रिश्ते का नाम तय नहीं फिर भी उठती है जलन की टीस, जानिए इस उलझन की असल वजह और सही समाधानदेश के दूसरे सबसे बड़े आईपीओ में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की लिस्टिंग की तैयारी, मूल्यांकन बीएसई से तीन गुना आगे निकलने की उम्मीदसऊदी आपूर्ति बढ़ने की संभावना से कच्चे तेल में नरमी, 95 डॉलर के करीब फिसला डब्ल्यूटीआईब्रिटिश पाउंड में खुदरा बिक्री के आंकड़ों से उछाल, तकनीकी स्तरों पर दबाव बरकरारअमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी से सोने में तेजी, 4,400 डॉलर के स्तर पर टिकीं नजरेंअमेरिकी डॉलर के सामने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में संभलने की कोशिश, जापानी येन और सोने की चाल पर टिकी नज़रमेटा ने मैक पर उतारा नया एआई एजेंट म्यूज, कंप्यूटर पर खुद पूरे करेगा जरूरी कामशरीर के वजन से ज्यादा अंदरूनी मेटाबॉलिज्म तय करता है गुर्दे पर चर्बी का जोखिम, नई मेडिकल पड़तालकोहट में ओल्ड पुलिस लाइन के समीप भीषण धमाके से मस्जिद क्षतिग्रस्त, 15 की जान गई और भारी गोलीबारीवर्ल्ड वॉर Z सीक्वल की तैयारी शुरू, ब्रैड पिट के साथ एडवर्ड बर्जर संभालेंगे निर्देशन की कमान
कच्चे तेल में नरमी और बॉन्ड यील्ड गिरने से संभला सोना, पर फेडरल रिजर्व के सख्त रुख ने सीमित की बढ़तबाज़ार
19 सित॰ 2026, 10:59 am (16 मिनट पहले)· 0

कच्चे तेल में नरमी और बॉन्ड यील्ड गिरने से संभला सोना, पर फेडरल रिजर्व के सख्त रुख ने सीमित की बढ़त

सऊदी अरब से तेल आपूर्ति की बहाली और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट के बीच सोने की कीमतों में सुधार देखने को मिला है, हालांकि फेडरल रिजर्व की ब्याज दर बढ़ोतरी ने तेजी पर लगाम लगाई है।

GCSMA20 SMA50 · RSI · MACD
Candles + SMA20/50 · RSI(14) · MACD(12,26,9) with buy/sell signals — live from Yahoo

तकनीकी विश्लेषण19 सितंबर 2026

मूविंग एवरेजEMA 20 / 50 / 200

यह क्या है

EMA यानी एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज कीमत को सहज बनाकर छोटी (20), मध्यम (50) और लंबी (200) अवधि का रुझान दिखाती हैं। कीमत इनके ऊपर और तीनों ऊपर की ओर हों तो तेजी का रुझान; नीचे और नीचे की ओर हों तो गिरावट का रुझान।

अभी यह कहाँ है

GC अभी $4,425 पर है, जबकि EMA20 $4,430, EMA50 $4,393 और EMA200 $4,426 पर हैं।

आगे संभावित चाल

EMA50 ($4,393) के ऊपर बंद होने पर तेजी, EMA200 ($4,426) टूटने पर गिरावट खुलती है।

RSIRelative Strength Index (14)

यह क्या है

RSI 0 से 100 तक का मोमेंटम मापक है जो हालिया बढ़त बनाम गिरावट दिखाता है। 70 के ऊपर ओवरबॉट (खिंचा हुआ), 30 के नीचे ओवरसोल्ड (बिकवाली से थका), और 50 तटस्थ रेखा है।

अभी यह कहाँ है

GC का RSI 50 है।

आगे संभावित चाल

60 के ऊपर बढ़त या 40 के नीचे फिसलन पर नजर रखें।

MACDMoving Avg Convergence/Divergence

यह क्या है

MACD तेज और धीमी मूविंग एवरेज के बीच का फासला नापता है; इसकी सिग्नल लाइन और हिस्टोग्राम बताते हैं कि गति बढ़ रही है या घट रही। लाइन सिग्नल के ऊपर हो तो तेजी, नीचे हो तो मंदी।

