अल्फाबेट के गूगल शेयर (GOOG) के लिए बीता हफ्ता बेहद खराब रहा। मई के मध्य में 408 डॉलर के ऊंचे स्तर से यह शेयर लुढ़ककर करीब 15% नीचे आ गया। बुधवार को कारोबार बंद होने पर यह 345 डॉलर पर पहुंच गया और दिन का अंत नुकसान के साथ हुआ। लगातार गिरावट ने निवेशकों को परेशान कर दिया है, क्योंकि अब तक यह शेयर अपने सबसे निचले स्तर पर ठहरता नजर नहीं आ रहा। हर बार जब कोई भविष्यवाणी इसके चढ़ने की बात कहती है, GOOG उल्टा नीचे की ओर भागता है और अनुमान को गलत साबित कर देता है। यही वजह है कि गिरावट में खरीदारी अब जोखिम भरा सौदा बन गई है और कारोबारी खरीदने से कतरा रहे हैं।
आखिर गूगल का शेयर किस वजह से नीचे जा रहा है
असली चोट कंपनी को अपने बड़े और अहम कर्मचारियों के इस्तीफों से लगी है। पिछले कुछ समय में एक के बाद एक सीनियर अधिकारियों ने अल्फाबेट छोड़कर उसकी प्रतिद्वंद्वी कंपनियों का रुख कर लिया। नोआम शजीर और जॉन जम्पर ने गूगल छोड़कर उसकी सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्वी ओपनएआई का दामन थाम लिया। इनके अलावा भी कई बड़े अधिकारियों के बाहर जाने से शेयर की गिरावट और गहरी हो गई, क्योंकि वे भी दूसरी कंपनियों में जा पहुंचे। इन इस्तीफों का सीधा असर जेमिनी और कंपनी के दूसरे AI कारोबार की रफ्तार पर पड़ सकता है।
इन्हीं विदाइयों की कीमत अल्फाबेट को इस हफ्ते 270 अरब डॉलर के भारी नुकसान के रूप में चुकानी पड़ी। सोमवार को GOOG के शेयर 5% से ज्यादा टूटे, जो इस साल का इसका सबसे बुरा दिन रहा। अल्फाबेट की दिग्गज AI टीम अब प्रतिभा की किल्लत से जूझ रही है, क्योंकि उसके सबसे काबिल लोग प्रतिद्वंद्वियों के पास जा रहे हैं। शजीर का जाना तो और भी चौंकाने वाला है, क्योंकि अल्फाबेट ने महज दो साल से भी कम समय पहले उन्हें वापस अपने साथ लाने के लिए 2.7 अरब डॉलर खर्च किए थे। इसके अलावा कंपनी ने अपने कई और टॉप टैलेंट AI स्टार्टअप्स के हाथों गंवाए हैं।
वॉल स्ट्रीट इसे क्या नाम दे रही है
वॉल स्ट्रीट इस पूरे हालात को 'AI ब्रेन ड्रेन' कह रही है। बेहतरीन AI विशेषज्ञों की मांग इतनी ज्यादा है कि नई कंपनियां इन दिमागों को अपने साथ जोड़ने के लिए मोटी रकम लुटाने को तैयार हैं। ये कंपनियां सही प्रतिभा को पाने के लिए अल्फाबेट से भी ज्यादा पैकेज ऑफर कर रही हैं। AI से जुड़ा हुनर इस वक्त सबसे ज्यादा मांग वाला कौशल बन चुका है और कंपनियां इसके लिए बेहिसाब पैसा दे रही हैं। यही सारी वजहें मिलकर गूगल के शेयर को एक महीने से भी ज्यादा समय से मुश्किल में बनाए हुए हैं।













