वैश्विक वित्तीय बाजारों में जापानी येन की स्थिति को लेकर नए कयास लगाए जा रहे हैं। मुद्रा बाजार के जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर पर दबाव बढ़ सकता है और जोखिम येन के पक्ष में मजबूत होने की दिशा में झुक रहे हैं। हाल के दिनों में डॉलर और येन की विनिमय दर में जो गिरावट देखी जा रही थी, वह फिलहाल थम गई है। इसके बावजूद कि बैंक ऑफ जापान के एक नीति निर्माता का रुख काफी कड़ा रहा है, बाजार की उम्मीदों में कोई बहुत बड़ा बदलाव नहीं आया है क्योंकि निवेशक पहले से ही आगामी बैठकों में दरों में बढ़ोतरी की पूरी उम्मीद लगाए बैठे हैं।
ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें और नीतिगत लक्ष्य
बैंक ऑफ जापान के अधिकारी काजूयुकी मासु ने मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की प्रक्रिया को पूरा करने पर जोर दिया है। उनका स्पष्ट मानना है कि केंद्रीय बैंक को नीतिगत ब्याज दर को मौजूदा 1.00 फीसदी से और ऊपर ले जाना चाहिए ताकि यह तटस्थ ब्याज दर के अनुमानित दायरे यानी 1.10 फीसदी और 2.50 फीसदी के बीच ठोस रूप से आ सके। बाजार में पहले से ही 18 सितंबर को होने वाली बैठक में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी के साथ दरें 1.25 फीसदी तक पहुंचने का पूरा अनुमान लगाया जा चुका है। हालांकि जानकारों का यह भी कहना है कि जिस तरह से देश में महंगाई अपने लक्ष्य के करीब है और अर्थव्यवस्था अपनी क्षमता से ऊपर प्रदर्शन कर रही है, उसे देखते हुए 50 आधार अंकों की बड़ी बढ़ोतरी की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है।
व्यापक बाजार रुझान और अन्य प्रमुख मुद्राएं
दूसरी तरफ एशियाई सत्र के दौरान अन्य प्रमुख मुद्रा जोड़े भी महत्वपूर्ण बदलावों से गुजर रहे हैं। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.7200 के स्तर से ऊपर अपनी स्थिति बनाए हुए है, जिसे रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती उम्मीदों से समर्थन मिल रहा है। इसके साथ ही अमेरिकी फेडरल रिजर्व की कठोर नीतियों की उम्मीदें और अमेरिका तथा ईरान के बीच बढ़ते तनाव अमेरिकी डॉलर को जरूरी सहारा दे रहे हैं, जिससे डॉलर की बिकवाली का दबाव सीमित हो रहा है और व्यापारी आगामी अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। अमेरिकी डॉलर और येन का जोड़ा 153.50 के ऊपर स्थिर जरूर हुआ है, लेकिन यह इस हफ्ते के शुरुआत में बने सात महीने के निचले स्तर के काफी करीब बना हुआ है, क्योंकि बैंक ऑफ जापान के रुख का पुनर्मूल्यांकन येन को मजबूत बनाए हुए है।
कमोडिटी और क्रिप्टो बाजार की हलचल
कीमती धातुओं के बाजार में भी अमेरिकी मौद्रिक नीति के संकेतों का इंतजार किया जा रहा है। अमेरिकी सत्र की शुरुआत में सोने की कीमतों में कमजोरी जरूर आई, लेकिन निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी मौद्रिक नीति घोषणा से पहले महत्वपूर्ण आंकड़ों जैसे कि अगस्त के उत्पादक मूल्य सूचकांक और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर नजर टिकाए हुए हैं। वहीं दूसरी ओर डिजिटल परिसंपत्तियों और डीसेंट्रलाइज्ड एक्सचेंज के क्षेत्र में रेडियम ने मजबूत तेजी का रुख बनाए रखा है। नए टोकन लॉन्च के बीच इस प्लेटफॉर्म पर नेटवर्क गतिविधि और विकास में भारी उछाल देखा गया है, और तकनीकी दृष्टिकोण से येन और अन्य बाजारों के बीच निवेशकों का रुझान जोखिम भरी संपत्तियों की तरफ भी बना हुआ है।



