अभी यह कहाँ है

GC की MACD लाइन अपने सिग्नल के नीचे है।

आगे संभावित चाल

अगला सिग्नल-लाइन क्रॉसओवर देखने लायक ट्रिगर है।

बोलिंजर बैंड्स20-period, 2 std-dev

यह क्या है

Bollinger Bands कीमत को उसके 20-दिनी औसत के दो स्टैंडर्ड डेविएशन के दायरे में घेरती हैं। ऊपरी बैंड अति-खिंचाव दिखाता है, निचला बिकवाली से थकान; बीच का बैंड रुझान का केंद्र है।

अभी यह कहाँ है

GC का बैंड दायरा $4,255–$4,729 है।

आगे संभावित चाल

मध्य-बैंड ($4,492) को फिर से पार करने पर गति ऊपर झुकती है।

ADXAverage Directional Index (14)

यह क्या है

ADX नापता है कि रुझान कितना मजबूत है, उसकी दिशा नहीं। 25 के ऊपर असली, कारोबार लायक रुझान; 20 के नीचे उतार-चढ़ाव वाला दायरा जहाँ ब्रेकआउट अक्सर नाकाम होते हैं।

अभी यह कहाँ है

GC का ADX 17 है।

आगे संभावित चाल

इस कम-ADX दायरे में गति से ज्यादा समर्थन/अवरोध स्तर मायने रखते हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक महीने से अधिक समय के निचले स्तर से उछलने के बाद सोना साप्ताहिक बढ़त दर्ज करने की राह पर है। पश्चिमी एशिया में सऊदी अरब से जुड़े आपूर्ति घटनाक्रमों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड के हालिया उच्चतम स्तरों से नीचे आने से पीली धातु को जरूरी सहारा मिला है। इसके बावजूद अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में की गई हालिया बढ़ोतरी और भविष्य में भी सख्त मौद्रिक नीति जारी रहने के संकेतों ने सोने की तेजी को एक सीमित दायरे में बांध रखा है।

फेडरल रिजर्व की ब्याज दर बढ़ोतरी और अमेरिकी डॉलर का दबाव

सोने के लिए बीता हफ्ता काफी उतार-चढ़ाव भरा साबित हुआ। फेडरल रिजर्व ने बुधवार को अपनी प्रमुख ब्याज दर में 25 आधार अंकों (bps) की वृद्धि की, जिससे नीतिगत दर बढ़कर 3.75%-4.00% के दायरे में पहुंच गई। वर्ष 2023 के बाद फेड की ओर से दर वृद्धि का यह पहला कदम था। केंद्रीय बैंक के इस फैसले ने वित्तीय बाजारों में हलचल पैदा कर दी, जिससे अमेरिकी डॉलर और सरकारी बॉन्ड यील्ड में जोरदार उछाल आया। इसके सीधे प्रभाव के तौर पर सोने की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY), जो छह प्रमुख मुद्राओं की एक टोकरी के मुकाबले ग्रीनबैक के मूल्य को मापता है, 100.36 के आसपास कारोबार कर रहा है, जो सात सप्ताह के उच्च स्तर के करीब है।

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उच्च उधारी लागत बिना ब्याज या यील्ड वाली संपत्तियों जैसे सोने को रखने की अवसर लागत (अपॉर्चुनिटी कॉस्ट) को बढ़ा देती है। जब सरकारी बॉन्ड और नकदी पर अधिक रिटर्न मिलता है, तो निवेशक आमतौर पर सर्राफा बाजार से दूरी बनाने लगते हैं। सीएमई फेडवॉच टूल (CME FedWatch Tool) के अनुसार, डेरिवेटिव ट्रेडर्स वर्तमान में अक्टूबर की आगामी बैठक में ब्याज दर में एक और वृद्धि की करीब 55% संभावना देख रहे हैं। यदि फेडरल रिजर्व अपनी सख्त नीति पर कायम रहता है, तो सर्राफा बाजार में तेजी की किसी भी बड़ी कोशिश पर लगाम लगी रह सकती है।

