गुरुवार के कारोबारी सत्र में लिंकन फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली। दोपहर 3:15 बजे बीएसई पर कंपनी का शेयर 2.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ 624.4 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रहा था, जिससे कंपनी का बाजार पूंजीकरण 1,250.66 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। ट्रेडिंग के दौरान शेयर ने 615.30 रुपये का निचला स्तर और 624.40 रुपये का उच्च स्तर छुआ। ब्रोकरेज फर्म एंजेल वन ने अपनी हालिया रिसर्च रिपोर्ट में कहा है कि भारतीय दवा निर्माता कंपनी दो अंकों में विकास दर बनाए रखने के लिए पूरी तरह तैयार है। कंपनी को अपने विविधीकृत ब्रांडेड जेनेरिक पोर्टफोलियो और उच्च मार्जिन वाले क्रोनिक थेरेपी सेगमेंट में बढ़ती पैठ का सीधा फायदा मिल रहा है।
एंजेल वन की 'बाय' रेटिंग और टारगेट प्राइस का आधार
एंजेल वन ने लिंकन फार्मास्युटिकल्स के शेयर को 'बाय' (खरीदने) की रेटिंग दी है और 845 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2027 की अनुमानित प्रति शेयर कमाई (EPS) 56 रुपये के 15 गुना पर शेयर का मूल्यांकन किया है। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कंपनी का कर पश्चात लाभ (PAT) सालाना आधार पर 31 प्रतिशत बढ़ा है, जिससे उत्साहित होकर ब्रोकरेज ने अपने कमाई के अनुमान में बढ़ोतरी की है। रिपोर्ट के अनुसार, 845 रुपये का यह टारगेट मजबूत ब्रांडेड जेनेरिक पोर्टफोलियो, कर्ज मुक्त बैलेंस शीट, विनियमित अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बढ़ते निर्यात और 1,000 करोड़ रुपये के वार्षिक रेवेन्यू हासिल करने के स्पष्ट रोडमैप पर आधारित है।
वित्तीय स्थिति और 1,000 करोड़ रुपये का रेवेन्यू लक्ष्य
कंपनी की वित्तीय स्थिति बेहद मजबूत है। लिंकन फार्मास्युटिकल्स की बैलेंस शीट लगभग कर्ज मुक्त है और उसके पास 200 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी मौजूद है। कंपनी प्रबंधन ने अगले तीन वर्षों में कुल रेवेन्यू को 1,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। हाथ में मौजूद सरप्लस कैश की बदौलत कंपनी विकास के नए अवसरों पर विचार कर रही है, जिसमें गुजरात में एक नई ग्रीनफील्ड विनिर्माण सुविधा स्थापित करने की योजना भी शामिल है। एंजेल वन के मुताबिक, आने वाली तिमाहियों में नए ग्रोथ लीवर्स से कंपनी की आय और लाभ मार्जिन दोनों में सुधार होगा।
वैल्यूएशन में छूट और फार्मा सेक्टर से तुलना
मूल्यांकन के नजरिए से देखें तो लिंकन फार्मास्युटिकल्स का शेयर फिलहाल अपने पिछले 12 महीनों की कमाई के 14.5 गुना के आसपास ट्रेड कर रहा है। यह फार्मा सेक्टर के औसतन 30 गुना वैल्यूएशन की तुलना में काफी कम है। विश्लेषकों का मानना है कि सेक्टर के औसत से इतना बड़ा अंतर शेयर के री-रेटिंग की काफी गुंजाइश छोड़ता है। जैसे-जैसे कंपनी की कमाई बढ़ेगी, शेयर के भाव में सेक्टर के अनुरूप सुधार देखने को मिल सकता है। क्रोनिक थेरेपी पोर्टफोलियो में मजबूती और एक्सपोर्ट मार्केट के विस्तार से निवेशकों को लंबी अवधि में अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना है।
शेयर का प्रदर्शन और 52 हफ्तों का दायरा
लिंकन फार्मास्युटिकल्स ने अपने निवेशकों को लंबे समय में शानदार रिटर्न दिया है। साल 2026 में अब तक इस शेयर की कीमत में 30 प्रतिशत की तेजी आ चुकी है, जबकि पिछले पांच सालों में शेयर ने लगभग 92 प्रतिशत की उछाल दर्ज की है। कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 15.09 प्रतिशत बना हुआ है। 52 हफ्तों के दायरे की बात करें तो शेयर ने 27 मई 2026 को 770 रुपये का अपना नया 52-सप्ताह का उच्चतम स्तर छुआ था, जबकि 28 जनवरी 2026 को शेयर 439.95 रुपये के 52-सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया था।



















