घरेलू इक्विटी बाजारों में आरंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी आईपीओ के जरिए पैसा लगाने वाले निवेशकों के लिए अगला महीना कई बड़े अवसर पेश करने जा रहा है। प्राइमरी मार्केट में पूंजी जुटाने की रफ्तार काफी तेज होने वाली है, क्योंकि अगस्त के महीने में जेप्टो, ट्रूहॉम फाइनेंस और शिपरॉकेट जैसी दिग्गज कंपनियों सहित 12 से अधिक फर्में अपने पब्लिक ऑफर पेश करने की तैयारी में जुटी हैं। प्राथमिक बाजार के जानकारों के अनुसार, इन सभी कंपनियों के जरिए बाजार से कुल मिलाकर 25,000 करोड़ रुपये से अधिक की पूंजी जुटाए जाने का अनुमान है।
बाजार की मजबूती से बदला कॉरपोरेट कंपनियों का रुख
मर्चेंट बैंकरों का स्पष्ट तौर पर मानना है कि आगामी निर्गमों में नए शेयर जारी करने के साथ-साथ वर्तमान प्रवर्तकों और शेयरधारकों द्वारा ऑफर फॉर सेल यानी ओएफएस का संयोजन शामिल रहेगा। इस विषय पर इक्विरस कैपिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर और इंवेस्टमेंट बैंकिंग हेड भावेश शाह का कहना है, "बाजार में स्थिरता और निवेशकों की बेहतर धारणा को देखते हुए अब वो कंपनियां भी आईपीओ लाने के प्रोसेस में तेजी से आगे बढ़ रही हैं, जो पहले अपने आईपीओ की प्लानिंग को टाल रही थीं।" अनुकूल माहौल बनते ही कंपनियों ने अपनी रुकी हुई लिस्टिंग योजनाओं को फिर से गति देना शुरू कर दिया है।
क्विक कॉमर्स दिग्गज जेप्टो के इश्यू पर टिकी निगाहें
आने वाले पब्लिक इश्यू में निवेशकों और विश्लेषकों का सबसे गहरा ध्यान क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म जेप्टो पर बना हुआ है। कंपनी नए इक्विटी शेयर जारी करके 8,010 करोड़ रुपये तक जुटाने की रूपरेखा तैयार कर रही है। नए शेयरों के अलावा, कंपनी के मौजूदा निवेशक 11.34 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री ओएफएस मार्ग के माध्यम से करेंगे। वहीं दूसरी ओर, किफायती आवास क्षेत्र में कार्यरत हाउसिंग फाइनेंस कंपनी ट्रूहॉम फाइनेंस 3,000 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश करने की पूरी तैयारी कर चुकी है। इस 3,000 करोड़ रुपये के कुल साइज में 1,500 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और 1,500 करोड़ रुपये का ओएफएस घटक शामिल किया गया है।
एलिवेट कैंपसेज और शिपरॉकेट के निर्गम का ब्योरा
शिक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़ी फर्म एलिवेट कैंपसेज का प्रस्तावित 2,550 करोड़ रुपये का आईपीओ पूरी तरह से नए शेयरों पर आधारित होगा, जिसका अर्थ है कि जुटाई गई पूरी राशि कंपनी के खाते में विस्तार योजनाओं के लिए जाएगी। ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स समाधान प्रदाता शिपरॉकेट ने भी 2,342.35 करोड़ रुपये जुटाने के उद्देश्य से अपने ड्राफ्ट दस्तावेज जमा कर दिए हैं। इस निर्गम में 1,100 करोड़ रुपये का नया पूंजी निर्गम और 1,242.35 करोड़ रुपये मूल्य का ओएफएस शामिल रहेगा। इनके अतिरिक्त इनोवेटिवव्यू इंडिया 2,000 करोड़ रुपये तक का निर्गम पेश करने की तैयारी में है, जबकि डेयरी उत्पाद क्षेत्र की जानी-मानी कंपनी मिल्की मिस्ट डेयरी फूड 1,553 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है।
लिस्टिंग की कतार में शामिल अन्य प्रमुख फर्में
पूंजी जुटाने की इस लंबी फेहरिस्त में कई अलग-अलग सेक्टरों की कंपनियां शामिल हैं। इनमें ऑटो कंपोनेंट निर्माता धूत ट्रांसमिशन, बैड लोन रेजोल्यूशन क्षेत्र की एआरसीआईएल यानी एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी ऑफ इंडिया, अर्डी इंडस्ट्रीज, गाजा अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट, रेज ऑफ बिलीफ, इंजीनियरिंग सॉल्यूशन प्रदाता हाई-टेक इंजीनियर्स, आभूषण रिटेलर शंकेश ज्वेलर्स और एडटेक प्लेटफॉर्म लर्नफ्लूएंस एजुकेशन शामिल हैं। यह सभी कंपनियां पूंजी बाजार में अपने दस्तावेज आगे बढ़ाकर निवेशकों से संसाधन जुटाने की दिशा में तत्पर हैं।
जुलाई में लिस्टिंग की रफ्तार और आगामी हफ्ते का कैलेंडर
बाजार विश्लेषकों के मुताबिक, निर्गमों की यह लगातार बढ़ती कतार निवेशकों की मजबूत मांग और अर्थव्यवस्था में उनके भरोसे को रेखांकित करती है। मौजूदा कैलेंडर वर्ष में अब तक कुल 36 फर्में अपने पब्लिक इश्यू पूरे कर चुकी हैं, जिनमें से 9 कंपनियों ने अकेले जुलाई के महीने में ही शेयर बाजार में कदम रखा है। जुलाई के आखिरी कारोबारी दिनों में भी गतिविधियां थमी नहीं हैं, जहां मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज और जूनिपर ग्रीन एनर्जी के आईपीओ क्रमशः 29 जुलाई और 30 जुलाई को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने जा रहे हैं। इसके साथ ही एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स भी अगले सप्ताह अपना पब्लिक इश्यू बाजार में लाने की तैयारी में लगी हुई है।

