सऊदी आपूर्ति में सुधार और कच्चे तेल का घटनाक्रम

फेडरल रिजर्व के फैसले के बाद सोने पर बने दबाव को कच्चे तेल के दामों में आई नरमी ने काफी हद तक संतुलित कर दिया। पिछले हफ्ते हुए एक हमले में सऊदी अरब की पूर्व-पश्चिम (ईस्ट-वेस्ट) पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके बाद आई खबरों के अनुसार, सऊदी अरब अपने कुछ तेल निर्यातों के मार्ग बदल रहा है और क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत पर तेजी से काम कर रहा है। यह पाइपलाइन सऊदी कच्चे तेल को होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) से गुजरे बिना लाल सागर तक पहुंचने की सुविधा देती है।

सऊदी आपूर्ति व्यवस्था में इस सकारात्मक प्रगति के चलते ऊर्जा बाजारों में थोड़ी राहत दिखी, जिससे बॉन्ड यील्ड को पीछे हटने में मदद मिली। हालांकि, ऊर्जा से जुड़े महंगाई के जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड सप्ताहांत से ठीक पहले लगभग 0.63% गिरकर 96.00 डॉलर प्रति बैरल के पास बना रहा। इस दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य से वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही पर कड़े प्रतिबंध अब भी लागू हैं, जिससे भू-राजनीतिक चिंताएं बाजार में बनी हुई हैं। विश्लेषकों का मानना है कि सोने में अधिक टिकाऊ सुधार के लिए कच्चे तेल की कीमतों में और तेज गिरावट, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में कमी या फिर फेडरल रिजर्व के ब्याज दर दृष्टिकोण में नरमी आना अनिवार्य होगा।

तकनीकी विश्लेषण और चार्ट के प्रमुख स्तर

दैनिक तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो एक्सएयू/यूएसडी (XAU/USD) 4,422 डॉलर के स्तर पर मौजूद बोलिंगर बैंड्स के 20-अवधि के सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) के नीचे कारोबार कर रहा है। यह तकनीकी स्थिति निकट अवधि के रुझान को हल्का मंदी वाला (माइल्ड बेयरिश) बनाए रखती है। तकनीकी गति या मोमेंटम संकेतक भी मिले-जुले संकेत दे रहे हैं। निगेटिव मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) और कमजोर एवरेज डायरेक्शनल इंडेक्स (ADX), जो 16 पर बना हुआ है, यह दर्शाते हैं कि तेजी के प्रयासों में आवश्यक मजबूती की कमी है। वहीं 51 के स्तर पर मौजूद न्यूट्रल रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) स्पष्ट दिशात्मक कदम के बजाय बाजार में कंसॉलिडेशन यानी ठहराव का संकेत दे रहा है।

चार्ट के ऊपरी हिस्से पर, तात्कालिक प्रतिरोध बोलिंगर मिडल बैंड पर 4,422 डॉलर के पास है। इसके पार जाने पर मनोवैज्ञानिक बाधा 4,500 डॉलर के स्तर पर स्थित है, जिसके बाद बोलिंगर अपर बैंड 4,654 डॉलर के करीब दिखाई देता है। वहीं दूसरी तरफ, गिरावट आने पर तात्कालिक सहारा 4,189 डॉलर के बोलिंगर लोअर बैंड के पास मिल सकता है। यदि बिकवाली का दबाव गहराता है, तो अधिक मजबूत क्षैतिज आधार 4,000 डॉलर के स्तर पर मौजूद है, जहां निचले स्तरों पर मजबूत खरीदारी (डिप-बाइंग) लौटने की संभावना मानी जा रही है।

