वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में जापानी येन की चौतरफा मजबूती के चलते यूरो/येन (EUR/JPY) मुद्रा जोड़ी पर बिकवाली का दबाव गहरा गया है। मंगलवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान यह करेंसी क्रॉस लगातार दूसरे दिन कमजोर होकर 178.40 के स्तर के आसपास कारोबार करता दिखा। लाइव मार्केट डेटा के अनुसार, यूरो/येन 179.44 के स्तर पर बना हुआ है, जो पिछले बंद स्तर 181.40 की तुलना में 1.08 प्रतिशत की गिरावट दर्ज करता है। दैनिक प्राइस चार्ट का तकनीकी विश्लेषण यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि यह मुद्रा जोड़ी एक सुस्पष्ट गिरते हुए चैनल (डिसेंडिंग चैनल) के भीतर फंसी हुई है, जो बाजार में मंदी के प्रबल रुझान की पुष्टि करता है।
यूरो यूरोपीय महाद्वीप की प्रमुख साझा मुद्रा होने के बावजूद जापानी येन के मुकाबले सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाली संपत्ति साबित हुई है। निवेशकों द्वारा जापानी येन में आक्रामक खरीदारी किए जाने से यूरो के विनिमय मूल्य में लगातार गिरावट आई है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि जब तक तकनीकी संकेतक किसी बड़े उलटफेर का संकेत नहीं देते, तब तक यूरो/येन जोड़ी पर मंदी का दबाव बना रहने की संभावना है।
आरएसआई और टेक्निकल इंडिकेटर्स का गहराई से विश्लेषण
दैनिक टाइमफ्रेम पर 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (आरएसआई) घटकर 23.09 (लाइव रीडिंग 24) के स्तर पर पहुंच गया है। तकनीकी विश्लेषण के मानकों के अनुसार, 30 से नीचे का आरएसआई स्तर यह दर्शाता है कि यह करेंसी क्रॉस अत्यधिक ओवरसोल्ड (अत्यधिक बिकवाली) क्षेत्र में प्रवेश कर चुका है। यद्यपि ओवरसोल्ड आरएसआई आमतौर पर यह संकेत देता है कि बिकवाली का तात्कालिक वेग अपनी सीमा पर पहुंच रहा है और अल्पकालिक रिकवरी या पुलबैक की गुंजाइश बन सकती है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में विक्रेता बाजार पर अपना पूर्ण वर्चस्व बनाए हुए हैं।
मूविंग एवरेज का ढांचा भी मंदी के नजरिए को मजबूती प्रदान कर रहा है। यूरो/येन जोड़ी वर्तमान में अपने महत्वपूर्ण क्लस्टर्ड एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (ईएमए) के काफी नीचे ट्रेड कर रही है। 9-दिवसीय ईएमए 182.00 पर और 50-दिवसीय ईएमए 184.13 पर स्थित है। लाइव डेटा के अनुसार, 20-दिवसीय ईएमए 183.83 और 200-दिवसीय ईएमए 183.07 पर बना हुआ है। इसके अलावा, 50-दिवसीय एसएमए 184.62 और 200-दिवसीय एसएमए 184.28 पर मौजूद हैं। भले ही 50-दिवसीय और 200-दिवसीय ईएमए के बीच गोल्डन क्रॉस का ढांचा बना हुआ है, लेकिन वर्तमान कीमत इन सभी मूविंग एवरेज के नीचे होने से मंदी का रुझान हावी है।
अन्य गति संकेतकों पर नजर डालें तो एमएसीडी (MACD) -0.70 के स्तर पर है, जो सिग्नल लाइन -0.12 से नीचे बना हुआ है और इसका हिस्टोग्राम -0.59 पर नकारात्मक रुख दर्शा रहा है। 14-दिवसीय एडीएक्स (ADX) 29 के स्तर पर है, जो बाजार में एक मजबूत और सक्रिय ट्रेंड की मौजूदगी की पुष्टि करता है। वहीं, स्टोकेस्टिक ऑसिलेटर में फास्ट लाइन 20 और सिग्नल लाइन 21 पर ओवरसोल्ड स्थिति में हैं, जबकि 14-दिवसीय एटीआर (ATR) 1.63 का दैनिक अस्थिरता बफर प्रदान करता है।
प्रमुख सपोर्ट लेवल और संभावित गिरावट के लक्ष्य
प्राइस स्ट्रक्चर के अनुसार, यूरो/येन जोड़ी फिलहाल डिसेंडिंग चैनल की निचली सीमा के ठीक ऊपर 177.70 के सपोर्ट जोन के पास टिकी हुई है। लाइव तकनीकी संकेतकों के अनुसार 20-दिवसीय सपोर्ट 177.84 के आसपास देखा जा रहा है। इंट्राडे पिवट प्वाइंट 178.91 पर स्थित है, जबकि तात्कालिक सपोर्ट 1 (S1) 178.37 पर और सपोर्ट 2 (S2) 177.31 पर दर्ज किया गया है।
यदि बिकवाली का यह सिलसिला जारी रहता है और यूरो/येन 177.70 के इस निचले चैनल सपोर्ट को नीचे की तरफ तोड़ देता है, तो मंदी का पूर्वाग्रह और अधिक तीव्र हो जाएगा। ऐसी स्थिति में, मुद्रा जोड़ी नवंबर 2025 में दर्ज किए गए 10 महीने के निचले स्तर 175.70 की ओर फिसल सकती है। यदि यह स्तर भी टूटता है, तो विक्रेताओं का अगला लक्ष्य 52-सप्ताह के निचले स्तर 172.27 की ओर हो सकता है, जो कि 172.27 से 187.93 के 52-सप्ताह के ट्रेडिंग दायरे का सबसे निचला सिरा है।
