अंतरराष्ट्रीय विदेशी मुद्रा बाजार में यूरो और जापानी येन की विनिमय दर (EUR/JPY) 180.00 के कड़े रेजिस्टेंस स्तर के बेहद करीब पहुंचकर दबाव में नजर आ रही है। तकनीकी चार्ट पर इस महत्वपूर्ण अवरोध के पास एक के बाद एक लगातार दो स्पिनिंग टॉप कैंडलस्टिक पैटर्न बने हैं। यह फॉर्मेशन साफ तौर पर दर्शाती है कि ऊपरी स्तरों पर खरीदारों की गति समाप्त हो रही है और बाजार में अनिर्णय की स्थिति के बाद बिकवाली का पलड़ा भारी हो सकता है। यह पूरा घटनाक्रम 178.00 के निचले स्तर से लेकर 180.00 के ऊपरी दायरे के बीच चल रहे कड़े कंसोलिडेशन रेंज के शिखर पर घटित हो रहा है। हालिया सत्र में यह क्रॉस-पेयर करीब 0.08 प्रतिशत टूटकर 179.02 के आसपास फिसल गया, जो इसके शुरुआती स्तर से नीचे था, जबकि नवीनतम क्लोजिंग बेल आंकड़ों के अनुसार यह विनिमय दर 179.53 के आसपास बनी हुई है।
तकनीकी संकेतकों में बिकवाली का बढ़ता दबाव
चार्ट पर बैक-टू-बैक दो स्पिनिंग टॉप्स का निर्माण तकनीकी विश्लेषकों के लिए एक गंभीर चेतावनी माना जाता है। यह पैटर्न तब उभरता है जब खरीदार और विक्रेता दोनों एक तय दायरे में संघर्ष करते हैं, लेकिन दोनों में से कोई भी निर्णायक बढ़त हासिल नहीं कर पाता। जब यह पैटर्न किसी प्रमुख रेजिस्टेंस स्तर के ठीक नीचे बनता है, तो इसे आमतौर पर खरीदारों की थकावट का स्पष्ट संकेत माना जाता है। इसके चलते इस क्रॉस-करेंसी जोड़ी के लिए आगे की नई तेजी दर्ज करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है। मोमेंटम इंडिकेटर रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI भी नीचे की ओर मुड़ गया है, जो इस बात की पुष्टि करता है कि अल्पकालिक सौदों में विक्रेता फिर से हावी हो रहे हैं। सितंबर के दौरान यह इंडेक्स तीन बार ओवरसोल्ड जोन की ओर बढ़ता दिखा है। ताजा तकनीकी गणना के अनुसार 14-दिवसीय RSI का स्तर 38 पर आ चुका है, जो मंदी के दबाव को रेखांकित करता है। इसके अलावा, मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस यानी MACD भी -1.52 के स्तर पर है जो इसके -1.37 के सिग्नल लाइन से नीचे है और -0.16 का नेगेटिव हिस्टोग्राम दर्शा रहा है।
गिरावट और सुधार के अहम तकनीकी स्तर
यदि विदेशी मुद्रा बाजार में मंदड़ियों का यह दबाव जारी रहता है, तो यूरो-येन जोड़ी को नीचे की ओर कई अहम पड़ावों का सामना करना पड़ सकता है। गिरावट के इस सिलसिले को पुख्ता करने के लिए भाव को 16 सितंबर के निचले स्तर 178.71 को नीचे की ओर तोड़ना होगा। इस स्तर के टूटने के बाद अगला समर्थन 14 सितंबर का निचला स्तर 177.85 बनेगा। यदि बिकवाली और तेज होती है, तो 5 नवंबर 2025 का निचला स्तर 175.70 और उसके बाद 175.00 का मनोवैज्ञानिक दायरा सामने आएगा। वर्तमान में 20-दिवसीय समर्थन 177.85 के आसपास टिका हुआ है।
