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हंगेरियन फोरिंट को मिल सकता है सहारा, कमर्ज बैंक के अनुसार ब्याज दरों में कटौती रोक सकता है नेशनल बैंक ऑफ हंगरीबाज़ार
4 सित॰ 2026, 2:05 pm (12 मिनट पहले)· 2

हंगेरियन फोरिंट को मिल सकता है सहारा, कमर्ज बैंक के अनुसार ब्याज दरों में कटौती रोक सकता है नेशनल बैंक ऑफ हंगरी

कमर्ज बैंक के विश्लेषकों का मानना है कि नेशनल बैंक ऑफ हंगरी आगामी बैठक में ब्याज दरों में कटौती के सिलसिले को रोक सकता है। इस संभावित कदम और मुद्रास्फीति के लक्ष्य में बदलाव से हंगेरियन फोरिंट को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

हंगेरियन फोरिंट में हाल ही में एक तेज उछाल दर्ज किया गया है। कमर्ज बैंक के तथा घोष ने इस बात पर रोशनी डाली है कि मुद्रा बाजार में यह तेजी एक मीडिया रिपोर्ट के सामने आने के बाद आई है। इस रिपोर्ट में यह संकेत दिया गया था कि नेशनल बैंक ऑफ हंगरी बाईस सितंबर को होने वाली अपनी आगामी बैठक में ब्याज दरों में कटौती के फैसले पर रोक लगा सकता है। इसके साथ ही केंद्रीय बैंक द्वारा अपने मुद्रास्फीति के लक्ष्य को तीन प्रतिशत से घटाकर ढाई प्रतिशत करने पर भी विचार किए जाने की चर्चा है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यह रुख बैंक के अगस्त के उस संदेश के बिल्कुल अनुकूल है जो अपेक्षाकृत कम नरम रुख को दर्शाता था।

मुद्रास्फीति के आंकड़ों और नीतिगत संकेतों का विश्लेषण

तथा घोष का तर्क है कि केंद्रीय बैंक द्वारा दरों में कटौती को रोकना और मुद्रास्फीति के लक्ष्य को नीचे लाना फोरिंट के लिए काफी मददगार साबित होगा। यह कदम मुद्रास्फीति से जुड़े जोखिमों को कम करने के साथ-साथ मौद्रिक नरमी के लंबे समय तक जारी रहने को लेकर निवेशकों की चिंताओं को भी दूर करेगा। फोरिंट में यह जोरदार तेजी तब देखने को मिली जब एक मीडिया रिपोर्ट में अज्ञात केंद्रीय बैंक के सूत्रों के हवाले से यह दावा किया गया कि मौद्रिक प्राधिकरण बाईस सितंबर की बैठक में अपने रेट कट चक्र को विराम देने की तैयारी कर रहा है। इसके अलावा, नीति निर्माता अपने महंगाई लक्ष्य को भी तीन प्रतिशत से कम करके ढाई प्रतिशत के दायरे में ला सकते हैं।

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अगस्त की बैठक का रुख और आगामी नीतियां

यह संभावित दिशा नेशनल बैंक ऑफ हंगरी द्वारा अगस्त के महीने में दी गई नीतिगत टोन के बिल्कुल अनुरूप है। अपनी पिछली बैठक के दौरान बैंक ने आधार दर को पच्चीस आधार अंकों यानी जीरो दशमलव दो पांच प्रतिशत की कटौती के साथ पांच दशमलव पांच शून्य प्रतिशत पर ला दिया था। इसके बाद केंद्रीय बैंक ने भविष्य में और अधिक ढील देने को लेकर कोई पूर्व प्रतिबद्धता नहीं जताई थी। इसके विपरीत, बैंक ने स्पष्ट किया था कि ब्याज दरों का अगला मार्ग सितंबर में आने वाले अद्यतन पूर्वानुमानों के आधार पर ही तय किया जाएगा। इस स्पष्ट रुख ने बाजार को पहले ही सतर्क कर दिया था कि भविष्य के फैसले पूरी तरह से नए आंकड़ों पर निर्भर करेंगे।

महंगाई की दोहरी तस्वीर और आर्थिक चुनौतियां

जुलाई के महीने में हेडलाइन मुद्रास्फीति की वार्षिक दर केवल एक दशमलव दो प्रतिशत दर्ज की गई थी। इस कम आंकड़े ने नीति निर्माताओं के लिए एक अनुकूल अवसर प्रदान किया है जिसके तहत वे बिना किसी तत्काल मौद्रिक सख्ती के अपने लक्ष्य को नीचे ला सकते हैं। हालांकि, यह साल-दर-साल का आंकड़ा पूरी कहानी बयां नहीं करता है। यदि मौसमी रूप से समायोजित मासिक आधार पर देखा जाए, तो मुद्रास्फीति की गति तेज हो गई है और यह साढ़े तीन प्रतिशत के लक्ष्य से भी ऊपर निकल गई है। यह एक ऐसा पहलू है जिस पर बाजार के हर टिप्पणीकार ने शायद गौर नहीं किया होगा, लेकिन केंद्रीय बैंक की नजर इस पर जरूर होगी।

निवेशकों के लिए बाजार का दृष्टिकोण

ब्याज दरों में कटौती पर एक संभावित विराम केंद्रीय बैंक को इन तमाम जटिल कारकों पर बारीकी से नजर रखने के लिए पर्याप्त जगह देगा। इसके साथ ही यह कदम निवेशकों को कम मुद्रास्फीति लक्ष्य और सरकार की अभी भी अनिश्चित बनी राजकोषीय योजनाओं को अच्छी तरह से समझने का मौका देगा। वैश्विक स्तर पर विनिमय दरों और कमोडिटी बाजारों में चल रही उथल-पुथल के बीच यह घटनाक्रम काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बाजार विश्लेषक इस बात पर करीबी नजर बनाए हुए हैं कि आगामी बाईस सितंबर की बैठक में केंद्रीय बैंक क्या आधिकारिक निर्णय लेता है, क्योंकि इसका सीधा असर मध्य यूरोपीय मुद्राओं की चाल पर पड़ेगा।

सवाल-जवाब

नेशनल बैंक ऑफ हंगरी की अगली बैठक कब है?
नेशनल बैंक ऑफ हंगरी की अगली महत्वपूर्ण बैठक बाईस सितंबर को निर्धारित है जिसमें ब्याज दरों पर निर्णय लिया जा सकता है।
कमर्ज बैंक के किस विश्लेषक ने इस रिपोर्ट पर टिप्पणी की है?
कमर्ज बैंक के तथा घोष ने हंगेरियन फोरिंट में आए उछाल और केंद्रीय बैंक की संभावित रणनीतियों पर प्रकाश डाला है।
केंद्रीय बैंक किस मुद्रास्फीति लक्ष्य पर विचार कर रहा है?
रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय बैंक अपने मुद्रास्फीति के लक्ष्य को तीन प्रतिशत से घटाकर ढाई प्रतिशत कर सकता है।
अगस्त की बैठक में बैंक ने आधार दर कितनी तय की थी?
अगस्त की बैठक में आधार दर को पच्चीस आधार अंकों की कटौती के साथ पांच दशमलव पांच शून्य प्रतिशत पर लाया गया था।
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