ताजा बाजार आंकड़ों के मुताबिक, सोने का भाव 4,425 डॉलर के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले 4,400 डॉलर के बंद स्तर से 0.57% की दैनिक बढ़त दर्शाता है। इसका 52 हफ्तों का दायरा 3,664 डॉलर से 5,586 डॉलर के बीच रहा है, जबकि ट्रेडिंग वॉल्यूम इसके 20-दिवसीय औसत का 0.90 गुना है। लाइव तकनीकी संकेतकों में 14-अवधि का आरएसआई 50 पर है। एमएसीडी का स्तर -1.38 और सिग्नल लाइन 19.46 है (हिस्टोग्राम -20.83, मंदी का संकेत)। मूविंग एवरेज में ईएमए20 4,430 डॉलर, ईएमए50 4,393 डॉलर और ईएमए200 4,426 डॉलर पर स्थित हैं, जिसमें ईएमए50 के ईएमए200 से नीचे होने के चलते एक डेथ क्रॉस पैटर्न बना हुआ है। बोलिंगर बैंड्स का दायरा 4,255 डॉलर से 4,729 डॉलर के बीच है, जिसका मध्य स्तर 4,492 डॉलर पर है। 14-अवधि का एडीएक्स 17 पर कमजोर दायरे का संकेत देता है, जबकि स्टोकेस्टिक में फास्ट लाइन 53 और सिग्नल लाइन 37 पर है। दैनिक अस्थिरता को दर्शाने वाला एटीआर (108.68) ट्रेडर्स के लिए स्टॉप-लॉस बफर का काम कर सकता है। दैनिक पिवट स्तर 4,412 डॉलर है, जहां प्रतिरोध आर1 4,452 डॉलर व आर2 4,480 डॉलर पर और समर्थन एस1 4,385 डॉलर व एस2 4,345 डॉलर पर आंका गया है।

केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और सुरक्षित निवेश का महत्व

मानव इतिहास में सोने ने मूल्य संचय (स्टोर ऑफ वैल्यू) और विनिमय के माध्यम के रूप में एक बुनियादी भूमिका निभाई है। वर्तमान युग में, आभूषणों के आकर्षण के अलावा, इस कीमती धातु को वैश्विक स्तर पर एक सुरक्षित पनाहगाह (सेफ-हेवन एसेट) के रूप में देखा जाता है। संकट, राजनीतिक उथल-पुथल या मंदी के समय में यह पूंजी संरक्षण का एक प्रमुख जरिया बनता है। सोना मुद्रास्फीति और अवमूल्यन के खिलाफ एक कारगर बचाव भी प्रदान करता है, क्योंकि इसका वजूद किसी एक संप्रभु सरकार, बैंक या जारीकर्ता की साख पर निर्भर नहीं करता।

दुनिया भर के केंद्रीय बैंक सोने के सबसे बड़े धारक हैं। आर्थिक संकट के समय में अपनी राष्ट्रीय मुद्राओं को सहारा देने और विदेशी मुद्रा भंडार में विविधता लाने के लिए वे नियमित रूप से सोना खरीदते हैं। विशाल स्वर्ण भंडार किसी देश की वित्तीय साख और शोधन क्षमता पर अंतरराष्ट्रीय विश्वास पैदा करता है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के मुताबिक, केंद्रीय बैंकों ने वर्ष 2022 में अपने भंडार में 1,136 टन सोना जोड़ा था, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 70 अरब डॉलर थी। रिकॉर्ड शुरू होने के बाद से यह केंद्रीय बैंकों द्वारा की गई सबसे बड़ी वार्षिक खरीद थी। विशेष रूप से चीन, भारत और तुर्की जैसे उभरते बाजारों के केंद्रीय बैंक तेजी से अपने स्वर्ण भंडार का विस्तार कर रहे हैं। लंबे समय के लिहाज से केंद्रीय बैंकों की यह निरंतर मांग, संस्थागत निवेश और गोल्ड समर्थित एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) में स्थिर प्रवाह धातु की कीमतों को ठोस आधार प्रदान करते हैं।