इसके विपरीत, यदि खरीदार फिर से नियंत्रण हासिल करने की कोशिश करते हैं, तो किसी भी ठोस तेजी के लिए भाव को सबसे पहले 180.00 के कड़े बैरियर के ऊपर मजबूती से टिकना होगा। इस बाधा को पार करने के बाद ही बाजार में अगला बड़ा प्रतिरोध स्तर देखने को मिलेगा, जो 50-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज यानी SMA है। यह 50-दिवसीय SMA 183.58 के स्तर पर स्थित है, जबकि लाइव तकनीकी संकेतकों में यह 183.48 के करीब दर्ज किया गया है। वर्तमान में 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी EMA 182.69 पर और 200-दिवसीय EMA 182.83 पर बना हुआ है, जिससे चार्ट पर डेथ क्रॉस की संरचना स्पष्ट दिखती है और दीर्घकालिक मंदी के रुझान की ओर इशारा करती है।
मुद्रा बाजार की व्यापक हलचल और केंद्रीय बैंकों के कदम
साप्ताहिक प्रदर्शन के लिहाज से जापानी येन प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले काफी मजबूत स्थिति में नजर आया है। इस दौरान येन ने न्यूजीलैंड डॉलर के मुकाबले सबसे ज्यादा मजबूती दिखाई है। वहीं, अन्य प्रमुख मुद्रा जोड़ियों में भी व्यापक उतार-चढ़ाव देखा गया। अमेरिकी वॉल स्ट्रीट के बंद होने के बाद AUD/USD की जोड़ी लगातार तीन दिनों की गिरावट को पीछे छोड़ते हुए 0.7100 के मनोवैज्ञानिक आंकड़े के पार लौटने में सफल रही। अमेरिकी डॉलर में आई हल्की नरमी ने इस सुधार को सहारा दिया, जबकि निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा बुधवार को दिए गए सख्त संदेश का आकलन कर रहे थे। फेडरल रिजर्व ने महंगाई को अपने 2 प्रतिशत के लक्ष्य तक समय पर लाने के लिए फेड फंड टारगेट रेंज (FFTR) को सर्वसम्मति से 25 आधार अंक बढ़ाकर 3.75 प्रतिशत से 4.00 प्रतिशत कर दिया है।
उधर एशिया में कारोबारी सत्र शुरू होने से पहले USD/JPY 156.00 के दायरे में गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा और हालिया तीन दिनों की बढ़त गंवाकर 156.50 के स्तर से ठीक पहले थम गया। इस दौरान बाजार के तमाम प्रतिभागियों की नजरें बैंक ऑफ जापान पर टिकी हैं, जहां ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की वृद्धि की व्यापक उम्मीद की जा रही है। एक दशक से भी अधिक समय तक जापान की अत्यंत कम ब्याज दरों ने वैश्विक निवेश में खरबों डॉलर के वित्तपोषण में मदद की थी, जिससे येन दुनिया के सबसे सस्ते फंडिंग स्रोतों में से एक बन गया था। अब जबकि बैंक ऑफ जापान द्वारा नीति को फिर से सख्त करने की तैयारी है, यह ऐतिहासिक लाभ एक नए दौर में प्रवेश कर सकता है। जहां अधिकांश बड़ी अर्थव्यवस्थाओं ने ब्याज दरें बढ़ाई थीं, वहीं जापान लंबे समय तक दुनिया में अलग खड़ा रहा था।
कमोडिटी बाजार में सोने की छलांग
मुद्रा बाजार के साथ-साथ जिंस बाजार में भी उल्लेखनीय बदलाव दर्ज किए गए। गुरुवार को सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा गया और इसने नए साप्ताहिक शिखर को छू लिया। हालांकि, पीली धातु की यह तूफानी बढ़त 4,400 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के दायरे के पास शुरुआती बाधाओं से जूझती नजर आई। सोने की कीमतों में आई इस रिकवरी ने लगातार तीन दिनों से जारी गिरावट के सिलसिले को पलट दिया। इस उछाल को अमेरिकी डॉलर में आई गिरावट और कच्चे तेल की कीमतों में दर्ज की गई कमजोरी से भी अतिरिक्त समर्थन मिला। कुल मिलाकर, वैश्विक मुद्राओं और जिंसों का संतुलन आने वाले दिनों में केंद्रीय बैंकों के फैसलों और अहम तकनीकी प्रतिरोधों पर निर्भर करेगा।


















