रिजर्व बैंक ऑफ न्यूजीलैंड के मौद्रिक नीतिगत फैसले से पहले न्यूजीलैंड डॉलर में कमजोरी देखी जा रही है। मंगलवार के कारोबारी सत्र के दौरान, NZD/USD जोड़ी में 0.26 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 0.5685 के स्तर पर कारोबार कर रही है। वैश्विक स्तर पर होरमुज जलडमरूमध्य में भड़के नए भू-राजनीतिक तनावों के कारण सुरक्षित निवेश के रूप में अमेरिकी डॉलर (USD) की मांग फिर से बढ़ गई है, जिसने न्यूजीलैंड की मुद्रा पर भारी दबाव बना दिया है।
होरमुज जलडमरूमध्य में सैन्य तनाव
ब्लूमबर्ग की जानकारी के अनुसार, एक अमेरिकी अधिकारी ने पुष्टि की है कि सोमवार देर रात ईरान ने होरमुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे व्यावसायिक जहाजों पर कम से कम दो मिसाइलें दागीं। इस घटना में दो जहाजों को गंभीर नुकसान पहुंचा है, हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। इसके अतिरिक्त, यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने भी एक टैंकर पर अज्ञात प्रक्षेपास्त्र से हमले की पुष्टि की है। मध्य पूर्व में यह ताजा तनाव निवेशकों को जोखिम से दूर रहने और अमेरिकी डॉलर जैसे सुरक्षित परिसंपत्ति विकल्पों की ओर ले जा रहा है।
रिजर्व बैंक ऑफ न्यूजीलैंड का नीतिगत रुख
बुधवार को होने वाली रिजर्व बैंक ऑफ न्यूजीलैंड (RBNZ) की बैठक पर वैश्विक बाजारों की नजरें टिकी हैं। वित्तीय संस्थान ING का अनुमान है कि केंद्रीय बैंक 25 बेसिस पॉइंट की दर वृद्धि का ऐलान कर सकता है, जिससे आधिकारिक नकद दर बढ़कर 2.5 प्रतिशत हो जाएगी। बैंक ने इस संभावित कदम को एक सुरक्षात्मक उपाय बताया है, लेकिन साथ ही यह भी चेतावनी दी है कि यह दर वृद्धि एक बार की घटना हो सकती है, जिसका न्यूजीलैंड डॉलर (NZD) पर सकारात्मक असर काफी सीमित रहेगा।
संस्थानों की सतर्कता और भविष्य का परिदृश्य
कई अन्य वित्तीय संस्थान भी इस मामले में सतर्क रुख अपना रहे हैं। कोमरजबैंक का मानना है कि दर वृद्धि से शुरुआत में 'कीवी' (NZD) को कुछ समर्थन मिल सकता है, लेकिन मौजूदा बाजार उम्मीदें—जो अगले 12 महीनों में 3.5 दर वृद्धि मानकर चल रही हैं—अत्यधिक आशावादी हैं। राबोबैंक ने भी यह आशंका जताई है कि बाजार की आक्रामक उम्मीदें भविष्य में मुद्रा पर नकारात्मक असर डाल सकती हैं। इसी तरह, BBH का भी यही कहना है कि 25 बेसिस पॉइंट की वृद्धि के बावजूद, न्यूजीलैंड डॉलर में तेजी अल्पकालिक रहने की संभावना है क्योंकि निवेशकों का ध्यान अब केंद्रीय बैंक के भविष्य के मार्गदर्शन (forward guidance) पर केंद्रित होगा।
अन्य मुद्राओं और परिसंपत्तियों पर असर
बाजार की इस हलचल के बीच अन्य प्रमुख मुद्राओं में भी उथल-पुथल देखी जा रही है। GBP/USD जोड़ी मंगलवार को 1.3370 के स्तर की ओर फिसल गई, जबकि EUR/USD जोड़ी घटकर 1.1420 के निचले स्तरों पर आ गई है। भू-राजनीतिक चिंताओं और एशियाई तकनीक शेयरों में बिकवाली ने डॉलर की गति को तेज किया है। इसके अलावा, सोने की कीमतें भी 4,100 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के करीब कारोबार कर रही हैं, क्योंकि ताजा तनाव से मुद्रास्फीति को लेकर डर फिर से पैदा हो गया है, जो कीमती धातु की रिकवरी को सीमित कर रहा है। केंद्रीय बैंक अब अपने भविष्य के नीतिगत मार्गदर्शन को लेकर कम जानकारी देने की दिशा में बढ़ रहे हैं, जिससे व्यापारियों की अनिश्चितता और बढ़ गई है।











