विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो यानी AAIB ने एक गंभीर मामले में बड़ा खुलासा करते हुए शुक्रवार को बताया कि एयर इंडिया की फुकेट से दिल्ली आ रही फ्लाइट के मुख्य पायलट ने मादक पदार्थों का सेवन किया था। जांच में पायलट की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद इसे बेहद चिंताजनक विषय करार दिया गया है। इस सिलसिले में AAIB ने नियामक संस्था नागर विमानन महानिदेशालय यानी DGCA को पत्र लिखकर तुरंत और उचित कार्रवाई करने की पुरजोर सिफारिश की है।
हवा में अचानक 300 फीट नीचे आ गई थी फ्लाइट
AAIB ने बीते 4 अगस्त को हुई इस डरावनी घटना की शुरुआती जांच रिपोर्ट सार्वजनिक कर दी है। रिपोर्ट में बताया गया है कि इस मामले की तह तक जाने के लिए अभी विस्तृत और गहन जांच की जा रही है। उस मनहूस उड़ान के दौरान विमान अचानक हवा में ही 300 फीट नीचे की तरफ आ गया था, जिसके झटके से कई यात्री और क्रू मेंबर्स बुरी तरह जख्मी हो गए थे। अपनी अंतरिम सुरक्षा सिफारिशों में जांच एजेंसी ने स्पष्ट किया कि चालक दल के एक सदस्य की साइकोएक्टिव सब्सटेंस से जुड़ी जांच रिपोर्ट निगेटिव नहीं आने के मद्देनजर DGCA को इस प्रकार के मादक पदार्थों के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
इस घटना में 24 लोग हो गए थे घायल
फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI 2379 का संचालन एयरबस A320-251N विमान के जरिए किया जा रहा था, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर VT-EXO दर्ज किया गया था। इस विमान में 2 पायलटों और केबिन क्रू के 6 सदस्यों समेत कुल 145 लोग सवार होकर सफर कर रहे थे। AAIB की तरफ से जारी की गई 10 पन्नों की शुरुआती रिपोर्ट से यह बात सामने आई है कि जब विमान सुरक्षित तरीके से दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरा, तो उसके बाद कुल 24 लोगों को तुरंत मेडिकल हेल्प मुहैया कराई गई थी, जिनमें से 4 यात्रियों को गंभीर चोटें आने की पुष्टि हुई थी।
'निगेटिव नहीं' आई मादक पदार्थ से जुड़ी रिपोर्ट
जांच एजेंसी AAIB ने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि इस सनसनीखेज मामले की पुष्टि के लिए की गई मेडिकल पड़ताल में मुख्य पायलट का साइकोएक्टिव सब्सटेंस टेस्ट निगेटिव नहीं पाया गया है। एजेंसी का मानना है कि इस तरह के प्रतिबंधित पदार्थों के सेवन की पुष्टि होना एक बेहद गंभीर चिंता का विषय है, और यही वजह है कि AAIB ने DGCA से प्राथमिकता के आधार पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
विमान को करना पड़ा था टर्बुलेंस का सामना
विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो ने घटना के शुरुआती दौर की जानकारी साझा करते हुए बताया था कि पहले उन्हें यह सूचना दी गई थी कि उड़ान के दौरान विमान को गंभीर टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा था। हालांकि, बाद में दुर्घटनास्थल से जुटाए गए पुख्ता सबूतों और विमान में सवार लोगों को आई चोटों के मेडिकल आकलन के आधार पर इस भयानक वाकये को सामान्य झटके की बजाय दुर्घटना की श्रेणी में रख दिया गया।
चालक दल और उड़ान दल के मेंबर्स से अलग-अलग की गई पूछताछ
मामले की सत्यता और तकनीकी पहलुओं को समझने के लिए जांच एजेंसी विभिन्न पक्षों से मिले आंकड़ों और फ्लाइट के रिकॉर्ड्स की गहराई से पड़ताल कर रही है। AAIB ने जानकारी दी है कि उनके जांच दल ने घटना के तुरंत बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर ही चालक दल और उड़ान दल के सदस्यों से आमने-सामने बातचीत की थी। इसके बाद, जांच दल ने उड़ान दल के दोनों मुख्य सदस्यों को अलग बैठाकर उनसे अलग से भी लंबी पूछताछ की है ताकि हादसे की असली वजहों से पर्दा उठाया जा सके।



















