सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख बिजली पारेषण कंपनी पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने 30 सितंबर 2026 को समाप्त हुई दूसरी तिमाही के अपने वित्तीय नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी ने इस तिमाही के दौरान अपने समेकित शुद्ध लाभ में सालाना आधार पर 8 प्रतिशत से अधिक की मजबूत बढ़त दर्ज की है। नियामक फाइलिंग के अनुसार, समीक्षाधीन अवधि में कंपनी का कुल मुनाफा 3866.16 करोड़ रुपये रहा। इसके साथ ही कंपनी की कुल आय में भी इजाफा दर्ज किया गया है और यह बढ़कर 12,055.11 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई है।
सालाना आधार पर आय और मुनाफे में सुधार
कंपनी द्वारा प्रस्तुत किए गए वित्तीय आंकड़ों की तुलना यदि एक वर्ष पूर्व की समान अवधि से की जाए, तो कारोबार के दोनों पैमानों पर ठोस सुधार दिखाई पड़ता है। 30 सितंबर 2025 को समाप्त हुई तिमाही में कंपनी ने 3,566.08 करोड़ रुपये का समेकित शुद्ध मुनाफा दर्ज किया था। उस दौरान कंपनी की कुल आय 11,670.24 करोड़ रुपये रही थी। इस प्रकार चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कंपनी के राजस्व और शुद्ध लाभ दोनों में पिछले साल की तुलना में स्वस्थ वृद्धि दर्ज की गई है, जो ट्रांसमिशन नेटवर्क के विस्तार और स्थिर संचालन को दर्शाती है।
शेयरधारकों के लिए 30 प्रतिशत अंतरिम लाभांश
तिमाही नतीजों के साथ ही पावर ग्रिड के निदेशक मंडल ने शेयरधारकों के लिए चालू वित्त वर्ष के पहले अंतरिम डिविडेंड को भी हरी झंडी दिखा दी है। बोर्ड ने 10 रुपये फेस वैल्यू वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर 3 रुपये का अंतरिम लाभांश देने की मंजूरी दी है। यह राशि कंपनी की चुकता इक्विटी शेयर पूंजी के 30 प्रतिशत के बराबर है।
लाभांश वितरण की पात्रता तय करने के उद्देश्य से रिकॉर्ड तिथि शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है। योग्य शेयरधारकों के बैंक खातों में इस अंतरिम लाभांश का भुगतान सोमवार, 30 नवंबर 2026 को किया जाएगा। शेयर बाजार के निवेशकों के लिए यह लाभांश कंपनी की पूंजी लौटाने की सुदृढ़ नीति का हिस्सा है।
पूंजीगत खर्च और परिसंपत्तियों का पूंजीकरण
कंपनी ने अपने वित्तीय ब्योरे में पूंजीगत व्यय और नई परिसंपत्तियों के निर्माण की प्रगति पर भी विस्तृत विवरण साझा किया है। 30 सितंबर 2026 तक कंपनी कुल 16,864 करोड़ रुपये का पूंजीगत खर्च कर चुकी है। इसके अलावा, समेकित आधार पर 9,300 करोड़ रुपये की परिसंपत्तियों का पूंजीकरण किया गया है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इस आंकड़े में एफईआरवी शामिल नहीं है, जबकि फाइनेंस लीज के रूप में पूंजीकृत परिसंपत्तियों को इसमें शामिल किया गया है।
30 सितंबर 2026 की स्थिति के अनुसार समेकित आधार पर पावर ग्रिड की सकल अचल संपत्तियां 3,29,852 करोड़ रुपये दर्ज की गईं। इस समग्र आंकड़े में सकल लीज प्राप्य राशियां भी शामिल हैं। यह मूल्यांकन देश भर में फैले कंपनी के विशाल अवसंरचनात्मक आधार की वित्तीय मजबूती को स्पष्ट करता है।
विशाल नेटवर्क और उत्कृष्ट परिचालन दक्षता
दूसरी तिमाही (Q2FY27) के अंत तक पावर ग्रिड और उसकी अनुषंगी कंपनियों के पास कुल 1,87,576 सर्किट किलोमीटर की ट्रांसमिशन लाइनें मौजूद थीं। कंपनी का राष्ट्रीय नेटवर्क 293 सब स्टेशनों और 6,49,116 एमवीए की ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता के साथ संचालित हो रहा है। यह पैमाना भारत के संपूर्ण ऊर्जा ग्रिड तंत्र में कंपनी की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित करता है।
इतने वृहद तंत्र के बावजूद कंपनी ने उच्च स्तरीय विश्वसनीयता बनाए रखी है। Q2FY27 तक कंपनी की औसत ट्रांसमिशन प्रणाली उपलब्धता 99.81 प्रतिशत दर्ज की गई। मजबूत वित्तीय आंकड़ों, उच्च प्रणाली उपलब्धता और निरंतर लाभांश भुगतान के साथ पावर ग्रिड देश की बिजली पारेषण व्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रहा है।


















