यूरोपीय सेंट्रल बैंक द्वारा अपनी नवीनतम मौद्रिक नीति घोषणा के तहत ब्याज दरों में बढ़ोतरी के फैसले के बाद विदेशी मुद्रा बाजार में यूरो को ब्रिटिश पाउंड के मुकाबले मामूली बढ़त मिली है। केंद्रीय बैंक ने अपनी प्रमुख जमा सुविधा दर को 25 आधार अंक यानी 0.25 प्रतिशत बढ़ाकर 2.50 प्रतिशत करने का निर्णय लिया है। यह इस वर्ष में यूरोपीय सेंट्रल बैंक द्वारा किया गया दूसरा दर वृद्धि कदम है। इस निर्णय के तुरंत बाद EUR/GBP मुद्रा जोड़ी में हल्का सकारात्मक रुझान दर्ज किया गया, हालांकि यह जोड़ी 0.8595 के स्तर के आसपास ही कारोबार करती नजर आई। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि केंद्रीय बैंक का यह कदम बड़े पैमाने पर पहले से ही प्रत्याशित था, जिसके कारण यूरो को मिलने वाला समर्थन सीमित रहा और मुद्रा जोड़ी पिछले एक सप्ताह से जारी अपने तंग दायरे से बाहर निकलने में विफल रही।
महंगाई दर के अनुमान और मध्य पूर्व तनाव का प्रभाव
यूरोपीय सेंट्रल बैंक के अनुसार मध्य पूर्व में जारी सैन्य और भू-राजनीतिक तनावों के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और ऊर्जा लागतों पर असर पड़ रहा है, जिससे मुद्रास्फीति का दबाव लगातार बना हुआ है। बैंक ने स्पष्ट किया है कि मुद्रास्फीति के लंबे समय तक उसके 2 प्रतिशत के लक्षित स्तर से ऊपर रहने की संभावना है। केंद्रीय बैंक द्वारा जारी ताजा आर्थिक अनुमानों के अनुसार, मुख्य मुद्रास्फीति दर वर्ष 2026 में औसतन 3.0 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। इसके बाद वर्ष 2027 में इसके घटकर 2.5 प्रतिशत और वर्ष 2028 में 2.1 प्रतिशत पर आने का अनुमान जताया गया है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि यूरोपीय अर्थव्यवस्था में मूल्य स्थिरता हासिल करने की प्रक्रिया काफी धीमी और चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती है।
क्रिस्टीन लागार्ड की नीतिगत टिप्पणी और भविष्य का दृष्टिकोण
दर वृद्धि की घोषणा के पश्चात यूरोपीय सेंट्रल बैंक की अध्यक्ष क्रिस्टीन लागार्ड ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। लागार्ड ने कहा कि यूरोज़ोन की अर्थव्यवस्था वैश्विक प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद मजबूती का प्रदर्शन कर रही है और अंतर्निहित मुद्रास्फीति के अधिकांश संकेतक व्यापक रूप से स्थिर बने हुए हैं। हालांकि, उन्होंने सचेत करते हुए कहा कि कम अवधि के मुद्रास्फीति अनुमान अभी भी ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं। ऊर्जा लागत में होने वाली बढ़ोतरी का असर धीरे-धीरे कोर मुद्रास्फीति और खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर पड़ सकता है।
क्रिस्टीन लागार्ड ने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्य मुद्रास्फीति वर्ष 2027 के अंत तक यूरोपीय सेंट्रल बैंक के 2 प्रतिशत के लक्ष्य पर वापस लौट आएगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अधिकांश दीर्घकालिक मुद्रास्फीति अनुमान 2 प्रतिशत के करीब ही बने हुए हैं। भविष्य के नीतिगत मार्ग के संबंध में अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि गवर्निंग काउंसिल ने आगामी बैठकों में ब्याज दरों की दिशा को लेकर कोई चर्चा नहीं की है। बैंक फिलहाल आगे की दरों के लिए किसी निश्चित रुख को अपनाने से बच रहा है और आने वाले आर्थिक आंकड़ों के आधार पर ही बैठक दर बैठक निर्णय लिया जाएगा।
बैंक ऑफ इंग्लैंड की रणनीति और ब्रिटिश बाजार का विश्लेषण
दूसरी ओर, ब्रिटिश पाउंड के संदर्भ में वित्तीय बाजारों का अनुमान है कि बैंक ऑफ इंग्लैंड आगामी सप्ताह होने वाली अपनी नीतिगत समीक्षा बैठक में ब्याज दरों को स्थिर रख सकता है। हालांकि, बाजार प्रतिभागी इस वर्ष के अंत में बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा मौद्रिक नीति को कड़ा किए जाने की संभावना से इंकार नहीं कर रहे हैं। स्कॉशियाबैंक के बाजार रणनीतिकारों के विश्लेषण के अनुसार, अल्पकालिक दर बाजार अगले गुरुवार को होने वाली बैंक ऑफ इंग्लैंड की बैठक में किसी भी दर समायोजन की बहुत कम संभावना मान रहा है।
हालांकि, स्कॉशियाबैंक का अनुमान है कि बाजार 5 नवंबर को होने वाली बैठक के लिए लगभग 17 बीपीएस की बढ़ोतरी और 17 दिसंबर तक कुल 32 बीपीएस की संचयी बढ़ोतरी को पहले से मानकर चल रहा है। इसके साथ ही विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि ब्रिटेन में अक्टूबर के अंत में पेश होने वाले वार्षिक बजट को लेकर वित्तीय जोखिम बना हुआ है। इसके अतिरिक्त, शुक्रवार को जारी होने वाले ब्रिटेन के व्यापार संतुलन और औद्योगिक उत्पादन के आंकड़ों से पहले बाजार में किसी बड़े आंकड़े की अनुपस्थिति बनी हुई है।
वैश्विक मुद्रा बाजार का हाल: AUD, JPY और सोने की चाल
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अन्य प्रमुख जोड़ियों में भी मिला-जुला रुझान देखने को मिला। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान AUD/USD जोड़ी 0.7200 के स्तर से ऊपर अपनी समेकन गति को बढ़ाती दिखी। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा दर वृद्धि की बढ़ती सट्टेबाजी ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को 14 मई के बाद के उच्चतम स्तर के करीब बनाए रखा। हालांकि, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख की उम्मीदों और अमेरिका-ईरान तनाव के कारण अमेरिकी डॉलर को समर्थन मिला, जिससे इस जोड़ी की तेजी सीमित रही।
दूसरी ओर, USD/JPY जोड़ी एशियाई सत्र में 153.50 से ऊपर स्थिर हुई, लेकिन सप्ताह की शुरुआत में दर्ज 7 महीने के निचले स्तर के करीब बनी रही। बैंक ऑफ जापान द्वारा नीति को सख्त करने की उम्मीदों से जापानी येन को सहारा मिला। वहीं, सोने की बात करें तो चालू सप्ताह में पीली धातु में अनिश्चितता का माहौल रहा और यह प्रति ट्रॉय औंस 4,400 डॉलर के प्रमुख स्तर से नीचे फिसल गई। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में मजबूती और अमेरिकी उत्पादक मूल्य सूचकांक के आंकड़ों के बाद अमेरिकी डॉलर के उबरने से सोने की कीमतों पर दबाव देखा गया।



















