अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में न्यूजीलैंड डॉलर के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की बढ़त का दौर जारी है, जिससे मंगलवार के शुरुआती यूरोपीय कारोबारी सत्र में यह मुद्रा जोड़ी टूटकर 0.5590 के आसपास पहुंच गई। ताजा कारोबारी आंकड़ों के अनुसार यह जोड़ी 0.5596 के स्तर पर कारोबार कर रही है, जो पिछले 0.5617 के बंद भाव से 0.39 प्रतिशत नीचे है। हालांकि रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 24 के स्तर पर अत्यधिक बिकवाली की ओर इशारा कर रहा है, लेकिन चार्ट पर मंदी का रुझान अब भी अपनी पकड़ बनाए हुए है। बाजार में विक्रेता लगातार हावी हैं और किसी भी तकनीकी उछाल को बिकवाली के अवसर के रूप में देखा जा रहा है।
फेडरल रिजर्व का सख्त रुख और ब्याज दरों का समीकरण
अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की अधिकारी लोगन के हालिया संबोधन ने वैश्विक वित्तीय बाजारों में सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदों को दोबारा हवा दी है। उनके भाषण में नीतिगत दरों को और अधिक समय तक ऊंचा बनाए रखने और कम से कम 50 आधार अंकों की अतिरिक्त बढ़ोतरी के साथ कई अन्य कदमों की वकालत की गई है। भाषण के विश्लेषण से स्पष्ट संकेत मिलता है कि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी केवल अवधि प्रीमियम के कारण नहीं है, बल्कि उच्च ब्याज दरों की बाजार अपेक्षाओं को भी दर्शाती है। मजबूत आर्थिक विस्तार, संतुलित श्रम बाजार और मूल्य स्थिरता को पुनर्जीवित करने की प्रतिबद्धता अमेरिकी डॉलर के लिए मजबूती का आधार तैयार कर रही है।
दूसरी तरफ, रिजर्व बैंक ऑफ न्यूजीलैंड द्वारा इसी महीने ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी कर इसे 3.0 प्रतिशत पर ले जाने की लगभग 58 प्रतिशत संभावना बाजार में आंकी जा रही है। दिसंबर में संभावित कदम की संभावनाओं को बाजार पहले ही पूरी तरह अपने भावों में शामिल कर चुका है। न्यूजीलैंड का केंद्रीय बैंक मध्यम अवधि में मुद्रास्फीति को 1 प्रतिशत से 3 प्रतिशत के दायरे में रखने का लक्ष्य रखता है, जिसका केंद्र बिंदु 2 प्रतिशत है। जब महंगाई दर इस दायरे से ऊपर निकलती है, तो केंद्रीय बैंक ब्याज दरें बढ़ाकर अर्थव्यवस्था को संतुलित करता है, जिससे बॉन्ड यील्ड बढ़ती है और विदेशी पूंजी आकर्षित होती है। इसके विपरीत, जब दरों में कमी की संभावना बनती है, तो कीवी मुद्रा का आकर्षण घट जाता है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व और न्यूजीलैंड के केंद्रीय बैंक के बीच ब्याज दरों का यह अंतर सीधे तौर पर मुद्रा के उतार-चढ़ाव को प्रभावित करता है।
दैनिक चार्ट पर तकनीकी स्तर और समर्थन-प्रतिरोध
दैनिक तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो मुद्रा जोड़ी का मंदी का रुख साफ दिखाई दे रहा है। हाजिर भाव 20-दिवसीय बोलिंजर मिडिल बैंड और 100-दिवसीय मूविंग एवरेज के नीचे लगातार बना हुआ है। 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज 0.5772 और 200-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज 0.5815 के साथ डेथ क्रॉस की स्थिति दर्शा रहा है, जो लंबी अवधि के मंदी चक्र की पुष्टि करता है। बोलिंजर बैंड के विश्लेषण से पता चलता है कि निचला बैंड 0.5555 पर तत्काल समर्थन प्रदान कर रहा है, जबकि ऊपरी बैंड 0.5840 के करीब स्थित है। लाइव संकेतकों में 20-दिवसीय बोलिंजर रेंज 0.5554 से 0.5865 तक फैली है, जिसका मध्य स्तर 0.5710 है।
यदि बिकवाली का दबाव बढ़ता है और भाव 0.5555 के निचले स्तर को तोड़ते हैं, तो अगला बड़ा समर्थन 8 अप्रैल 2025 के 0.5520 के निचले स्तर पर खुलेगा। इसके बाद 9 अप्रैल 2025 का निचला स्तर 0.5485 परीक्षण के दायरे में आ सकता है। मौजूदा 52-सप्ताह का दायरा 0.5582 से 0.6093 तक है, जहां 0.5582 का स्तर 20-दिवसीय मजबूत समर्थन की तरह काम कर रहा है। ऊपर की ओर, पहला तकनीकी प्रतिरोध 26 जून के निचले स्तर 0.5626 पर स्थित है। यदि रिकवरी का कोई प्रयास होता है, तो 20-दिवसीय बोलिंजर मिडिल बैंड 0.5700, 100-दिवसीय मूविंग एवरेज 0.5805 और 0.5840 का क्षेत्र किसी भी बड़ी तेजी को सीमित करने का काम करेगा। स्टोकेस्टिक संकेतक की फास्ट लाइन 8 और सिग्नल लाइन 12 पर स्थित है, जबकि एडीएक्स 57 पर पहुंचकर मजबूत मंदी की प्रवृत्ति को रेखांकित कर रहा है। पिवट स्तर 0.5598 के आसपास है, जिसके ऊपर आर1 0.5605 और आर2 0.5614 प्रतिरोध के तौर पर खड़े हैं, जबकि नीचे एस1 0.5589 और एस2 0.5582 समर्थन प्रदान कर रहे हैं।
