हैदराबाद में मुख्यालय वाली निजी रक्षा निर्माण कंपनी अपोलो माइक्रो सिस्टम्स सोमवार को शेयर बाजार में निवेशकों के ध्यान में रहेगी। जून तिमाही के दौरान मजबूत वित्तीय नतीजे घोषित करने के बाद कंपनी के शेयरों में महत्वपूर्ण गतिविधि देखने को मिल सकती है। रक्षा क्षेत्र की इस इलेक्ट्रॉनिक निर्माता कंपनी ने अपनी लाभप्रदता और परिचालन राजस्व दोनों में उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की है, जो इसके व्यावसायिक विस्तार को दर्शाती है।
पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे और राजस्व का आंकड़ा
अपोलो माइक्रो सिस्टम्स ने जून तिमाही के अपने समेकित शुद्ध लाभ में सालाना आधार पर 43 फीसदी का उछाल दर्ज किया है, जो बढ़कर 48 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसके अलावा, कंपनी ने अपने समेकित शुद्ध लाभ में 42 फीसदी की वार्षिक वृद्धि के साथ 28 करोड़ रुपये का आंकड़ा भी दर्ज किया है, जो पिछले वित्त वर्ष 26-27 की जून तिमाही में 19 करोड़ रुपये था।
वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, कंपनी का EBITDA मार्जिन सालाना आधार पर 18 फीसदी बढ़कर 48 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 41 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। राजस्व के मोर्चे पर भी कंपनी का प्रदर्शन ठोस रहा है। AMS का शुद्ध राजस्व Q1FY27 में 17 फीसदी बढ़कर 156 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जबकि Q1FY26 में यह 134 करोड़ रुपये था। वहीं, परिचालन से कंपनी का कुल राजस्व Q1FY27 में बढ़कर 251.3 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछली समान तिमाही में 134.5 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था।
कंपनी नेतृत्व का बयान और भावी रणनीतियां
मजबूत वित्तीय प्रदर्शन पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए अपोलो माइक्रो सिस्टम्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक बड्डम करुणाकर रेड्डी ने कंपनी की रणनीति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, "अब तक का सर्वश्रेष्ठ Q1 प्रदर्शन हमारी निष्पादन क्षमता, लचीलेपन और सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं पर निरंतर ध्यान देने का एक मजबूत प्रतिबिंब है।"
प्रबंध निदेशक ने जोर देकर कहा कि रक्षा क्षेत्र की उभरती आवश्यकताओं के साथ तालमेल बिठाते हुए कंपनी को इस गति को और तेज निष्पादन के साथ आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कंपनी अपनी तकनीकी क्षमताओं को और मजबूत करेगी, राष्ट्रीय रक्षा तैयारियों में अपना योगदान गहरा करेगी तथा अधिक गति, अनुशासन और उद्देश्य के साथ डिलीवरी प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित रखेगी।
शेयर बाजार प्रदर्शन, मूल्यांकन और मल्टीबैगर रिटर्न
सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन कंपनी का शेयर मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। बीएसई पर अपोलो माइक्रो सिस्टम्स का शेयर 0.15 फीसदी की तेजी के साथ 403.95 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुआ। इस भाव पर कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण 15,010.76 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। दिन के कारोबार के दौरान शेयर ने 408.50 रुपये का उच्च स्तर और 402.00 रुपये का निचला स्तर छुआ।
शेयर के 52 सप्ताह के आंकड़ों पर नजर डालें तो इसने 3 जुलाई 2026 को 466.70 रुपये प्रति शेयर का अपना 52-सप्ताह का उच्चतम स्तर छुआ था। इसके विपरीत, 7 अगस्त 2025 को शेयर अपने 52-सप्ताह के निचले स्तर 175 रुपये प्रति शेयर पर आ गया था। कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 15.67 फीसदी बना हुआ है। पिछले तीन महीनों में इस शेयर ने निवेशकों को 28 फीसदी का रिटर्न दिया है, जबकि वर्ष 2026 में अब तक इसमें लगभग 46 फीसदी की तेजी आई है। बीते दो वर्षों की अवधि में इस डिफेंस शेयर ने करीब 266 फीसदी का मल्टीबैगर रिटर्न प्रदान किया है।



















