सार्वजनिक क्षेत्र की नवरत्न कंपनी ऑयल इंडिया लिमिटेड की सहायक इकाई ने हरियाणा सरकार के साथ हरित ऊर्जा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण समझौता किया है। कंपनी ने राज्य के चार प्रमुख शहरों में एकीकृत वेस्ट-टू-क्लीन-एनर्जी परियोजनाओं की स्थापना के लिए सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। इस रणनीतिक पहल का उद्देश्य नगरीय ठोस कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन करते हुए कंप्रेस्ड बायोगैस और स्वच्छ बिजली का उत्पादन करना है।
हरियाणा के चार शहरों में स्थापित होंगे हरित ऊर्जा संयंत्र
ऑयल इंडिया लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी ऑयल ग्रीन एनर्जी लिमिटेड ने हरियाणा के चार नगर निगमों के साथ यह रणनीतिक करार किया है। इस परियोजना के तहत गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार और अंबाला में एकीकृत कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) और कचरे से ऊर्जा बनाने वाले संयंत्र तैयार किए जाएंगे। कंपनी द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, इन चारों क्लस्टरों को मिलाकर हर दिन 5,000 टन नगरपालिका ठोस कचरे का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण किया जाएगा।
प्रस्तावित संयंत्रों की क्षमता को अलग-अलग शहरों के कचरा उत्पादन के हिसाब से विभाजित किया गया है। हिसार क्लस्टर में प्रतिदिन 500 टन (TPD), अंबाला में 900 TPD, फरीदाबाद में 1,600 TPD और गुरुग्राम में 2,000 TPD कचरा प्रसंस्करण की क्षमता होगी। इन सभी संयंत्रों के पूर्ण परिचालन में आने के बाद दैनिक आधार पर 70 से 75 TPD कंप्रेस्ड बायोगैस का उत्पादन होगा। इसके अतिरिक्त, इन सुविधाओं से लगभग 50 मेगावाट (MW) हरित बिजली भी पैदा की जाएगी, जिससे राज्य में स्वच्छ ऊर्जा की आपूर्ति को बल मिलेगा।
शेयर बाजार में कंपनी के स्टॉक का प्रदर्शन
हरिणाणा सरकार के साथ हुए इस समझौते की घोषणा के बाद सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को ऑयल इंडिया लिमिटेड के शेयरों में शुरुआती कारोबार के दौरान तेजी दर्ज की गई। हालांकि, दिन के चढ़ने के साथ ही शेयर में ऊपरी स्तरों से कुछ मुनाफावसूली देखने को मिली। सोमवार दोपहर 12:34 बजे बीएसई (BSE) पर महारत्न कंपनी का शेयर 0.04 प्रतिशत मामूली गिरावट के साथ 483.25 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रहा था। इस दौरान कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) 78,605.82 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
ब्रोकरेज हाउस का आउटलुक और 625 रुपये का टारगेट
बाजार की ब्रोकरेज फर्म एमके ग्लोबल (Emkay Global) ने ऑयल इंडिया लिमिटेड के शेयर पर अपना सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखा है। ब्रोकरेज ने इस शेयर पर अपनी 'बाय' (Buy) रेटिंग को बरकरार रखते हुए 625 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस निर्धारित किया है। ब्रोकरेज रिपोर्ट में कहा गया है कि कच्चे तेल और गैस की बेहतर कीमतों (रियलाइजेशन), रिफाइनिंग मार्जिन (GRMs), प्राकृतिक गैस (NWG) की बिक्री में वृद्धि और नुमालीगढ़ रिफाइनरी (NRL) की क्षमता विस्तार से कंपनी के वित्तीय परिदृश्य को मजबूती मिलेगी।
ऑयल इंडिया के परिचालन प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए रिपोर्ट में बताया गया है कि कंपनी ने अपने मिशन 4+ के तहत 4 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (mmtpa) कच्चे तेल के उत्पादन लक्ष्य को पहले ही हासिल कर लिया है। वर्तमान में कंपनी की उत्पादन दर लगभग 11,000 टन प्रतिदिन (ktpd) है। कंपनी प्रबंधन को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2029 (FY29) तक कच्चे तेल का उत्पादन बढ़कर 4.2 mmtpa के स्तर पर पहुंच जाएगा।
लंबी अवधि के वित्तीय अनुमान और रिटर्न प्रोफाइल
वित्तीय प्रदर्शन और पूंजी दक्षता के मोर्चे पर ब्रोकरेज एमके ग्लोबल ने आगे के वर्षों के लिए उत्साहजनक आंकड़े प्रस्तुत किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ऑयल इंडिया का समेकित रिटर्न ऑन इन्वेस्टेड कैपिटल (ROIC) वित्त वर्ष 2026 (FY26) के 10 प्रतिशत से बढ़कर वित्त वर्ष 2027 से 2029 (FY27-29E) के दौरान लगभग 15 प्रतिशत होने का अनुमान है।
इसके अलावा, कंपनी का मुख्य पूंजीगत खर्च (Capex) चक्र समाप्त होने के साथ ही इसका फ्री कैश फ्लो टू फर्म (FCFF) यील्ड भी सुधरेगा। वित्त वर्ष 2026-27 (FY26-27) में नकारात्मक 8 से 9 प्रतिशत रहने के बाद वित्त वर्ष 2028-29 (FY28-29E) तक यह सुधरकर धनात्मक 4 से 6 प्रतिशत पर पहुंचने का अनुमान है। इन्हीं सकारात्मक परिस्थितियों को देखते हुए ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2027 के लिए कंपनी के प्रति शेयर आय (EPS) अनुमान को 10 प्रतिशत से बढ़ा दिया है, जबकि वित्त वर्ष 2028 और 2029 के लिए EPS अनुमानों को यथावत रखा है।



















