छत्तीसगढ़ में वर्ष 2013 के भीषण झीरम घाटी नक्सली हमले से जुड़े बहुचर्चित मामले में फैसला टल गया है। जगदलपुर स्थित राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत में शनिवार को निर्णय सुनाया जाना था, लेकिन अदालत ने अब इसकी तारीख आगे बढ़ा दी है। मामले की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश ने अपने फैसले को सुरक्षित रखते हुए आगामी 5 सितंबर की तिथि तय की है।
अदालत में सुनवाई की प्रक्रिया और वर्तमान स्थिति
इस मामले में अंतिम दौर की बहस 12 अगस्त को पूरी हो चुकी थी। दोनों पक्षों की ओर से पेश की गई विस्तृत दलीलों और साक्ष्यों को सुनने के बाद एनआईए अदालत ने निर्णय सुनाने के लिए 31 अगस्त का समय निर्धारित किया था। हालांकि, तय तिथि पर विशेष अदालत ने फैसला जारी न करते हुए सुनवाई को आगे खिसकाने का आदेश दिया। मामले की जांच पिछले करीब 13 वर्षों से जारी है और सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद अब इस फैसले पर पूरे राज्य की निगाहें टिकी हुई हैं।
झीरम घाटी हत्याकांड के कानूनी मामले में कुल 11 लोगों को आरोपी बनाया गया था। अदालती कार्यवाही के दौरान इनमें से 1 आरोपी की मृत्यु हो चुकी है, जिसके बाद वर्तमान में 10 आरोपियों पर ही एनआईए कोर्ट में मुकदमा चल रहा है। इन सभी 10 अभियुक्तों पर अदालत अपना अंतिम फैसला सुनाएगी।
25 मई 2013 को झीरम घाटी में क्या हुआ था?
यह भयावह घटना 25 मई 2013 को बस्तर संभाग के दरभा क्षेत्र स्थित झीरम घाटी में घटी थी। उस समय छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों में महज 6 महीने का वक्त शेष बचा था और राज्य में कांग्रेस पार्टी अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने के लिए 'परिवर्तन यात्रा' निकाल रही थी। जब कांग्रेस नेताओं का काफिला सुकमा जिले से कार्यक्रम समाप्त कर जगदलपुर लौट रहा था, तभी राष्ट्रीय राजमार्ग 221 पर पहले से घात लगाकर बैठे भारी संख्या में नक्सलियों ने हमला बोल दिया।
नक्सलियों ने सुनियोजित साजिश के तहत सबसे पहले शक्तिशाली आईईडी (IED) का इस्तेमाल करके काफिले के प्रमुख वाहनों को उड़ा दिया। भयानक विस्फोट के तुरंत बाद घने जंगलों से अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी गई। इस अचानक हुए भीषण हमले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और सुरक्षाबल के जवानों समेत कुल 27 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 35 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। कुछ आंकड़ों में मृतकों की संख्या 27 से 32 बताई गई है। यह देश के इतिहास में सबसे बड़े नक्सली हमलों में से एक माना जाता है।



