मुद्रा, बॉन्ड और वैश्विक संपत्तियों के साथ अंतर्संबंध

सोने का अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड के साथ आमतौर पर विपरीत संबंध (इनवर्स कोरिलेशन) देखा जाता है। डॉलर और ट्रेजरी बॉन्ड भी दुनिया की प्रमुख आरक्षित संपत्तियां हैं। जब डॉलर कमजोर होता है, तो सोने की कीमतों में तेजी आती है, जिससे अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को अपने निवेश पोर्टफोलियो को सुरक्षित रखने का अवसर मिलता है। इसके अतिरिक्त, जोखिम वाली संपत्तियों (जैसे इक्विटी बाजार) के साथ भी सोने का विपरीत संबंध रहता है। जब शेयर बाजारों में बड़ी तेजी आती है, तो सोने की मांग घटती है, जबकि जोखिम भरे बाजारों में भारी बिकवाली और अनिश्चितता के दौर में निवेशक सुरक्षा की तलाश में सोने की ओर रुख करते हैं।

सोने के मूल्य निर्धारण में कई कारक एक साथ भूमिका निभाते हैं। भू-राजनीतिक अस्थिरता या गहरी मंदी की आशंकाओं के बीच सेफ-हेवन मांग के चलते भाव तेजी से आसमान छू सकते हैं। चूंकि सोने पर कोई निश्चित ब्याज नहीं मिलता, इसलिए ब्याज दरों में कमी आने पर इसका आकर्षण बढ़ जाता है, जबकि उधारी की ऊंची दरें इस पर भारी पड़ती हैं। फिर भी, अल्पकालिक उतार-चढ़ाव काफी हद तक इस बात पर निर्भर करते हैं कि अमेरिकी डॉलर का व्यवहार कैसा है, क्योंकि वैश्विक स्तर पर सोने का सौदा डॉलर में तय होता है। एक मजबूत डॉलर सोने की कीमत को दबाकर रखता है, जबकि कमजोर होता डॉलर धातु को नई ऊंचाई की ओर धकेलता है।

विदेशी मुद्रा बाजार और वैश्विक रुझान

वैश्विक वित्तीय बाजारों में मुद्रा जोड़े भी विभिन्न केंद्रीय बैंकों के नीतिगत फैसलों पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर (AUD/USD) जोड़ी एशियाई सत्र में लगातार दूसरे दिन 0.7100 के ऊपर सकारात्मक रुख के साथ कारोबार करती दिखी, क्योंकि नरम होती बॉन्ड यील्ड ने डॉलर पर दबाव बनाया। इसके अलावा रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) की गवर्नर बुलॉक की सख्त टिप्पणियों ने वहां ब्याज दर वृद्धि की उम्मीदों को बढ़ावा दिया है, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को समर्थन मिला। हालांकि, फेड के कड़े रुख और वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं ने डॉलर के नुकसान को सीमित रखते हुए इस जोड़ी की बढ़त को भी सीमित किया है।

दूसरी ओर, अमेरिकी डॉलर बनाम जापानी येन (USD/JPY) यूरोपीय सत्र के दौरान तेजी के रुख में लौटते हुए 158.00 के स्तर के करीब दो सप्ताह के नए उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। बैंक ऑफ जापान (BOJ) द्वारा नीतिगत दर को बढ़ाकर 1.25% करने और गवर्नर उएदा के सख्त बयानों के बावजूद जापानी मुद्रा में कमजोरी बनी रही, जिसका मुख्य कारण दर वृद्धि के फैसले के खिलाफ आए दो अप्रत्याशित असहमति भरे मत (डिसेंटिंग वोट्स) रहे। जापानी येन एक दशक से भी अधिक समय तक दुनिया भर के बाजारों में खरबों डॉलर के वैश्विक निवेश के लिए सबसे सस्ता फंडिंग स्रोत रहा है, क्योंकि बैंक ऑफ जापान ने लंबे समय तक अत्यधिक नरम ब्याज दरों को बनाए रखा था। जहां अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं ने मुद्रास्फीति से निपटने के लिए दरें तेजी से बढ़ाईं, वहीं जापान लंबे समय तक अपवाद बना रहा। अब नीति में सख्ती के साथ यह ढांचा बदलाव के दौर में प्रवेश कर रहा है।

