रूस अपनी सरकारी डिजिटल करेंसी यानी डिजिटल रूबल को आम इस्तेमाल में लाने के बेहद करीब पहुंच गया है। बैंक ऑफ रूस की गवर्नर एल्विरा नबीउलीना ने इस हफ्ते कहा कि देश के बड़े बैंक और रिटेल कारोबारी 1 सितंबर की तय समयसीमा तक नागरिकों को डिजिटल रूबल इस्तेमाल करने की सुविधा देने के लिए तैयार हैं। यह जानकारी सरकारी मीडिया के हवाले से सामने आई है।
सेंट्रल बैंक फाइनेंशियल कॉन्फ्रेंस के दौरान एक ब्रीफिंग में नबीउलीना ने कहा, ‘‘डिजिटल रूबल के व्यापक इस्तेमाल के लिए सब कुछ तैयार है।’’
उन्होंने आगे कहा, ‘‘इसे स्वीकार करने के लिए व्यवस्था की दृष्टि से अहम बैंकों और बड़े रिटेलरों को इससे जुड़ना होगा। तकनीकी रूप से सब कुछ तैयार है, हमने इस चरण के लिए काफी तैयारी का काम किया है।’’
तीन साल की तैयारी का नतीजा
रूस की यह सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) योजना उस कदम के करीब तीन साल बाद अमल में आ रही है, जब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने डिजिटल रूबल को कानूनी मान्यता देने वाले विधेयक पर दस्तखत किए थे। पिछले साल जुलाई में रूसी संसद के निचले सदन स्टेट ड्यूमा ने एक कानून पारित किया था, जिसके तहत बड़े बैंकों को 1 सितंबर 2026 तक इस डिजिटल करेंसी को स्वीकार करने लायक तैयार होना है।
डिजिटल रूबल के अलावा रूस कारोबार के लिए स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट के इस्तेमाल पर भी विचार कर रहा है। स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट वही कोड होते हैं जो विकेंद्रीकृत ऐप्लिकेशन और ब्लॉकचेन पर आधारित दूसरी परियोजनाओं को चलाते हैं। गवर्नर के मुताबिक बैंक ऑफ रूस बैंकों की बैलेंस शीट पर डिजिटल वॉलेट खोलने का पायलट शुरू करने पर भी विचार कर रहा है।
नबीउलीना ने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि डिजिटल रूबल लोगों और कारोबारियों, दोनों की जरूरत बने और सुविधाजनक हो। और निश्चित तौर पर हम लगातार बैंकों के साथ इस पर चर्चा कर रहे हैं कि कौन सी सुविधाएं विकसित करनी हैं और कैसे करनी हैं।’’
आम लोगों में उत्साह की कमी
रूस के वित्तीय अधिकारी भले ही इस आने वाली डिजिटल करेंसी को लेकर उत्साहित हों, लेकिन अब तक यह जनता के बीच कोई खास दिलचस्पी नहीं जगा पाई है। एक सरकारी सर्वे एजेंसी के सर्वेक्षण में सामने आया कि रूसी नागरिकों को ‘‘समझ नहीं आ रहा कि नकद और गैर-नकद विकल्पों के अलावा उन्हें पैसे के तीसरे रूप की जरूरत क्यों है।’’
इसके बावजूद सेंट्रल बैंक दूसरे बैंकों को इसमें शामिल होने के लिए लुभाने की कोशिश करेगा। इसके लिए वह पूरी हो चुकी हर भुगतान पर करीब 0.67 रूबल (एक सेंट से भी कम) का छोटा-सा कमीशन देगा।
अमेरिका में CBDC पर बवाल
सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (या ‘‘डिजिटल डॉलर’’) को अपनाना अमेरिका में एक विवादित मुद्दा है। कुछ सांसद और क्रिप्टो समर्थक चेतावनी देते हैं कि इससे लोगों की वित्तीय गतिविधियों पर गहरी निगरानी संभव हो सकती है। इसी साल की शुरुआत में अमेरिकी सीनेट ने एक विधेयक को आगे बढ़ाया था, जो अमेरिका में CBDC पर रोक लगाएगा।
पिछले महीने आवास से जुड़े एक व्यापक विधेयक में संशोधित मसौदा जोड़ा गया, जो 2030 तक अमेरिकी CBDC पर अस्थायी रोक लगाता। लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आखिरी वक्त पर यू-टर्न लेते हुए इस विधेयक पर दस्तखत करने से इनकार कर दिया। उन्होंने इसे ‘‘मामूली अहमियत’’ वाला बताया और मांग रखी कि सांसद पहले मतदान अधिकारों को सीमित करने वाले एक विवादित विधेयक को पारित करें।













