अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में गुरुवार को अमेरिकी डॉलर ने जोरदार वापसी की, जिसके चलते जापानी येन के मुकाबले डॉलर की विनिमय दर में 0.40 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। यूएस डॉलर और जापानी येन की विनिमय दर बढ़कर 154.15 के स्तर तक पहुंच गई। अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जारी हुए हालिया आंकड़ों ने यह संकेत दिया है कि देश में उत्पादक स्तर पर मुद्रास्फीति का दबाव बना हुआ है, जबकि श्रम बाजार में मजबूती बरकरार है। इन आंकड़ों के आने के बाद अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा आगामी मौद्रिक नीति बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी किए जाने की संभावना काफी बढ़ गई है, जिससे डॉलर सूचकांक को मजबूती मिली है और जापानी मुद्रा में बिकवाली देखने को मिल रही है।
उत्पादक मूल्य सूचकांक में उम्मीद से ज्यादा उछाल
अमेरिका के श्रम सांख्यिकी ब्यूरो द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, अगस्त महीने में अमेरिका का हेडलाइन उत्पादक मूल्य सूचकांक (पीपीआई) वार्षिक आधार पर 5.4 प्रतिशत बढ़ा है। यह आंकड़ा बाजार विशेषज्ञों द्वारा जताए गए 5.3 प्रतिशत के अनुमान से अधिक है। इसके अलावा जुलाई महीने के पीपीआई आंकड़े को संशोधित कर 4.8 प्रतिशत किया गया था, जिसके मुकाबले अगस्त में महंगाई की रफ्तार काफी तेज रही है। मासिक आधार पर देखा जाए तो अगस्त में हेडलाइन पीपीआई में 0.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
खाद्य और ऊर्जा जैसी अस्थिर वस्तुओं की कीमतों को अलग रखकर देखे जाने वाले कोर पीपीआई के आंकड़ों में भी तेजी देखी गई है। अगस्त में कोर उत्पादक मूल्य सूचकांक वार्षिक आधार पर 4.6 प्रतिशत बढ़ा, जो कि बाजार के अनुमानों के बिल्कुल अनुरूप है। हालांकि यह जुलाई महीने के संशोधित 4.3 प्रतिशत के आंकड़े से अधिक है। मासिक आधार पर अगस्त में कोर पीपीआई 0.2 प्रतिशत बढ़ा है। थोक कीमतों में आई यह तेजी यह स्पष्ट करती है कि उत्पादन स्तर पर लागत का दबाव बना हुआ है, जो आने वाले समय में उपभोक्ता कीमतों को भी प्रभावित कर सकता है।
अमेरिकी श्रम बाजार में मजबूती के संकेत
महंगाई के आंकड़ों के साथ-साथ अमेरिका के रोजगार बाजार के आंकड़े भी जारी किए गए हैं। 5 सितंबर को समाप्त हुए सप्ताह में पहली बार बेरोजगारी भत्ता मांगने वालों की संख्या (इनिशियल जॉबलेस क्लेम्स) घटकर 2,06,000 रह गई। इससे पिछले सप्ताह यह आंकड़ा 2,07,000 दर्ज किया गया था, जबकि बाजार विशेषज्ञों ने 2,05,000 क्लेम्स का अनुमान जताया था। लगातार बेरोजगारी लाभ का दावा करने वालों की संख्या (कंटिन्यूइंग जॉबलेस क्लेम्स) भी मामूली रूप से घटकर 1.774 मिलियन रह गई है। श्रम बाजार का यह मजबूत स्तर यह दिखाता है कि ऊंची ब्याज दरों के बावजूद अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मंदी की आशंका फिलहाल दूर बनी हुई है।
फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की उम्मीद बढ़ी
पीपीआई और रोजगार के मजबूत आंकड़ों ने वित्तीय बाजारों में यह धारणा मजबूत कर दी है कि फेडरल रिजर्व सितंबर की बैठक में ब्याज दरों में वृद्धि कर सकता है। सीएमई फेडवॉच टूल के आंकड़ों के मुताबिक, इन आर्थिक आंकड़ों के सामने आने से पहले बाजार में सितंबर में 25 आधार अंकों की दर वृद्धि की संभावना लगभग 61 प्रतिशत आंकी जा रही थी, जो आंकड़े आने के बाद बढ़कर लगभग 70 प्रतिशत तक पहुंच गई है। ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती संभावना से अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में सुधार हुआ है, जिससे डॉलर को अन्य वैश्विक मुद्राओं की तुलना में अतिरिक्त समर्थन मिल रहा है।
