देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक, एचडीएफसी बैंक ने 30 सितंबर 2026 को समाप्त हुई चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के वित्तीय परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस अवधि के दौरान बैंक का एकल शुद्ध लाभ 4.7 प्रतिशत की वार्षिक बढ़त के साथ 19,510 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले मुनाफे में यह उछाल ट्रेजरी आय में नरमी और प्रावधानों में वृद्धि के बीच दर्ज किया गया। ट्रेजरी ट्रेडिंग लाभ को छोड़कर बैंक का कर पश्चात लाभ 30 सितंबर 2025 को समाप्त हुई तिमाही के मुकाबले लगभग 12.6 प्रतिशत बढ़ा है।
शुद्ध ब्याज आय और कुल राजस्व में दर्ज हुआ इजाफा
बैंक की मुख्य आय यानी शुद्ध ब्याज आय में सालाना आधार पर 9.7 प्रतिशत की मजबूती देखी गई है। 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही में यह आंकड़ा बढ़कर 34,620 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 31,550 करोड़ रुपये था। बैंक का शुद्ध ब्याज मार्जिन कुल परिसंपत्तियों पर 3.16 प्रतिशत रहा, जबकि ब्याज अर्जित करने वाली परिसंपत्तियों पर यह मार्जिन 3.32 प्रतिशत दर्ज किया गया।
बैंक के कुल राजस्व में भी इजाफा दर्ज किया गया है। वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में बैंक का कुल राजस्व बढ़कर 48,450 करोड़ रुपये हो गया, जो वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में 45,900 करोड़ रुपये था। वहीं गैर-ब्याज राजस्व यानी अन्य आय 30 सितंबर 2026 को समाप्त हुई तिमाही के दौरान 13,830 करोड़ रुपये रही।
प्रावधानों में वृद्धि और परिसंपत्ति गुणवत्ता की स्थिति
समीक्षाधीन तिमाही के दौरान बैंक द्वारा फंसे कर्जों और अन्य आकस्मिक खर्चों के लिए किए जाने वाले प्रावधानों में तिमाही आधार पर 18.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह प्रावधान पिछली तिमाही के 3,010 करोड़ रुपये से बढ़कर 3,574 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के 3,501 करोड़ रुपये के मुकाबले इसमें 2.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही के लिए बैंक का कुल क्रेडिट कॉस्ट अनुपात 0.44 प्रतिशत रहा।
बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार देखने को मिला है। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में बैंक का सकल एनपीए कुल ऋण का 1.11 प्रतिशत रहा, जो कृषि क्षेत्र के एनपीए को हटाकर 0.87 प्रतिशत बैठता है। इसकी तुलना में जून तिमाही में सकल एनपीए 1.17 प्रतिशत (कृषि क्षेत्र को छोड़कर 0.91 प्रतिशत) और पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 1.24 प्रतिशत (कृषि क्षेत्र को छोड़कर 0.99 प्रतिशत) था। 30 सितंबर 2026 तक बैंक का शुद्ध एनपीए कुल शुद्ध ऋण का 0.37 प्रतिशत दर्ज किया गया।
जमा पूंजी और ऋण वितरण में दोहरे अंकों की वृद्धि
सितंबर 2026 की तिमाही के दौरान बैंक की औसत जमा पूंजी 31,66,400 करोड़ रुपये रही। इसमें सितंबर 2025 तिमाही के 27,10,500 करोड़ रुपये की तुलना में 16.8 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि हुई, जबकि जून 2026 तिमाही के 30,11,500 करोड़ रुपये के मुकाबले यह 5.1 प्रतिशत की क्रमिक वृद्धि दर्शाती है।
30 सितंबर 2026 तक बैंक का कुल सकल ऋण 32,19,500 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जिसमें 30 सितंबर 2025 के मुकाबले 16.3 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। बैंक के प्रबंधन अधीन अग्रिम में 15.3 प्रतिशत का विस्तार हुआ। विभिन्न क्षेत्रों में ऋण वितरण को देखें तो खुदरा ऋण में 11.7 प्रतिशत, सूक्ष्म और मध्यम उद्यम ऋण में 23.5 प्रतिशत और कॉर्पोरेट व अन्य थोक ऋण में 16.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। कुल ऋण पोर्टफोलियो में विदेशी ऋण की हिस्सेदारी 3.3 प्रतिशत रही।
पूंजी पर्याप्तता अनुपात और शाखा नेटवर्क का विस्तार
बासेल 3 नियमों के तहत बैंक का कुल पूंजी पर्याप्तता अनुपात दूसरी तिमाही में 18.9 प्रतिशत रहा, जो नियामक आवश्यकता के 11.9 प्रतिशत से कहीं अधिक है। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह अनुपात 20.0 प्रतिशत था। टियर 1 पूंजी अनुपात 17.2 प्रतिशत और कॉमन इक्विटी टियर 1 अनुपात 17.1 प्रतिशत पर रहा। 30 सितंबर 2026 तक बैंक की जोखिम-भारित परिसंपत्तियां 31,79,300 करोड़ रुपये थीं।
शाखाओं और एटीएम नेटवर्क की बात करें तो 30 सितंबर 2026 तक एचडीएफसी बैंक का भौतिक नेटवर्क 4,177 शहरों और कस्बों में 9,706 शाखाओं और 20,881 एटीएम तक पहुंच चुका है।
शेयर बाजार और एडीआर पर कैसा रहा असर
नतीजों की घोषणा से पहले बीएसई पर एचडीएफसी बैंक का शेयर 728.10 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुआ था, जिससे बैंक का बाजार पूंजीकरण 11,22,628.07 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। 12 से 16 अक्टूबर के कारोबारी सप्ताह के दौरान शेयर में 2.50 प्रतिशत की बढ़त रही, हालांकि इस साल अब तक शेयर में 26.5 प्रतिशत की गिरावट आई है। न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज पर बैंक का अमेरिकी डिपॉजिटरी रिसीट्स 1 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23.60 डॉलर पर बंद हुआ। घरेलू शेयर बाजार में 19 अक्टूबर 2026 को इन वित्तीय नतीजों पर प्रतिक्रिया देखने को मिलेगी।



















