घरेलू शेयर बाजार में लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में भारी गिरावट का रुख देखने को मिला। गुरुवार को पूरे दिन दलाल स्ट्रीट पर बिकवाली का दबाव बना रहा, जिससे प्रमुख सूचकांकों में तेज गिरावट आई। दुनिया भर के प्रमुख बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेतों और घरेलू स्तर पर हैवीवेट कंपनियों के शेयरों में मची चौतरफा बिकवाली ने सूचकांकों को नीचे खींचने का काम किया। बाजार में आई इस मंदी के चलते बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों के कुल मूल्यांकन में लगभग 5 लाख करोड़ रुपये की भारी कमी दर्ज की गई।
प्रमुख सूचकांकों ने गंवाए अपने अहम सपोर्ट स्तर
गुरुवार को कारोबार खत्म होने पर बीएसई का मानक सूचकांक सेंसेक्स 460.30 अंक यानी 0.62 प्रतिशत लुढ़ककर 73,249.39 के स्तर पर आ गया। ठीक इसी तरह एनएसई का निफ्टी 50 भी दबाव का सामना नहीं कर सका और 123.70 अंक अथवा 0.54 प्रतिशत टूटकर 22,687.65 पर बंद हुआ। इस तेज फिसलन के साथ ही निफ्टी ने अपना 22,700 का महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक और तकनीकी सपोर्ट स्तर भी खो दिया। सूचकांकों में आई इस लगातार गिरावट के चलते बीएसई में सूचीबद्ध सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन गिरकर 457 लाख करोड़ रुपये पर सिमट गया, जिसका सीधा असर निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा।
मीडिया, एफएमसीजी और आईटी सेक्टर में भारी गिरावट
सेक्टर के आधार पर अगर रुझान देखें, तो मीडिया, एफएमसीजी और तकनीकी शेयरों में सबसे अधिक बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी मीडिया इंडेक्स 2.35 प्रतिशत की सबसे तेज गिरावट के साथ 1,584.50 के स्तर पर बंद हुआ। इसके साथ ही दैनिक उपयोग की वस्तुएं बनाने वाली कंपनियों का एफएमसीजी इंडेक्स 1.41 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज कर 43,105.45 के स्तर पर आ गया। आईटी सेक्टर में भी बिकवाली का दबाव गहराया और सूचकांक 1.05 प्रतिशत कमजोर हुआ। अन्य प्रमुख सेक्टरों में ऑटोमोबाइल में 0.73 प्रतिशत, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.96 प्रतिशत, ऑयल एंड गैस में 0.86 प्रतिशत, केमिकल में 0.83 प्रतिशत और मेटल क्षेत्र में 0.52 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, इस नकारात्मक माहौल के बीच निफ्टी फार्मा 0.12 प्रतिशत, निफ्टी पीएसयू बैंक 0.07 प्रतिशत, हेल्थकेयर 0.05 प्रतिशत और सीमेंट इंडेक्स 0.04 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ हरे निशान में बंद होने में सफल रहे।
नेस्ले इंडिया और रिलायंस में गिरावट, बजाज फाइनेंस में तेजी
दिग्गज शेयरों की बात करें तो नेस्ले इंडिया के शेयरों में सबसे ज्यादा 2.78 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। इसके अलावा इटर्नल के शेयर 2.53 प्रतिशत, एचडीएफसी लाइफ 2.09 प्रतिशत, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स 2.07 प्रतिशत और रिलायंस इंडस्ट्रीज 2.03 प्रतिशत तक कमजोर हुए। बैंकिंग दिग्गज एचडीएफसी बैंक में 1.82 प्रतिशत, बीईएल में 1.80 प्रतिशत, अदाणी एंटरप्राइजेज में 1.72 प्रतिशत, ट्रेंट में 1.64 प्रतिशत, पावरग्रिड में 1.49 प्रतिशत, एशियन पेंट्स में 1.49 प्रतिशत और इंफोसिस में 1.25 प्रतिशत की नरमी रही। दूसरी तरफ, बजाज फाइनेंस के शेयरों में खरीदारों की सक्रियता दिखी और यह 1.74 प्रतिशत की तेजी लेकर 942.10 रुपये के भाव पर शीर्ष बढ़त बनाने वाला शेयर बना। इसके अतिरिक्त सिप्ला में 1.29 प्रतिशत, अल्ट्राटेक सीमेंट में 1.00 प्रतिशत, आईसीआईसीआई बैंक में 0.97 प्रतिशत, बजाज ऑटो में 0.82 प्रतिशत, सन फार्मा में 0.74 प्रतिशत और भारतीय स्टेट बैंक में 0.73 प्रतिशत का सुधार देखा गया।
ब्रॉडर मार्केट में मंदड़ियों का दबदबा बरकरार
बाजार की समग्र चौड़ाई यानी मार्केट ब्रेड्थ स्पष्ट रूप से बिकवालों के नियंत्रण में रही। सत्र के दौरान कुल 2,670 कंपनियों के शेयरों में नुकसान दर्ज किया गया, जबकि केवल 1,323 शेयर ही बढ़त हासिल कर सके। इसके अलावा 155 कंपनियों के शेयरों के भाव बिना किसी बदलाव के स्थिर रहे। लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप श्रेणी के शेयरों में भी निवेशकों का भरोसा डगमगाता दिखा। निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप सूचकांक दोनों ही 1-1 प्रतिशत के नुकसान के साथ बंद हुए। तीन कारोबारी दिनों से जारी इस लगातार गिरावट ने व्यापारियों और निवेशकों की आगामी सत्रों को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है।

















