अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में शुक्रवार को यूरो और जापानी येन के बीच विनिमय दर 185.70 के आसपास स्थिर बनी रही। एक तरफ जापान में उपभोक्ता मुद्रास्फीति के आंकड़ों में आई तेजी ने वहां केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों को मजबूत किया है, वहीं दूसरी तरफ यूरोज़ोन के विनिर्माण क्षेत्र के अप्रत्याशित रूप से मजबूत आंकड़ों ने यूरो को नीचे गिरने से रोक लिया। दोनों अर्थव्यवस्थाओं से आए परस्पर विपरीत संकेतों के कारण इस मुद्रा जोड़े में कोई बड़ा बदलाव दर्ज नहीं किया गया।
जापान में महंगाई की तेज रफ्तार से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ी संभावना
जापानी येन को घरेलू अर्थव्यवस्था से सकारात्मक समर्थन मिला है, जहां ताजा खाद्य पदार्थों को छोड़कर मुख्य उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) जुलाई महीने में सालाना आधार पर 1.8% की दर से बढ़ा। यह आंकड़ा जून में दर्ज 1.6% की वृद्धि से अधिक है और चालू वर्ष में जनवरी के बाद से मुद्रास्फीति की सबसे तेज गति को दर्शाता है। इसके अलावा, अत्यधिक अस्थिर घटकों को हटाकर तैयार की गई अन्य मुद्रास्फीति माप भी इस बात की पुष्टि करती है कि देश में कीमतों का दबाव लगातार बना हुआ है। इस स्थिति ने बाजार विश्लेषकों के बीच इस धारणा को और गहरा कर दिया है कि बैंक ऑफ जापान आने वाले समय में मौद्रिक नीति को सख्त करते हुए ब्याज दरें बढ़ा सकता है।
यूरोज़ोन के विनिर्माण पीएमआई आंकड़ों ने चौंकाया, यूरो को मिला सहारा
जापानी येन की मजबूती के बावजूद यूरो की जुझारू क्षमता ने EUR/JPY दर में बड़ी गिरावट नहीं होने दी। अगस्त महीने के प्रारंभिक HCOB विनिर्माण क्रय प्रबंधक सूचकांक (PMI) के आंकड़े यूरोज़ोन के लिए राहत भरे रहे। विनिर्माण पीएमआई पिछले महीने के 51.9 से बढ़कर 52.8 पर पहुंच गया, जो 51.8 के बाजार पूर्वानुमान से बेहतर है। इसके अतिरिक्त, सेवाएं पीएमआई 51.7 पर अपरिवर्तित रहा, जो 51.5 के अनुमान से थोड़ा ऊपर है। संपूर्ण आर्थिक गतिविधि को दर्शाने वाला कंपोजिट पीएमआई भी 52 से सुधरकर 52.1 दर्ज किया गया, जिसने 51.7 के सर्वसम्मति अनुमान को पीछे छोड़ दिया। विशेष रूप से जर्मनी और समूचे यूरोज़ोन में विनिर्माण गतिविधि में आई इस बढ़त ने यूरो को मजबूती प्रदान की। शुक्रवार के कारोबार में प्रमुख वैश्विक मुद्राओं में यूरो का प्रदर्शन स्विस फ्रैंक के मुकाबले सबसे मजबूत रहा।
मुद्रा बाजार का हाल: GBP/USD और EUR/USD में दिखा दबाव
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार के अन्य प्रमुख जोड़ों में मिला-जुला रुख देखा गया। ब्रिटिश पाउंड (GBP/USD) सप्ताह के अंत में मामूली दबाव में रहा। दिन के शुरुआती कारोबार में 1.3670 के नए उच्चतम स्तर को छूने के बाद यह फिसलकर 1.3600 के निचले स्तर पर आ गया। पाउंड में यह गिरावट लगातार दो दिनों की तेजी के बाद दर्ज की गई, जिसे अमरीकी डॉलर में आए हल्के सुधार और यूनाइटेड किंगडम के कमजोर आर्थिक आंकड़ों ने प्रभावित किया।
इसी तरह यूरो/अमरीकी डॉलर (EUR/USD) भी 1.1700 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार करने के असफल प्रयास के बाद 1.1670 के स्तर के आसपास मामूली नुकसान के साथ कारोबार करता दिखा। डॉलर सूचकांक में आई हल्की बढ़त और अमरीकी बॉन्ड बाजार के बदलते परिदृश्य के बीच निवेशकों ने हालिया अमरीकी आंकड़ों का आकलन जारी रखा है।
सोना 4,600 डॉलर के पार तीन महीने के उच्चतम स्तर पर, क्रिप्टो में तेजी
कीमती धातुओं के बाजार में शुक्रवार को जबरदस्त उछाल देखने को मिला। सोने की कीमतों ने गुरुवार के अनिश्चित कारोबार को पीछे छोड़ते हुए जोरदार बढ़त बनाई और कुछ समय के लिए 4,600 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस का आंकड़ा पार कर तीन महीने के नए शिखर को छू लिया। अमरीकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और डॉलर में मामूली मजबूती के बावजूद सोने का यह मजबूत प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा।
डिजिटल परिसंपत्तियों के बाजार में भी तेजी का माहौल बना रहा, जिसका नेतृत्व बिटकॉइन (BTC) ने किया। बिटकॉइन $77,000 के स्तर से ऊपर निकल गया, जिसके असर से अन्य प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी भी हरे निशान में कारोबार करती दिखीं। एथेरियम (ETH) $2,400 के करीब और रिपल (XRP) $1.35 के स्तर के आसपास बने रहे।
केविन वॉर्श का जैक्सन होल डेब्यू, अमरीकी ट्रेजरी का तरलता कदम और एनवीडिया नतीजे
वित्तीय बाजारों की नजर आगामी केंद्रीय बैंकिंग आयोजनों और कॉरपोरेट नतीजों पर भी टिकी है। केविन वॉर्श आगामी जैक्सन होल आर्थिक संगोष्ठी में अपनी पहली उपस्थिति दर्ज कराने जा रहे हैं, हालांकि हालिया बॉन्ड बाजार हस्तक्षेपों के बाद किसी बड़े आक्रामक मौद्रिक बदलाव की संभावना कम ही जताई जा रही है। दूसरी ओर, एनवीडिया के आने वाले तिमाही नतीजे भी शेयर बाजार की भावी दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
इस बीच, अमरीकी वित्त विभाग (US Treasury) ने अपने निर्धारित कैलेंडर से हटकर बुधवार को 12:32 GMT पर एक महत्वपूर्ण घोषणा की। विभाग ने दीर्घकालिक सरकारी बॉन्ड बाज़ार में तरलता सहायता बढ़ाने का फैसला किया है। इसके तहत 10 से 20 वर्ष और 20 से 30 वर्ष की परिपक्वता अवधि वाले बॉन्ड के बायबैक ऑपरेशन की अधिकतम सीमा को $2 अरब से बढ़ाकर कम से कम $4 अरब प्रति ऑपरेशन करने का निर्णय लिया गया है। यह व्यवस्था 9 सितंबर से प्रभावी होकर 4 नवंबर तक लागू रहेगी।



