ऊपरी रेजिस्टेंस और रिकवरी की संभावनाएं
यदि अत्यधिक ओवरसोल्ड स्थिति के कारण बाजार में खरीदारी की वापसी होती है और यूरो/येन में उछाल आता है, तो ऊपर की ओर पहला बड़ा प्रतिरोध 9-दिवसीय ईएमए 182.00 के पास देखने को मिलेगा। इसके बाद 179.97 का पहला रेजिस्टेंस (R1) और 180.51 का दूसरा रेजिस्टेंस (R2) तात्कालिक रुकावट के रूप में कार्य करेंगे।
तेजी के रुझान को फिर से बहाल करने के लिए यूरो/येन को 50-दिवसीय ईएमए 184.13 के स्तर को पार करना होगा। इसके बाद अगला प्रमुख रेजिस्टेंस बैरियर डिसेंडिंग चैनल की ऊपरी सीमा 185.70 पर स्थित है, जो लाइव 20-दिवसीय रेजिस्टेंस 186.01 के करीब है। यदि इस ऊपरी चैनल का ब्रेकआउट होता है, तो मुद्रा जोड़ी 17 अप्रैल को बनाए गए अपने सर्वकालिक उच्च स्तर (ऑल-टाइम हाई) 187.95 (52-सप्ताह का उच्चतम स्तर 187.93) की ओर पुनः बढ़ने की दिशा में कदम बढ़ा सकती है।
अन्य प्रमुख वैश्विक विदेशी मुद्रा जोड़ियों का हाल
मंगलवार को जारी करेंसी हीट मैप में यूरो सभी प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले बेहद कमजोर दिखाई दिया, लेकिन जापानी येन के सामने इसका प्रदर्शन सबसे निराशाजनक रहा। जापानी येन की इस व्यापक मजबूती ने अन्य प्रमुख मुद्रा जोड़ियों को भी गहराई से प्रभावित किया है।
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन की जोड़ी (USD/JPY) एशियाई सत्र के दौरान छह महीने के निचले स्तर 153.50 के करीब आ गई। जापान में हाल ही में जारी सकारात्मक वेतन वृद्धि के आंकड़ों और दूसरी तिमाही के जीडीपी (GDP) संशोधन ने बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा अगले सप्ताह ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों को बेहद मजबूत कर दिया है। इसके परिणामस्वरूप जापानी येन को जबरदस्त समर्थन मिला है, जिससे फेडरल रिजर्व की सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदों के बावजूद अमेरिकी डॉलर में तेज गिरावट दर्ज की गई।
दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर/अमेरिकी डॉलर (AUD/USD) की जोड़ी एशियाई सत्र में 0.7200 से ऊपर बनी रही, जो 14 मई के बाद का इसका उच्चतम स्तर है। हालांकि चीन के मिश्रित व्यापार संतुलन के आंकड़ों ने तेजी को कुछ हद तक सीमित रखा, लेकिन इस महीने के अंत में रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की मजबूत संभावनाओं और अमेरिकी डॉलर के कमजोर पड़ने से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को सहारा मिला।
कमोडिटी, सोना और ऊर्जा बाजार का आउटलुक
विदेशी मुद्रा बाजार में जापानी येन की रैली और अमेरिकी डॉलर के पीछे हटने का असर कमोडिटी सेगमेंट पर भी देखा गया। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान सोने (Gold) में लगातार दो दिनों से जारी गिरावट का सिलसिला थम गया और खरीदारों ने नए सिरे से दांव लगाना शुरू किया। हालांकि, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को उच्च स्तर पर बनाए रखने की संभावनाओं और वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण सुरक्षित निवेश के रूप में अमेरिकी डॉलर को निचले स्तरों पर समर्थन मिला, जिससे बिना ब्याज वाली संपत्ति सोने की तेजी पर कुछ हद तक अंकुश लगा रहा।
दूसरी तरफ, ऊर्जा बाजार में भले ही कच्चे तेल की कीमतें सतह पर शांत दिखाई दे रही हों, लेकिन डीजल बाजार से काफी अलग संकेत मिल रहे हैं। अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड, यानी WTI कच्चे तेल के मुकाबले अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स का प्रीमियम, इतिहास में पहली बार $100 प्रति बैरल के आंकड़े को पार कर गया। कारोबार के दौरान इसने $102.00 प्रति बैरल से अधिक का नया ऑल-टाइम रिकॉर्ड दर्ज किया, जो परिष्कृत ईंधन आपूर्ति में आक्रामक तंगी का साफ संकेत देता है।



















