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पीपुल्स बैंक ऑफ चीन ने बेंचमार्क उधारी दरों को रखा यथावत, 1-वर्षीय LPR 3.00% और 5-वर्षीय 3.50% पर स्थिरबाज़ार
20 अग॰ 2026, 7:01 am (1 घंटे पहले)· 4

पीपुल्स बैंक ऑफ चीन ने बेंचमार्क उधारी दरों को रखा यथावत, 1-वर्षीय LPR 3.00% और 5-वर्षीय 3.50% पर स्थिर

चीन के केंद्रीय बैंक पीपुल्स बैंक ऑफ चीन ने अपनी मुख्य बेंचमार्क उधारी दरों को बिना किसी बदलाव के स्थिर रखने की घोषणा की है। इस फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अन्य प्रमुख मुद्राओं में हलचल देखी गई।

चीन के केंद्रीय बैंक पीपुल्स बैंक ऑफ चीन (PBOC) ने देश की अर्थव्यवस्था और बैंकिंग तंत्र को स्थिरता प्रदान करने के उद्देश्य से अपनी बेंचमार्क उधारी दरों यानी लोन प्राइम रेट्स (LPR) में कोई बदलाव न करने का निर्णय लिया है। गुरुवार को घोषित इस फैसले के तहत एक वर्ष की अवधि वाले LPR को 3.00% पर बरकरार रखा गया है, जबकि पांच वर्ष की अवधि वाले LPR को 3.50% के स्तर पर स्थिर रखा गया है। इस मौद्रिक नीति निर्णय के जारी होने के बाद विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की विनिमय दर पर असर देखा गया, जहां AUD/USD की जोड़ी 0.14% की गिरावट के साथ 0.7115 के स्तर पर कारोबार करती दर्ज की गई। 20 अगस्त को 01:15 GMT पर इस जानकारी को स्पष्ट किया गया कि केंद्रीय बैंक का यह आधिकारिक फैसला बुधवार के बजाय गुरुवार को सामने आया था।

पीपुल्स बैंक ऑफ चीन के मुख्य उद्देश्य और सांगठनिक ढांचा

पीपुल्स बैंक ऑफ चीन देश की मौद्रिक नीति का प्रबंधन करने वाला शीर्ष वित्तीय संस्थान है। इसके प्राथमिक उद्देश्यों में मूल्य स्थिरता बनाए रखना, विदेशी विनिमय दर में स्थिरता सुनिश्चित करना और देश की समग्र आर्थिक वृद्धि को प्रोत्साहित करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, चीनी केंद्रीय बैंक घरेलू वित्तीय बाजार का विस्तार करने, इसे अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए खोलने और संरचनात्मक वित्तीय सुधारों को लागू करने की दिशा में भी निरंतर कार्य करता है। पश्चिमी देशों के केंद्रीय बैंकों की तुलना में पीपुल्स बैंक ऑफ चीन की संरचना और संचालन प्रक्रिया भिन्न है।

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चीन का केंद्रीय बैंक पूरी तरह से पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चीन की राज्य सरकार के स्वामित्व में है, इसलिए इसे एक स्वतंत्र या स्वायत्त संस्थान नहीं माना जाता। बैंक के रणनीतिक प्रबंधन, नीतिगत दिशा और दैनिक प्राथमिकताओं पर गवर्नर से अधिक चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) की समिति के सचिव का प्रभाव रहता है, जिनका मनोनयन स्टेट काउंसिल के अध्यक्ष द्वारा किया जाता है। वर्तमान समय में पान गोंगशेंग के पास ये दोनों महत्वपूर्ण पद हैं, यानी वे केंद्रीय बैंक के गवर्नर के साथ-साथ चीनी कम्युनिस्ट पार्टी समिति के सचिव की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।

चीन के मौद्रिक उपकरण और LPR का बाजार प्रभाव

आर्थिक लक्ष्यों को हासिल करने के लिए पीपुल्स बैंक ऑफ चीन पारंपरिक और गैर-पारंपरिक नीतिगत उपकरणों के एक व्यापक समूह का उपयोग करता है। इनमें सात दिवसीय रिवर्स रेपो रेट (RRR), मीडियम-टर्म लेंडिंग फैसिलिटी (MLF), विदेशी मुद्रा बाजार में सीधा हस्तक्षेप और रिजर्व रिक्वायरमेंट रेशियो (RRR) शामिल हैं। इन सभी माध्यमों के बीच लोन प्राइम रेट (LPR) चीन की सबसे महत्वपूर्ण बेंचमार्क ब्याज दर के रूप में कार्य करती है।

LPR में किसी भी तरह का संशोधन चीनी वित्तीय बाजार में सीधे तौर पर परिलक्षित होता है। वाणिज्यिक बैंकों द्वारा दिए जाने वाले कॉर्पोरेट लोन, व्यक्तिगत ऋण और मॉर्गेज की दरों का निर्धारण LPR के आधार पर ही किया जाता है। इसके अलावा, जमा खातों पर मिलने वाले ब्याज और चीनी रैनमिनबी (RMB) की विनिमय दरों को नियंत्रित करने में भी इस दर की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए LPR को यथावत रखने के फैसले को चीन की मौद्रिक नीति में निरंतरता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

