अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में जोखिम से जुड़ी मुद्राओं पर बिकवाली का गहरा दबाव देखा जा रहा है, जिसके चलते न्यूजीलैंड डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.5600 के अहम स्तर से नीचे लुढ़क गया है। कारोबारी सत्र के दौरान यह मुद्रा फिसलकर 0.5585 के स्तर तक पहुंच गई, जो इस वर्ष का इसका सबसे निचला स्तर दर्ज किया गया है। पिछले छह हफ्तों के दौरान कीवी मुद्रा में 6 प्रतिशत से अधिक की भारी गिरावट दर्ज की जा चुकी है, जिससे यह अपने दो महीने के निचले दायरे के आसपास सीमित दायरे में कारोबार कर रही है। वैश्विक वित्तीय बाजारों में इस तीव्र गिरावट ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है, विशेष रूप से तब जब सरकारी बॉन्ड यील्ड में अप्रत्याशित उछाल देखने को मिल रहा है।
वैश्विक बॉन्ड बाजार में हलचल और मुद्रास्फीति का डर
सोमवार के कारोबारी सत्र में जोखिम के प्रति संवेदनशील संपत्तियों में निवेशकों का भरोसा डगमगाता नजर आया। ऊर्जा की ऊंची कीमतों ने एक बार फिर दुनिया भर में मुद्रास्फीति के लंबे समय तक बने रहने की चिंताएं भड़का दी हैं। इस माहौल में निवेशकों ने सरकारी ऋण पत्रों में व्यापक स्तर पर बिकवाली की, जिससे पैदा हुए दबाव ने एक नए ऋण संकट की सुगबुगाहट तेज कर दी है। प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं की सार्वजनिक वित्तीय स्थिति पहले से ही दबाव में है, और बढ़ती उधारी लागत ने इस संकट को और गहरा कर दिया है। इसी व्यापक आर्थिक पृष्ठभूमि के चलते निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं, जिसका सीधा नुकसान न्यूजीलैंड डॉलर जैसी मुद्राओं को उठाना पड़ा है।
तकनीकी संकेतकों में अत्यधिक बिकवाली के संकेत
अगस्त के मध्य से लेकर अब तक NZD/USD की जोड़ी में करीब 400 पिप्स की तेज गिरावट आ चुकी है, और वर्तमान में यह 0.5591 के स्तर पर कारोबार करती देखी गई है। दैनिक चार्ट पर 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI 24 के स्तर पर आ गया है, जबकि लाइव तकनीकी आंकड़ों के मुताबिक यह 22 के स्तर पर दर्ज किया गया है। तकनीकी विश्लेषण की भाषा में यह अत्यधिक बिकवाली यानी ओवरसोल्ड चक्र की स्पष्ट स्थिति को दर्शाता है। इसी तरह मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस यानी MACD संकेतक भी नकारात्मक दायरे में बना हुआ है। हालांकि हिस्टोग्राम की लाल पट्टियों का संकरा होना यह संकेत देता है कि बिकवाली करने वाले मंदड़ियों की गति अब कुछ धीमी पड़ सकती है।
बाजार के लाइव आंकड़ों के अनुसार, इस मुद्रा जोड़ी का 52-सप्ताह का दायरा 0.5584 से 0.6093 के बीच रहा है। दैनिक मूविंग एवरेज के संदर्भ में 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज 0.5778 पर और 200-दिवसीय EMA 0.5817 पर स्थित है, जो एक तकनीकी डेथ क्रॉस की पुष्टि करते हुए दीर्घकालिक मंदी का रुझान दर्शाते हैं। वर्तमान में 20-दिवसीय सपोर्ट 0.5587 के आसपास है, जबकि प्रतिरोध 0.5886 पर देखा जा रहा है। निकट अवधि में मुख्य धुरी यानी पिवट स्तर 0.5603 पर है, जिसके ऊपर प्रतिरोध स्तर 0.5620 और 0.5640 पर मौजूद हैं, जबकि नीचे की तरफ सपोर्ट स्तर 0.5583 और 0.5567 पर टिके हैं।
प्रमुख वैश्विक मुद्राओं और संपत्तियों की चाल
विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में मुद्राओं के आपसी उतार-चढ़ाव पर नजर डालें तो न्यूजीलैंड डॉलर ने प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले मिले-जुले रुझान दिखाए, हालांकि यह यूरो के मुकाबले सबसे मजबूत स्थिति में रहा। वहीं दूसरी ओर ऑस्ट्रेलियाई डॉलर भी अमेरिकी डॉलर की मजबूत वापसी के चलते दबाव में रहा और एशियाई कारोबार के अंतिम घंटों में 0.6900 के स्तर की तरफ गिर गया। पश्चिम एशिया और रूस-यूक्रेन के बीच जारी भू-राजनीतिक तनाव ने अमेरिकी मुद्रा को निरंतर मजबूती प्रदान की है। ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा के कारोबारियों की नजर अब कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया से जुड़ी ब्याज दरों की अपेक्षाओं पर बनी हुई है।
इसी प्रकार USD/JPY की जोड़ी ने एशियाई सत्र में अपनी पुरानी गिरावट की भरपाई करते हुए फिर से 158.00 का स्तर पार कर लिया। फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की कमजोर पड़ती उम्मीदों के बावजूद सुरक्षित निवेश की मांग डॉलर को समर्थन दे रही है। हालांकि बैंक ऑफ जापान की संभावित सख्त मौद्रिक नीति और मुद्रा बाजार में संभावित हस्तक्षेप की आशंकाएं येन की गिरावट को सीमित कर सकती हैं।
कमोडिटी, डिजिटल एसेट और यूरोपीय मुद्रा का प्रदर्शन
कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतें सीमित दायरे में फंसी नजर आईं। यूरोपीय कारोबारी सत्र से पहले सोना 4,150 डॉलर प्रति औंस से नीचे कारोबार कर रहा था। अमेरिका के हालिया निराशाजनक रोजगार आंकड़ों को पीछे छोड़ते हुए डॉलर इंडेक्स ने अप्रैल 2025 के बाद का सबसे मजबूत स्तर छू लिया, जिसने सोने की तेजी पर अंकुश लगाया। हालांकि फेडरल रिजर्व द्वारा अक्टूबर में दर वृद्धि की संभावना घटने से सोने को निचली सतह पर सहारा मिला।
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में पूर्व में बिनांस कॉइन के नाम से पहचाना जाने वाला टोकन BNB तीन लगातार साप्ताहिक बढ़त दर्ज करने के बाद सोमवार को 790 डॉलर के आसपास कारोबार करता दिखा। डेरिवेटिव्स बाजार में बढ़ते ओपन इंटरेस्ट और सकारात्मक फंडिंग रेट यह दर्शाते हैं कि ट्रेडर्स के बीच तेजी की धारणा मजबूत बनी हुई है। दूसरी तरफ यूरोप की साझा मुद्रा EUR/USD गिरकर मई 2025 के बाद के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई। बुधवार को यह जोड़ी 1.1312 तक लुढ़क गई थी, जो जनवरी के शिखर 1.2082 से काफी नीचे है। यूरोप का ऊर्जा संकट और डॉलर की आक्रामकता इस मुद्रा के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित हो रही है।















