मानसून का मौसम बच्चों के लिए ढेरों खुशियां लेकर आता है। बारिश की बूंदों में भीगना, कागज की नावें चलाना और बाहर दोस्तों के साथ खेलना बच्चों को बेहद पसंद होता है। लेकिन इस सुहावने मौसम के साथ ही बच्चों के बालों और सिर की त्वचा यानी स्कैल्प से जुड़ी परेशानियां भी बढ़ने लगती हैं। वातावरण में मौजूद नमी, खेलकूद के दौरान आने वाला पसीना और बारिश का पानी मिलकर बालों को चिपचिपा, उलझा हुआ और कमजोर बना देते हैं। ऐसे समय में माता-पिता के लिए यह जरूरी हो जाता है कि वे बच्चों के बालों की स्वच्छता और देखभाल पर विशेष ध्यान दें। सही जानकारी और छोटी-छोटी आदतों को अपनाकर बारिश के मौसम में भी बच्चों के बालों को स्वस्थ और मजबूत बनाए रखा जा सकता है।
मानसून का मौसम और बच्चों का स्कैल्प
बरसात के दिनों में हवा में नमी का स्तर यानी ह्यूमिडिटी काफी बढ़ जाती है। इसका सीधा असर स्कैल्प पर पड़ता है। जब बच्चा बाहर खेलता है या स्कूल जाता है, तो उमस के कारण सिर में पसीना आता है। हवा की नमी की वजह से यह पसीना आसानी से नहीं सूखता और लंबे समय तक स्कैल्प पर जमा रहता है। इससे बाल आपस में चिपकने लगते हैं और हवा में मौजूद धूल-मिट्टी बालों में आसानी से समा जाती है। छोटे बच्चों की त्वचा और स्कैल्प वयस्कों की तुलना में अधिक नाजुक और संवेदनशील होते हैं। नमी और गंदगी के लंबे समय तक बने रहने से सिर में खुजली, रूखापन और उलझन की समस्या उत्पन्न हो जाती है।
बारिश में भीगने के बाद बालों की तुरंत सफाई
जब भी बच्चा बारिश में भीगकर घर वापस आए, तो सबसे पहला काम उसके बालों की सही सफाई करना होना चाहिए। बारिश के पानी में हवा में मौजूद प्रदूषक तत्व और गंदगी मिली हो सकती है। इसलिए भीगे बालों को साधारण साफ पानी से अच्छी तरह धोना बहुत आवश्यक है। हर बार बारिश में भीगने पर तेज शैंपू का इस्तेमाल करना जरूरी नहीं होता, खासकर तब जब बालों में सीधी गंदगी या कीचड़ न लगा हो। बालों को सुखाने के लिए किसी मुलायम तौलिये का प्रयोग करें। बालों को तौलिये से रगड़ने के बजाय हल्के हाथों से दबाकर पानी सुखाएं। गीले बालों को जोर-जोर से रगड़ने से बालों की जड़ें कमजोर होती हैं और बाल टूटने लगते हैं। इसके अलावा, बच्चे को कभी भी गीले बालों के साथ बाहर खेलने या स्कूल जाने न दें। जब बाल पूरी तरह सूख जाएं, तभी उनमें कंघी करें।
सही शैंपू का चुनाव और धोने का सही तरीका
बरसात के मौसम में बच्चों के बालों को साफ रखने के लिए सौम्य यानी माइल्ड शैंपू का प्रयोग करना चाहिए। बच्चों के बालों को रोजाना शैंपू से धोना सही नहीं माना जाता, क्योंकि इससे सिर का प्राकृतिक तेल खत्म हो सकता है और बाल अधिक रूखे व बेजान हो सकते हैं। आवश्यकतानुसार सप्ताह में दो या तीन बार हल्का शैंपू करना पर्याप्त होता है। शैंपू लगाते समय स्कैल्प पर हल्के हाथों से मसाज करें। यदि ध्यान देने के बावजूद बच्चे के सिर में लगातार तेज खुजली, लालपन, त्वचा का छिलना, पपड़ी जमना या बहुत अधिक रूसी की समस्या दिखाई दे, तो स्वयं घरेलू नुस्खे आजमाने से बचें। ऐसे मामलों में किसी बाल रोग विशेषज्ञ या त्वचा विशेषज्ञ से परामर्श लेना ही सबसे सुरक्षित कदम होता है।
सिर की मालिश और तेल लगाने के सही नियम
बालों को पोषण देने के लिए सिर की मालिश करना एक अच्छी आदत है, लेकिन मानसून के दौरान तेल लगाने के तरीके में थोड़ा बदलाव करना जरूरी है। इस मौसम में बच्चों के सिर में बहुत अधिक भारी तेल लगाकर घंटों तक छोड़ देना नुकसानदायक हो सकता है। अत्यधिक तेल हवा की नमी और गंदगी को अपनी ओर खींचता है, जिससे स्कैल्प के छिद्र बंद हो सकते हैं। तेल लगाते समय केवल उंगलियों के पोरों का इस्तेमाल करें और हल्के हाथों से मालिश करें। मालिश के दौरान नाखूनों का इस्तेमाल कभी न करें, क्योंकि इससे संवेदनशील स्कैल्प पर खरोंच आ सकती है। इसके अलावा, बालों को जल्दी मजबूत बनाने के चक्कर में एक साथ कई तरह के हेयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल न करें। किसी भी नए उत्पाद को खरीदने से पहले उसकी सामग्री और बच्चे की आयु सीमा की जांच अवश्य करें।
कंघी, हेयरस्टाइल और हाइजीन की अच्छी आदतें
मानसून में बाल बहुत जल्दी उलझते हैं, इसलिए बालों को सुलझाने के लिए हमेशा चौड़े दांतों वाली कंघी का प्रयोग करना चाहिए। पतले दांतों वाली कंघी से गीले या उलझे बालों को खींचने से बाल टूटते हैं। बच्चियों के बाल बांधते समय इस बात का ध्यान रखें कि पोनीटेल या चोटी बहुत कसकर न बांधी गई हो। अत्यधिक टाइट हेयरबैंड या रबर बैंड लगाने से बालों की जड़ों पर खिंचाव पड़ता है, जिससे दर्द और बाल झड़ने की समस्या हो सकती है। घर में स्वच्छता बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। भाई-बहनों को एक-दूसरे की कंघी, हेयरब्रश या तौलिया इस्तेमाल करने से रोकें। बच्चे के तौलिये को नियमित रूप से धोकर धूप में या अच्छी तरह सुखाएं ताकि उसमें नमी या बैक्टीरिया न पनपें।
आहार और पोषण से बढ़ाएं बालों की मजबूती
बाहरी देखभाल के साथ-साथ सही खान-पान भी बालों को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाता है। मानसून के मौसम में बच्चों के आहार में प्रोटीन, विटामिन और खनिजों से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करें। यदि बच्चा शाकाहारी है तो उसे दालें, दूध, दही, हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी फल और सूखे मेवे दें। अगर बच्चा अंडा खाता है तो आहार में उबला अंडा शामिल करना भी फायदेमंद होता है। इसके साथ ही बच्चे को दिनभर में पर्याप्त मात्रा में साफ पानी पिलाएं ताकि शरीर और स्कैल्प हाइड्रेटेड रहे। बाजार में मिलने वाले पैकेज्ड स्नैक्स, अत्यधिक तले-भुने भोजन और डिब्बाबंद मीठे पेय पदार्थों के बजाय घर का बना ताजा और संतुलित भोजन बालों की जड़ों को अंदर से मजबूती प्रदान करता है।



