क्रिप्टोकरेंसी और डिजिटल बाजार की स्थिति

पारंपरिक संपत्तियों के साथ-साथ डिजिटल बाजार में भी पुनरुद्धार के संकेत देखे जा रहे हैं। बिटकॉइन (BTC) ने जुलाई में 57,800 डॉलर के वार्षिक निचले स्तर तक गिरने के बाद जोरदार वापसी की है। इस डिजिटल संपत्ति ने लगभग 33% की रिकवरी दर्ज की और जुलाई तथा अगस्त के महीनों में लगातार बढ़त हासिल की। हालांकि, इस हालिया तेजी के बावजूद बिटकॉइन अपने सर्वकालिक उच्चतम स्तर (ऑल-टाइम हाई) से करीब 40% नीचे बना हुआ है। बाजार सहभागियों के सामने अब यह मुख्य सवाल बना हुआ है कि क्या यह वापसी एक नए बुलिश दौर की शुरुआत है या फिर व्यापक मंदी चक्र (बेयर-मार्केट साइकिल) के भीतर केवल एक अस्थाई सुधार है।

सोने के खरीदार फिलहाल शुक्रवार को यूरोपीय सत्र के दौरान धातु की 4,400 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर निरंतर टिके रहने की क्षमता पर नजरें गड़ाए हुए हैं। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नरमी ने डॉलर के विस्तार को फिलहाल रोक रखा है, लेकिन आने वाले दिनों में फेड अधिकारियों के भाषण और अमेरिका से आने वाले आर्थिक आंकड़े ही यह तय करेंगे कि सोने की इस हफ्ते की तेजी आगे बरकरार रहेगी या फिर दरों के बढ़ते दबाव के सामने पीली धातु को अपने हालिया लाभ गंवाने पड़ेंगे।

सवाल-जवाब

फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में क्या बदलाव किया है?
फेडरल रिजर्व ने अपनी नीतिगत ब्याज दर में 25 आधार अंकों की वृद्धि की है, जिससे नई दर 3.75%-4.00% के दायरे में पहुंच गई है।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से सोने को कैसे सहारा मिला?
कच्चे तेल के दाम गिरने से अमेरिकी बॉन्ड यील्ड अपने हालिया शिखर से नीचे आ गई, जिससे बिना यील्ड वाले सोने पर बना दबाव कम हुआ।
सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन क्यों महत्वपूर्ण है?
यह पाइपलाइन सऊदी अरब के कच्चे तेल को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरे बिना लाल सागर तक पहुंचने का सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग प्रदान करती है।
सोने के लिए तात्कालिक तकनीकी प्रतिरोध और समर्थन स्तर क्या हैं?
सोने के लिए पहला प्रमुख प्रतिरोध 4,422 डॉलर और 4,500 डॉलर पर है, जबकि तात्कालिक समर्थन 4,189 डॉलर और उसके बाद 4,000 डॉलर के स्तर पर है।
केंद्रीय बैंकों ने सोने के भंडार को लेकर क्या ऐतिहासिक कदम उठाया था?
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, केंद्रीय बैंकों ने वर्ष 2022 में 70 अरब डॉलर मूल्य का 1,136 टन सोना अपने भंडार में जोड़कर रिकॉर्ड बनाया था।
बैंक ऑफ जापान ने अपनी ब्याज दरों में क्या फैसला लिया है?
बैंक ऑफ जापान ने अपनी नीतिगत ब्याज दर को बढ़ाकर 1.25% कर दिया है, हालांकि इस फैसले में दो असहमति भरे मत भी दर्ज किए गए।
संपादकीय नीति सुधार नीति

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