसके मूल्यांकन में गिरावट दर्ज की गई, जबकि बाकी सभी नौ कंपनियों के निवेशक मालामाल रहे।
प्रमुख सूचकांकों ने दिखाई तीन प्रतिशत से ज्यादा की छलांग
सप्ताह के कारोबारी आंकड़ों पर नजर डालें तो बेंचमार्क सूचकांकों ने दमदार प्रदर्शन किया। बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 2,256.94 अंक यानी 3.11 प्रतिशत की जबर्दस्त बढ़त हासिल करते हुए बंद हुआ। दूसरी ओर, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला निफ्टी इंडेक्स भी पीछे नहीं रहा और उसमें 625.7 अंक यानी 2.77 प्रतिशत का शानदार उछाल दर्ज किया गया। इन दोनों प्रमुख सूचकांकों की तेजी ने बाजार के समग्र माहौल को सकारात्मक बनाए रखा और बड़ी कंपनियों के पूंजीकरण में इस उछाल का मार्ग प्रशस्त किया। आमतौर पर जब किसी कंपनी के बाजार पूंजीकरण में वृद्धि होती है, तो उसके शेयरधारकों की संपत्ति में भी आनुपातिक बढ़ोतरी होती है, जबकि पूंजीकरण घटने पर निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ता है।
मुनाफा कमाने में आईटी और टेलीकॉम दिग्गज रहे सबसे आगे
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान जिन नौ कंपनियों की संपत्ति बढ़ी, उनमें सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज यानी टीसीएस सबसे आगे रही। टाटा समूह की इस प्रमुख आईटी फर्म के बाजार पूंजीकरण में सबसे अधिक 1,08,542.63 करोड़ रुपये का जबर्दस्त इजाफा हुआ। इस शानदार उछाल के बाद कंपनी की कुल बाजार हैसियत बढ़कर 8,91,134.96 करोड़ रुपये पर पहुंच गई।
दूरसंचार क्षेत्र की दिग्गज भारती एयरटेल ने भी शेयरधारकों को तगड़ा रिटर्न दिया। कंपनी के मूल्यांकन में 61,406.53 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई, जिसके बाद उसका कुल बाजार पूंजीकरण 11,88,815.45 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इन्फोसिस ने भी बाजार की इस तेजी का भरपूर लाभ उठाया। इन्फोसिस की बाजार हैसियत 55,893.05 करोड़ रुपये बढ़कर 4,71,409.41 करोड़ रुपये दर्ज की गई। वहीं, ऊर्जा और खुदरा कारोबार से जुड़ी देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के मूल्यांकन में भी 53,047.56 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई, जिससे उसका कुल बाजार मूल्य 16,37,437.19 करोड़ रुपये हो गया।
बैंकिंग और वित्तीय कंपनियों की भी रही मजबूत भागीदारी
बाजार की इस तेजी में निजी और सरकारी दोनों ही तरह के वित्तीय संस्थानों ने सक्रिय भूमिका निभाई। निजी क्षेत्र के सबसे बड़े ऋणदाता एचडीएफसी बैंक का बाजार पूंजीकरण 32,379.05 करोड़ रुपये की छलांग लगाकर 11,22,628.07 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसी तरह, आईसीआईसीआई बैंक के मूल्यांकन में 30,769.95 करोड़ रुपये का सुधार हुआ और इसका कुल बाजार पूंजीकरण 10,02,871.44 करोड़ रुपये हो गया।
गैर-बैंकिंग वित्तीय क्षेत्र में सक्रिय बजाज फाइनेंस की बाजार हैसियत 14,786.65 करोड़ रुपये बढ़कर 6,11,326.72 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई। देश की सबसे बड़ी बीमा प्रदाता भारतीय जीवन बीमा निगम यानी एलआईसी के पूंजीकरण में 4933.50 करोड़ रुपये का इजाफा देखा गया, जिससे इसका मूल्यांकन 5,02,204.82 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक यानी एसबीआई की संपत्ति में 3323.07 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की गई और इसका कुल बाजार पूंजीकरण 8,87,722.84 करोड़ रुपये पर बंद हुआ।
लार्सन एंड टुब्रो को छोड़ बाकी सभी फायदे में
सेंसेक्स की शीर्ष 10 कंपनियों में बुनियादी ढांचा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी लार्सन एंड टुब्रो एकमात्र ऐसी कंपनी रही, जिसके मूल्य में गिरावट आई। समीक्षाधीन सप्ताह में एलएंडटी का बाजार पूंजीकरण 9232.26 करोड़ रुपये घट गया, जिससे इसकी कुल बाजार हैसियत घटकर 4,99,725.06 करोड़ रुपये रह गई।
सेंसेक्स की शीर्ष 10 कंपनियों की ताजा रैंकिंग
मूल्यांकन के आधार पर देश की सबसे बड़ी कंपनियों की सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर मजबूती से कायम है। इसके बाद दूसरे पायदान पर भारती एयरटेल और तीसरे स्थान पर एचडीएफसी बैंक काबिज है। चौथे स्थान पर आईसीआईसीआई बैंक और पांचवें स्थान पर टीसीएस मौजूद है। छठे स्थान पर भारतीय स्टेट बैंक, सातवें पर बजाज फाइनेंस, आठवें पर भारतीय जीवन बीमा निगम, नौवें पर लार्सन एंड टुब्रो और दसवें पायदान पर इन्फोसिस स्थित है।



