चीन का बैंकिंग परिदृश्य और निजी बैंकों की स्थिति

चीन का वित्तीय क्षेत्र पारंपरिक रूप से राज्य के नियंत्रण वाले बड़े बैंकों के दबदबे के लिए जाना जाता है। हालांकि, देश में निजी वित्तीय संस्थानों की उपस्थिति भी धीरे-धीरे दर्ज की गई है। वर्तमान में चीन में 19 निजी बैंक कार्यरत हैं, जो पूरे राष्ट्रीय वित्तीय ढांचे का एक छोटा सा हिस्सा हैं। निजी बैंकिंग क्षेत्र में डिजिटल लेनदेन आधारित बैंकों का प्रमुख स्थान है, जिनमें वीबैंक (WeBank) और मायबैंक (MYbank) सबसे बड़े नाम हैं। इन डिजिटल बैंकों को चीन की टेक दिग्गज कंपनियों टेनसेंट और एंट ग्रुप का वित्तीय और तकनीकी समर्थन प्राप्त है।

चीन के बैंकिंग क्षेत्र में निजी पूंजी को प्रवेश देने की प्रक्रिया की शुरुआत वर्ष 2014 में हुई थी। उस समय चीनी सरकार ने पूर्ण रूप से घरेलू निजी कोष से पूंजीकृत बैंकों को राज्य संचालित वित्तीय क्षेत्र में परिचालन शुरू करने की अनुमति दी थी। इसके बाद से निजी और डिजिटल बैंक मुख्य रूप से छोटे कारोबारियों और व्यक्तिगत ग्राहकों को बैंकिंग सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।

वैश्विक मुद्रा बाजारों में उतार-चढ़ाव और अमेरिकी डॉलर की स्थिति

चीन के इस नीतिगत फैसले के समय अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजारों में भी कई प्रमुख मुद्राओं के विनिमय मूल्यों में बदलाव देखा गया। ब्रिटिश पाउंड (GBP/USD) ने अपनी दैनिक बढ़त को आगे बढ़ाते हुए 1.3600 के स्तर को पार कर लिया, जो मई के मध्य के बाद का इसका उच्चतम स्तर है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा लंबी अवधि वाले बॉन्ड की तरलता बढ़ाने के लिए बायबैक परिचालन के आकार को दोगुना करने के फैसले ने अमेरिकी डॉलर पर दबाव बनाया, जिससे पाउंड को मजबूती मिली। इसी दौरान ब्रिटेन से आए आर्थिक आंकड़ों के अनुसार जुलाई महीने में वार्षिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) मुद्रास्फीति बढ़कर 2.9% पर पहुंच गई, जो अनुमानों के अनुरूप रही। वहीं, कोर CPI में जुलाई के दौरान सालाना आधार पर 2.6% की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि इसके 2.5% रहने की उम्मीद जताई गई थी।

दूसरी ओर, यूरो (EUR/USD) भी तेजी के रुख के साथ जून के शुरुआती दिनों के बाद के अपने उच्चतम स्तर 1.1650 के पार कारोबार करता दिखा। अमेरिकी ट्रेजरी के तरलता समर्थन बायबैक कदम से अमेरिकी डॉलर में आई व्यापक कमजोरी ने यूरो को समर्थन दिया। वित्तीय बाजार के निवेशक फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की बैठक के मिनट्स के जारी होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं ताकि भविष्य की अमेरिकी ब्याज दर नीति का संकेत मिल सके।

सोने की कीमतें और वैश्विक बॉन्ड यील्ड का रुझान

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में जून की शुरुआत के बाद के अपने उच्चतम स्तर से थोड़ी नरमी देखी गई, लेकिन एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान यह $4,500 प्रति औंस के स्तर से ऊपर बनी रही। अमेरिका और ईरान के बीच जारी कूटनीतिक और सैन्य तनाव तथा FOMC मिनट्स के कड़े रुख ने अमेरिकी डॉलर को निचले स्तरों पर सहारा दिया, जिससे सोने की तेजी सीमित रही। इस बीच, अमेरिकी बॉन्ड बाजार में ट्रेजरी विभाग के हस्तक्षेप से बॉन्ड यील्ड में गिरावट आई, जिसने बिना ब्याज देने वाली इस पीली धातु की कीमतों को एक निश्चित सीमा से नीचे जाने से रोक दिया।

सवाल-जवाब

पीपुल्स बैंक ऑफ चीन ने LPR दरें कितनी घोषित की हैं?
केंद्रीय बैंक ने 1-वर्षीय LPR को 3.00% और 5-वर्षीय LPR को 3.50% पर यथावत रखा है।
चीन के केंद्रीय बैंक के वर्तमान प्रमुख कौन हैं?
पान गोंगशेंग वर्तमान में पीपुल्स बैंक ऑफ चीन के गवर्नर और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी समिति के सचिव दोनों पदों पर हैं।
चीन में सबसे बड़े निजी डिजिटल बैंक कौन से हैं?
वीबैंक (WeBank) और मायबैंक (MYbank) चीन के सबसे बड़े निजी डिजिटल बैंक हैं, जिन्हें टेनसेंट और एंट ग्रुप का समर्थन प्राप्त है।
LPR में बदलाव से चीनी अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ता है?
LPR में बदलाव से कॉर्पोरेट लोन, मॉर्गेज दरें, बचत पर मिलने वाला ब्याज और रैनमिनबी (RMB) की विनिमय दरें सीधे प्रभावित होती हैं।
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