हफ्ते के शुरुआती कारोबारी सत्र में भारतीय इक्विटी बाजारों में जोरदार बिकवाली का माहौल बना रहा, जिसके चलते प्रमुख सूचकांकों को गहरे नुकसान के साथ विदा लेनी पड़ी। प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों पर निवेशकों की चौतरफा मार पड़ी, जिसने पूरे बाजार के मिजाज को सुस्त कर दिया। सुबह के वक्त जब घंटी बजी, तब से ही कमजोरी के संकेत मिल रहे थे और कारोबार के अंतिम घंटों तक यह दबाव थमता नजर नहीं आया। विशेष रूप से सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े दिग्गज नामों में हुई मुनाफावसूली ने बेंचमार्क इंडेक्स को संभलने का कोई अवसर नहीं दिया।
प्रमुख सूचकांकों का लेखा-जोखा
दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद बीएसई बेंचमार्क सेंसेक्स 382.62 अंक यानी 0.50 प्रतिशत का गोता लगाकर 76,132.81 के स्तर पर जाकर रुका। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के व्यापक सूचकांक निफ्टी 50 में भी इतनी ही फीसदी गिरावट दर्ज की गई। यह सूचकांक 118.55 अंक अथवा 0.50 प्रतिशत फिसलकर 23,779.15 के स्तर पर बंद हुआ। सूचकांकों के इस रुख से साफ संकेत मिला कि तकनीकी स्तरों पर बिकवाली का दबाव बना हुआ था और खरीदार ऊपरी स्तरों को थामने में असमर्थ रहे।
व्यापक बाजार में मंदी का रुख
मार्केट ब्रेथ पूरी तरह से मंदड़ियों के पक्ष में झुकी रही। सेंसेक्स की तीस चुनिंदा ब्लूचिप कंपनियों में से मात्र 7 शेयर ही मजबूती हासिल कर हरे दायरे में टिक सके, जबकि बाकी 23 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी 50 के पटल पर भी ऐसा ही निराशाजनक दृश्य उभरा, जहाँ पचास में से सिर्फ 13 शेयर बढ़त दर्ज कराने में कामयाब रहे। इसके विपरीत निफ्टी के 37 शेयर नुकसान उठाते हुए लाल निशान में चले गए, जिससे बाजार में व्याप्त व्यापक सुस्ती स्पष्ट रूप से उजागर हुई।
आईटी दिग्गजों पर टूटी दोहरी मार
सेंसेक्स की घटक कंपनियों में सबसे अधिक नुकसान देश की दूसरी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर सेवा प्रदाता इन्फोसिस को झेलना पड़ा, जिसका शेयर 3.81 प्रतिशत के जोरदार झटके के साथ लुढ़क गया। आईटी पैक के अन्य बड़े नामों में टेक महिंद्रा 1.96 प्रतिशत टूटा, जबकि टीसीएस में 1.28 प्रतिशत और एचसीएल टेक में 0.93 प्रतिशत की नरमी दर्ज की गई। इन्फोसिस जैसी दिग्गज कंपनी में आई इस बड़ी कमजोरी ने पूरे सूचकांक के अंकों को नीचे खींचने में सबसे मुख्य भूमिका निभाई।
मजबूती दिखाने वाले चुनिंदा शेयर
चौतरफा बिकवाली के इस माहौल में भी कुछ कंपनियों ने जुझारूपन दिखाते हुए बढ़त हासिल की। इंजीनियरिंग और निर्माण क्षेत्र की दिग्गज कंपनी लार्सन एंड टुब्रो 0.61 प्रतिशत चढ़कर सेंसेक्स की सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाली कंपनी बनी। इसके अलावा भारती एयरटेल ने 0.60 प्रतिशत, मारुति सुजुकी ने 0.47 प्रतिशत, पावर ग्रिड ने 0.36 प्रतिशत और आईसीआईसीआई बैंक ने 0.35 प्रतिशत की तेजी हासिल की। साथ ही इंडिगो 0.10 प्रतिशत तथा सन फार्मा 0.04 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ हरे निशान में बंद होने में सफल रहे।
अन्य कंपनियों में गिरावट की स्थिति
नुकसान उठाने वाली अन्य प्रमुख कंपनियों की फेहरिस्त काफी लंबी रही। धातुकर्म क्षेत्र से टाटा स्टील 1.85 प्रतिशत नीचे आ गया, तो वित्तीय सेवा से बजाज फिनसर्व में 1.57 प्रतिशत की कमजोरी रही। सीमेंट निर्माता अल्ट्राटेक सीमेंट 1.41 प्रतिशत, खुदरा क्षेत्र से ट्रेंट 1.16 प्रतिशत और पेंट्स निर्माता एशियन पेंट्स 1.13 प्रतिशत टूटे। बैंकिंग एवं वित्तीय दिग्गजों में एसबीआई 1.09 प्रतिशत, कोटक महिंद्रा बैंक 0.60 प्रतिशत, एक्सिस बैंक 0.45 प्रतिशत, एचडीएफसी बैंक 0.33 प्रतिशत और बजाज फाइनेंस 0.03 प्रतिशत नीचे आए। बुनियादी ढांचा और ऊर्जा क्षेत्र से अडाणी पोर्ट्स 1.05 प्रतिशत, रिलायंस इंडस्ट्रीज 0.95 प्रतिशत, एनटीपीसी 0.18 प्रतिशत और बीईएल 0.17 प्रतिशत फिसले। इसके अतिरिक्त एटरनल 0.82 प्रतिशत, टाइटन 0.42 प्रतिशत, हिंदुस्तान यूनिलीवर 0.41 प्रतिशत, महिंद्रा एंड महिंद्रा 0.16 प्रतिशत और आईटीसी 0.13 प्रतिशत के नुकसान पर बंद हुए।