न्यूजीलैंड की अर्थव्यवस्था और वैश्विक व्यापारिक संबंध
न्यूजीलैंड डॉलर, जिसे वित्तीय जगत में कीवी के नाम से भी जाना जाता है, अपनी अर्थव्यवस्था की आंतरिक सेहत और वैश्विक व्यापार चक्रों से गहरा जुड़ाव रखता है। न्यूजीलैंड का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार चीन है, और चीनी अर्थव्यवस्था में आने वाले किसी भी उतार-चढ़ाव का सीधा असर न्यूजीलैंड के निर्यात पर पड़ता है। यदि चीनी मांग सुस्त होती है, तो इसका नकारात्मक प्रभाव कीवी मुद्रा पर तुरंत दिखाई देता है।
इसके साथ ही, डेयरी उत्पाद न्यूजीलैंड के कुल निर्यात का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डेयरी की ऊंची कीमतें निर्यात आय को बढ़ाती हैं, जिससे देश की आर्थिक स्थिति और उसकी मुद्रा दोनों को मजबूती मिलती है। इसके विपरीत, डेयरी उत्पादों की कीमतों में नरमी मुद्रा के मूल्य को नीचे खींचती है। न्यूजीलैंड के व्यापक आर्थिक आंकड़े जैसे उच्च आर्थिक वृद्धि, निम्न बेरोजगारी दर और बेहतर उपभोक्ता विश्वास मुद्रा को समर्थन प्रदान करते हैं, जबकि कमजोर आंकड़े पूंजी निकासी का कारण बनते हैं। इसके अतिरिक्त, वैश्विक जोखिम धारणा भी अहम भूमिका निभाती है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेशक जोखिम उठाने के लिए तैयार होते हैं, तो जिंस-आधारित मुद्राओं में उछाल आता है। लेकिन अनिश्चितता या उथल-पुथल के दौर में निवेशक सुरक्षित संपत्तियों की ओर भागते हैं, जिससे कीवी जैसी जोखिम वाली संपत्तियों पर दबाव गहरा जाता है।
अन्य वैश्विक संपत्तियों और मुद्राओं का प्रदर्शन
वैश्विक वित्तीय बाजारों में व्यापक स्तर पर बॉन्ड यील्ड में उछाल देखा जा रहा है, जिसने फिक्स्ड इनकम बाजार को प्रभावित किया है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की जोड़ी में मंगलवार के एशियाई सत्र के दौरान सुस्ती दर्ज की गई, जिससे पिछले सप्ताह छुए गए दो महीने के निचले स्तर से शुरू हुई दो दिवसीय रिकवरी रुक गई। हालांकि इस महीने ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक की तरफ से संभावित दर वृद्धि ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को कुछ हद तक सहारा दे सकती है, लेकिन अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का बहु-वर्षीय उच्च स्तर पर टिके रहना डॉलर को मजबूती दे रहा है।
अमेरिकी डॉलर और जापानी येन की जोड़ी शुरुआती यूरोपीय कारोबार में दोबारा 158.00 के ऊपर पहुंच गई। बैंक ऑफ जापान की सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदों और संभावित हस्तक्षेप के जोखिमों के बावजूद जापानी येन में मजबूती नहीं आ सकी, और उच्च अमेरिकी यील्ड के चलते डॉलर येन पर भारी पड़ता दिखा। कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतें मामूली इंट्राडे नुकसान के साथ कारोबार करती दिखीं, हालांकि भाव 4,100 डॉलर प्रति औंस के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर बने रहे, जो मंगलवार की शुरुआत में दो महीने का निचला स्तर था। अक्टूबर में फेडरल रिजर्व की दर वृद्धि की कम होती संभावनाओं ने गैर-ब्याज वाली इस पीली धातु के नुकसान को कुछ हद तक सीमित करने का काम किया है।
यूरोपीय राजनीति और भू-राजनीतिक कारक
आर्थिक आंकड़ों के लिहाज से आज किसी बड़े टियर-1 डेटा की घोषणा निर्धारित नहीं है, जिससे निवेशकों का मुख्य ध्यान यूरोपीय बाजार के घटनाक्रमों और पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक हालात पर टिका हुआ है। फ्रांस में राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदल रहे हैं, जहां बजट विवाद को लेकर सोशलिस्ट पार्टी और मरीन ले पेन की नेशनल रैली द्वारा सरकार गिराने की दिशा में कदम उठाने की संभावनाओं पर करीबी नजर रखी जा रही है।
दूसरी ओर, यूरोपीय सेंट्रल बैंक के सामने मौद्रिक नीति को लेकर एक गंभीर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। सामान्य परिस्थितियों में जब मुद्रास्फीति अपने निर्धारित लक्ष्य से लगभग दोगुनी रफ्तार से चल रही हो, तो केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में सीधी बढ़ोतरी का रास्ता चुनता है। लेकिन वर्तमान में बॉन्ड बाजार अपने स्तर पर ही मौद्रिक सख्ती का काम कर रहा है, जिसके चलते केंद्रीय बैंक के लिए आगे का नीतिगत रास्ता तय करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। इन सभी जटिल वैश्विक कारकों के बीच अमेरिकी डॉलर का दबदबा कायम है, जिससे न्यूजीलैंड डॉलर पर मंदी का दबाव बना हुआ है।




















