सोमवार को कारोबारी सत्र की शुरुआत में सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई और यह दो हफ्ते के निचले स्तर के करीब आ गया। बाजार में इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक यानी फेडरल रिजर्व सितंबर महीने में ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। इस माहौल के बीच निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली का दौर भी शुरू हो गया है, जिससे बहुमूल्य धातुओं पर दबाव बढ़ गया है।
भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल का महंगाई पर असर
सोने की कीमतों में इस नरमी के पीछे मुख्य वजह पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड द्वारा स्ट्रेट ऑफ होरमुज में ईरान के रॉकेट लॉन्चर्स को निशाना बनाए जाने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आ गई है। तेल के महंगे होने से वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने का डर सताने लगा है। इस स्थिति ने फेडरल रिजर्व के नीति निर्धारकों को और अधिक आक्रामक रुख अपनाने के लिए प्रेरित किया है, जिससे ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंकाओं को बल मिला है।
फेडरल रिजर्व की नीतियां और अमेरिकी डॉलर का रुख
अमेरिका में मौद्रिक नीति का संचालन फेडरल रिजर्व द्वारा किया जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य मूल्य स्थिरता बनाए रखना और पूर्ण रोजगार को बढ़ावा देना है। जब महंगाई दर केंद्रीय बैंक के दो प्रतिशत के लक्ष्य से ऊपर निकल जाती है, तो वह ब्याज दरों में वृद्धि करता है, जिससे अर्थव्यवस्था में उधार लेना महंगा हो जाता है। ऐसी स्थिति में अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है क्योंकि वैश्विक निवेशकों के लिए वहां पैसा लगाना अधिक आकर्षक हो जाता है। हालांकि, मौजूदा सत्र में डॉलर सूचकांक में भी सुस्ती देखने को मिल रही है, जिसके चलते सोने को पूरी तरह से बड़ी गिरावट से फिलहाल राहत मिली हुई है।
तकनीकी स्तर और महत्वपूर्ण मूल्य सीमाएं
तकनीकी मोर्चे पर, सोने की चाल का विश्लेषण करने वाले जानकारों के अनुसार, कीमतें वर्तमान में महत्वपूर्ण समर्थन स्तरों की ओर बढ़ रही हैं। सोने के लिए अगला बड़ा समर्थन पचास प्रतिशत रिट्रेसमेंट स्तर 4,346.16 डॉलर के आसपास है, जिसके बाद इकसठ दशमलव आठ प्रतिशत का स्तर 4,263.27 डॉलर पर मौजूद है। यदि कीमतें इस दायरे से नीचे फिसलती हैं, तो यह 4,145.27 डॉलर और 3,994.96 डॉलर के गहरे संरचनात्मक आधारों की तरफ जा सकती हैं। दूसरी ओर, ऊपर की तरफ शुरुआती बाधाड़ 38.2 प्रतिशत रिट्रेसमेंट स्तर 4,429.04 डॉलर पर है, और उसके बाद 100-अवधि के एसएमए के करीब 4,475.07 डॉलर तथा 23.6 प्रतिशत फाइबोनैचि स्तर 4,531.59 डॉलर पर प्रतिरोध बना हुआ है, जबकि 4,697.36 डॉलर का चक्र उच्च स्तर किसी भी स्थायी रिकवरी के लिए एक दूर की बाधा बना हुआ है।
अन्य मुद्राओं और परिसंपत्तियों का हाल
सोने के अलावा अन्य प्रमुख मुद्राओं और परिसंपत्तियों में भी हलचल देखी जा रही है। ब्रिटिश पाउंड और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी सप्ताह की शुरुआत में एशियाई सत्र के दौरान 1.3500 के मध्य स्तर के नीचे कारोबार कर रही है, जो पिछले सप्ताह के भारी नुकसान से उबरने का प्रयास कर रही है। इसी तरह, यूरो और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी 1.1590 के आसपास मजबूती जुटा रही है, हालांकि फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वार्श के सख्त बयानों के बावजूद डॉलर यूरो के मुकाबले कमजोर हुआ है। इसके अलावा, क्रिप्टोकरेंसी बाजार में सोलाना की कीमत 100 डॉलर के मनोवैज्ञानिक समर्थन स्तर के आसपास संघर्ष कर रही है, क्योंकि पिछले दिन इसमें तीन प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी, हालांकि सोलाना केंद्रित एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स में पिछले सप्ताह मजबूत संस्थागत मांग देखी गई थी।



















