रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (@rajnathsingh) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए देश की आर्थिक मजबूती को राष्ट्रीय सुरक्षा से सीधे जोड़ा है। उन्होंने बताया कि आर्थिक मजबूती, आत्मनिर्भर मैन्युफैक्चरिंग और स्ट्रैटेजिक ऑटोनॉमी, इन तीन आधारों पर भारत आज आगे बढ़ रहा है।
रक्षा मंत्री ने क्या लिखा
अपने पोस्ट में राजनाथ सिंह ने लिखा, "मजबूत अर्थव्यवस्था ही मजबूत राष्ट्रीय सुरक्षा की आधारशिला है।" इसके साथ उन्होंने एक लिंक भी शेयर किया, जो इस दावे से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी की ओर इशारा करता है। पोस्ट में तीन बातों पर खास जोर दिया गया, आर्थिक मजबूती, आत्मनिर्भर मैन्युफैक्चरिंग यानी घरेलू स्तर पर उत्पादन क्षमता बढ़ाना, और स्ट्रैटेजिक ऑटोनॉमी यानी बड़ी वैश्विक ताकतों पर निर्भर हुए बगैर अपने फैसले खुद लेने की क्षमता। रक्षा मंत्री के मुताबिक ये तीनों मिलकर देश की सुरक्षा नींव को मजबूत करते हैं। यह सोच सरकार के आत्मनिर्भर भारत अभियान से भी मेल खाती है, जो बीते कई सालों से रक्षा उपकरणों से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स तक आयात पर निर्भरता घटाने पर केंद्रित रहा है।
विकसित भारत 2047 से जुड़ी बड़ी तस्वीर
राजनाथ सिंह का यह बयान ऐसे वक्त आया है जब सरकार लगातार आर्थिक और सुरक्षा नीतियों को विकसित भारत 2047 के लक्ष्य से जोड़ रही है। हाल ही में राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन में अमित शाह ने भी कहा था कि आंतरिक सुरक्षा ही विकसित भारत की पहली शर्त है और आने वाले 15 से 20 साल की सुरक्षा चुनौतियों को अभी से पहचानकर रोकना जरूरी है। विशेषज्ञ भी विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के लिए मजबूत डिजिटल इकोसिस्टम को जरूरी बता चुके हैं। इन बयानों से साफ है कि सरकार आर्थिक, डिजिटल और सुरक्षा नीतियों को एक साथ जोड़कर आगे बढ़ने की रणनीति पर काम कर रही है, जिसमें संसाधन सुरक्षा को भी अगले आर्थिक दशक की बुनियाद माना जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों पर भी जोर
आत्मनिर्भरता और स्ट्रैटेजिक ऑटोनॉमी की यह सोच भारत की हाल की विदेश नीति में भी दिखाई देती है। भारत और नीदरलैंड के बीच हाल ही में संयुक्त वक्तव्य जारी हुआ, वहीं भारत और जापान ने भी आपसी संबंधों को मजबूत करने के लिए कई अहम कदमों की घोषणा की है। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने देश की समुद्री सुरक्षा संरचना में तकनीक की भूमिका पर भी बात की है। ये सभी कदम बताते हैं कि सीमाओं की सुरक्षा से लेकर अर्थव्यवस्था तक, सरकार एक नया समीकरण बनाने में जुटी है, जिसमें रक्षा मंत्री का ताजा बयान भी एक अहम कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है।
जनता की प्रतिक्रिया
राजनाथ सिंह की इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ यूजर्स ने मैन्युफैक्चरिंग, जीडीपी ग्रोथ और आत्मनिर्भरता के दावों पर सवाल उठाए, तो कुछ ने सरकार की नीतियों को लेकर आलोचना और असहमति जताई। वहीं कुछ लोगों ने पड़ोसी देशों की मदद जैसे कदमों का हवाला देकर समर्थन भी जताया।

























