हॉन्ग कॉन्ग ने अपने वित्तीय क्षेत्र के लिए पहली बार पांच साल की एक विस्तृत योजना पेश की है, और इसका एक बड़ा मकसद है चीनी युआन के लिए दुनिया के सबसे बड़े ऑफशोर कारोबारी केंद्र के तौर पर अपनी पकड़ और मजबूत करना। यह जानकारी कॉमर्जबैंक के विश्लेषक चार्ली ले के आकलन में सामने आई है। उनका कहना है कि यह योजना बीजिंग की उसी पुरानी रणनीति को आगे बढ़ाती है, जिसमें युआन को दुनियाभर के बाजारों में ज्यादा इस्तेमाल होने दिया जाता है, लेकिन मुख्य भूमि चीन के कैपिटल अकाउंट पर पकड़ ढीली नहीं की जाती।
पांच साल की योजना में बदलेगा क्या
इस योजना के तहत हॉन्ग कॉन्ग युआन में जारी होने वाले वित्तीय प्रोडक्ट्स की रेंज बढ़ाने जा रहा है, जिसमें सीएनवाई बॉन्ड, डिपॉजिट और नए हेजिंग इंस्ट्रूमेंट शामिल हैं, ताकि निवेशक अपने करेंसी जोखिम को बेहतर तरीके से संभाल सकें। इसके साथ ही स्टॉक कनेक्ट, बॉन्ड कनेक्ट और वेल्थ कनेक्ट स्कीमों को अपग्रेड किया जाएगा, ये वही ट्रेडिंग लिंक हैं जिनके जरिए विदेशी पैसा हॉन्ग कॉन्ग के रास्ते मुख्य भूमि चीन में लिस्टेड शेयरों, बॉन्ड और वेल्थ मैनेजमेंट प्रोडक्ट्स में निवेश करता है। साथ ही कमोडिटी और टेक्नोलॉजी सेक्टर से जुड़ी फाइनेंसिंग को भी बढ़ाया जाएगा। चार्ली ले के मुताबिक इन सभी कदमों का मकसद दोतरफा पूंजी प्रवाह को गहरा करना है, यानी पैसा दोनों दिशाओं में पहले से आसानी से आ-जा सके, सिर्फ एक तरफ नहीं।
दरवाजा नहीं, बस एक नियंत्रित गेटवे
चार्ली ले इसे युआन के अंतरराष्ट्रीयकरण की दिशा में एक और कदम बताते हैं, यानी वह प्रक्रिया जिसमें चीन के बाहर व्यापार, निवेश और रिजर्व में युआन का इस्तेमाल बढ़ता जाए, लेकिन इसके लिए बीजिंग को अपना कैपिटल अकाउंट पूरी तरह खोलने की जरूरत नहीं पड़ती। यह फर्क अहम है। अगर कैपिटल अकाउंट पूरी तरह खुल जाए तो पैसा मुख्य भूमि चीन में बिना रोकटोक अंदर-बाहर हो सकेगा, और बीजिंग को हमेशा से डर रहा है कि इससे पूंजी पलायन या करेंसी में बड़ी उठापटक हो सकती है। हॉन्ग कॉन्ग का अलग वित्तीय ढांचा बीजिंग को यह मौका देता है कि वह विदेशों में युआन का इस्तेमाल बढ़ाए, जबकि मुख्य भूमि चीन में पूंजी पर नियंत्रण पहले जैसा ही बना रहे।
चार्ली ले ने कहा, "हॉन्ग कॉन्ग अपने पहले पांच साल के खाके के तहत ऑफशोर सीएनवाई और सीमा-पार वित्तीय केंद्र के तौर पर अपनी भूमिका और गहरी करने की योजना बना रहा है।"
उनका आकलन है कि ऑफशोर युआन एसेट्स और हेजिंग टूल्स की रेंज बढ़ने और कनेक्ट स्कीमों के विस्तार से अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए युआन में अपना एक्सपोजर बनाना, रखना और संभालना पहले से आसान हो जाएगा, वह भी बिना मुख्य भूमि के बाजारों तक सीधी पहुंच के। चार्ली ले के मुताबिक बीजिंग की नजर से देखें तो हॉन्ग कॉन्ग एक नियंत्रित गेटवे की तरह काम करता है, एक ऐसा रास्ता जिससे युआन दुनियाभर में फैल सके, जबकि सीमा-पार पूंजी प्रवाह पर निगरानी पूरी तरह बरकरार रहे।
अभी असर सीमित, लंबी अवधि में हल्की राहत
जो ट्रेडर्स इस वक्त USD/CNY की चाल पर नजर रखे हुए हैं, उनके लिए चार्ली ले का आकलन है कि इस योजना का तत्काल असर सीमित रहेगा, क्योंकि यह कोई ऐसा नीतिगत झटका नहीं है जो रातोंरात स्पॉट रेट को हिला दे, बल्कि यह बरसों में फैला एक ढांचागत कदम है। हालांकि लंबी अवधि में इसे युआन के लिए हल्के तौर पर सकारात्मक माना जा रहा है, क्योंकि करेंसी का अंतरराष्ट्रीय इस्तेमाल जितना बढ़ेगा, यानी ट्रेड करने के लिए जितने ज्यादा प्रोडक्ट होंगे और रखने के जितने ज्यादा रास्ते होंगे, उतनी ही सीएनवाई एसेट्स की मांग समय के साथ मजबूत होगी, भले ही यह असर तुरंत एक्सचेंज रेट में न दिखे।
यह कोई नई कहानी नहीं
हॉन्ग कॉन्ग का इस तरह इस्तेमाल होना नया नहीं है। पिछले करीब एक दशक में मुख्य भूमि चीन ने विदेशी पूंजी के लिए धीरे-धीरे सीमित और नियंत्रित रास्ते खोले हैं, पहले स्टॉक कनेक्ट के जरिए हॉन्ग कॉन्ग को मुख्य भूमि के एक्सचेंजों से जोड़ा गया, फिर बॉन्ड कनेक्ट आया और बाद में ग्रेटर बे एरिया के लिए वेल्थ कनेक्ट स्कीम लाई गई। हर विस्तार के साथ एक नई नली जुड़ती गई, जिससे विदेशी पैसा चीन में आ सके और चीनी पैसा बाहर जा सके, वह भी बिना मूल कैपिटल कंट्रोल को छेड़े। अब कमोडिटी और टेक्नोलॉजी फाइनेंसिंग से जुड़े नए सीएनवाई प्रोडक्ट्स को एक औपचारिक पांच साल की योजना में शामिल करना बताता है कि हॉन्ग कॉन्ग की यह भूमिका अब सिर्फ इक्का-दुक्का कदमों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे बाकायदा संस्थागत रूप और बड़ा पैमाना दिया जा रहा है।
इसका असर किन पर पड़ेगा
इस बदलाव का असली दायरा काफी खास है, वे ग्लोबल फंड मैनेजर जो सीधे मुख्य भूमि चीन में खाता खोले बिना वहां के शेयर या बॉन्ड में निवेश करना चाहते हैं, वे बहुराष्ट्रीय कंपनियां जो चीन के साथ व्यापार में युआन में बिलिंग करती हैं और उस एक्सपोजर को हेज करना चाहती हैं, और कमोडिटी या टेक्नोलॉजी फाइनेंसिंग डेस्क जिन्हें युआन आधारित उपकरणों की एक बड़ी रेंज मिलेगी। हालांकि रोजमर्रा के करेंसी बाजार के लिए चार्ली ले का अपना आकलन यही है कि इस ऐलान से USD/CNY को लेकर निकट भविष्य का गणित नहीं बदलता।


