बैंक ऑफ जापान की सख्ती के बावजूद येन पर दबाव
दूसरी ओर, जापानी येन में हाल के दिनों में आई तेजी थम गई है। बैंक ऑफ जापान (बीओजे) की ओर से मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने के संकेतों के कारण येन में हाल ही में मजबूती देखी गई थी। बाजार में इस बात की पूरी संभावना जताई जा रही है कि बैंक ऑफ जापान अपनी आगामी सितंबर बैठक में ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी कर सकता है। बैंक ऑफ जापान के कई अधिकारियों के बयानों ने भी दर वृद्धि के संकेतों को मजबूती दी है। हालांकि, अमेरिकी डॉलर में आई चौतरफा मजबूती के कारण येन की बढ़त सीमित हो गई है। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान यूएस डॉलर और जापानी येन की जोड़ी 153.50 से ऊपर स्थिर रही, लेकिन इस सप्ताह की शुरुआत में बने सात महीने के निचले स्तर के करीब ही कारोबार करती नजर आई।
शुक्रवार को आने वाले सीपीआई आंकड़ों पर टिकी नजरें
वैश्विक मुद्रा बाजार के निवेशकों की नजरें अब शुक्रवार को जारी होने वाले अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) के आंकड़ों पर टिकी हुई हैं। यह रिपोर्ट फेडरल रिजर्व के भावी ब्याज दर पथ को निर्धारित करने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यदि सीपीआई आंकड़े उम्मीद से अधिक मजबूत आते हैं, तो अमेरिकी डॉलर में और तेजी आ सकती है, जिससे यूएस डॉलर और जापानी येन की दर और ऊपर जाएगी। इसके विपरीत, यदि उपभोक्ता मुद्रास्फीति में उम्मीद से अधिक गिरावट दर्ज की जाती है, तो डॉलर पर दबाव बन सकता है और येन को राहत मिल सकती है।
अन्य वैश्विक मुद्राओं, सोने और क्रिप्टो बाजार का हाल
थोक महंगाई आंकड़ों का असर केवल येन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका प्रभाव अन्य वित्तीय संपत्तियों पर भी देखा गया। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के मामले में एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान एयूडी/यूएसडी की दर 0.7200 से ऊपर सीमित दायरे में रही। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा दर वृद्धि की संभावनाओं के कारण ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 14 मई के बाद के अपने उच्चतम स्तर के करीब बना हुआ है। हालांकि, फेडरल रिजर्व की दर वृद्धि की उम्मीदों और मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण डॉलर को मिले समर्थन ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की तेजी को रोक दिया।
सोने के बाजार में भी डॉलर की मजबूती और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में उछाल का असर देखा गया। प्रति ट्रॉय औंस 4,400 डॉलर के प्रमुख स्तर से ऊपर कारोबार कर रहा सोना फिसलकर वापस इस स्तर से नीचे आ गया। वहीं डिजिटल एसेट यानी क्रिप्टो बाजार में सोलाना आधारित डिसेंट्रलाइज्ड एक्सचेंज रेडियम में जोरदार उछाल देखने को मिला। रेडियम के टोकन में लगभग 9 प्रतिशत की दैनिक बढ़त दर्ज की गई, जिससे रविवार से शुरू हुई इसकी तेजी बढ़कर 41 प्रतिशत तक पहुंच गई। नए टोकन लॉन्च और नेटवर्क गतिविधियों में वृद्धि के कारण अधिक खरीदारी के संकेतों के बावजूद तकनीकी रूप से यह 1.50 डॉलर के लक्ष्य की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है।



















