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दिल्ली में 6 प्रमुख स्टेशनों की बदलेगी कनेक्टिविटी, मां आनंदमयी मार्ग और मुकरबा चौक पर जाम घटाने को मिली हरी झंडीदिल्ली
23 सित॰ 2026, 7:16 pm (19 मिनट पहले)· 0

दिल्ली में 6 प्रमुख स्टेशनों की बदलेगी कनेक्टिविटी, मां आनंदमयी मार्ग और मुकरबा चौक पर जाम घटाने को मिली हरी झंडी

यूटीटीआईपीईसी की गवर्निंग बॉडी ने छह मेट्रो स्टेशनों के मल्टी-मोडल इंटीग्रेशन प्लान समेत पीडब्ल्यूडी के दो बड़े सड़क प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे दी है। इस कदम से ओखला औद्योगिक क्षेत्र, आउटर रिंग रोड और मुकरबा चौक पर रोजाना सफर करने वाले लाखों मुसाफिरों को भारी जाम से बड़ी राहत मिलेगी।

देश की राजधानी में दैनिक मुसाफिरों के सफर को सुगम बनाने और प्रमुख मार्गों पर वाहनों के दबाव को हल्का करने के मकसद से कई अहम इन्फ्रास्ट्रक्चर योजनाओं पर मुहर लगा दी गई है। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू की अध्यक्षता के तहत आयोजित यूटीटीआईपीईसी की 70वीं गवर्निंग बॉडी बैठक के दौरान इन प्रस्तावों को औपचारिक प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। इस बैठक में छह महत्वपूर्ण मेट्रो परिसरों के लिए मल्टी-मोडल इंटीग्रेशन यानी एमएमआई ब्लूप्रिंट को हरी झंडी दिखाई गई, जबकि लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की दो बेहद अहम सड़क आधारभूत परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी गई है।

इन नए कदमों का प्रत्यक्ष लाभ राष्ट्रीय राजधानी के उन घनी आबादी वाले तथा औद्योगिक इलाकों में रहने वाले नागरिकों को प्राप्त होगा, जहां मेट्रो से उतरने के उपरांत अंतिम पड़ाव तक की यात्रा अथवा स्टेशनों के आसपास अनियंत्रित ट्रैफिक की वजह से हर रोज जाम की विकट स्थिति पैदा होती है। योजना का मुख्य दृष्टिकोण मेट्रो नेटवर्क को अन्य स्थानीय परिवहन माध्यमों के साथ जोड़ना है, ताकि पैदल मुसाफिरों, साइकिल सवारों तथा गैर-मोटर चालित साधनों को प्राथमिकता और समुचित जगह मिल सके।

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इन 6 मेट्रो परिसरों में बदलेगा आवागमन का ढांचा

यूटीटीआईपीईसी की बैठक में जिन छह खास मेट्रो स्टेशनों के लिए एमएमआई योजनाओं को स्वीकृति दी गई है, उनमें उत्तर दिल्ली का जीटीबी नगर, दक्षिण दिल्ली का सरिता विहार, पूर्व में अक्षरधाम, उत्तर-पश्चिम इलाके का रोहिणी वेस्ट/डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल, मालवीय नगर तथा शास्त्री पार्क शामिल हैं।

मल्टी-मोडल एकीकरण की पूरी अवधारणा केवल कंक्रीट की सड़कें तैयार करने या वाहनों की कतारों को संभालने तक सीमित नहीं है। बल्कि इसका मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रेल प्रणाली से बाहर कदम रखने वाला कोई भी यात्री निर्बाध रूप से अपनी अगली मंजिल की ओर बढ़ सके। इसके अंतर्गत सुनियोजित पैदल पथ, सुरक्षित पैदल पारपथ, ई-रिक्शा और ऑटो रिक्शा के लिए व्यवस्थित ठहराव स्थल तथा नॉन-मोटराइज्ड वाहनों के लिए समर्पित लेन विकसित की जाती हैं। इसके लागू होने से इन परिसरों के बाहर लगने वाला अव्यवस्थित जमावड़ा काफी हद तक समाप्त हो सकेगा।

फेज-1 और फेज-2 के सभी 31 स्टेशन अब योजना में शामिल

दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने नेटवर्क के पहले और दूसरे चरण के कुल 31 मेट्रो स्टेशनों के कायाकल्प के लिए एमएमआई रूपरेखा तैयार की थी। हालिया बैठक में स्वीकृत हुए 6 प्रस्तावों के साथ ही अब डीएमआरसी के सभी 31 स्टेशनों की फाइलों को यूटीटीआईपीईसी की पूर्ण मंजूरी मिल चुकी है।

इस प्रशासनिक मील के पत्थर के बाद अब जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन से जुड़ी एजेंसियां निर्माण और पुनर्गठन का काम तेज गति से शुरू कर सकेंगी। योजना का केंद्र बिंदु स्टेशन के मुहाने पर पैदल यात्रियों की सुगम आवाजाही और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को एक एकीकृत ढांचे के रूप में विकसित करना है।

मां आनंदमयी मार्ग पर 5.5 किमी लंबा 6 लेन एलिवेटेड गलियारा

यातायात को गति देने के लिए पीडब्ल्यूडी के एक बड़े सड़क प्रोजेक्ट को भी बैठक में पास किया गया। योजना के अनुसार, मां आनंदमयी मार्ग पर करीब 5.5 किलोमीटर की लंबाई वाला छह लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर निर्मित किया जाएगा। यह विशाल संरचना आउटर रिंग रोड को सीधे मेहरौली-बदरपुर रोड के साथ जोड़ने वाले व्यापक संपर्क नेटवर्क का प्रमुख हिस्सा बनेगी।

इस प्रस्तावित एलिवेटेड सड़क की सबसे उल्लेखनीय विशेषता यह है कि इसके बन जाने के बाद मां आनंदमयी मार्ग पर पड़ने वाले लगभग 12 ट्रैफिक सिग्नलों और चौराहों को पूरी तरह बायपास किया जा सकेगा। सतह पर बार-बार लाल बत्ती पर रुकने वाले लंबे काफिले अब सीधे ऊपरी डेक से बिना किसी बाधा के अपनी मंजिल तक सरपट दौड़ सकेंगे।

इस गलियारे से ओखला फेज-1 तथा ओखला फेज-2 के औद्योगिक सेक्टरों की ओर रुख करने वाले भारी व्यावसायिक और निजी वाहनों को व्यापक स्तर पर समय की बचत होगी। वर्तमान में इन कार्यक्षेत्रों से निकलने वाली गाड़ियों की भारी संख्या के कारण धरातल की सड़कें जाम की चपेट में आ जाती हैं, जिसे यह नया कॉरिडोर काफी हद तक दूर करेगा।

ओखला एस्टेट रोड पर नया अंडरपास और राउंडअबाउट

औद्योगिक केंद्र ओखला के आंतरिक मार्गों को सुलझाने के लिए भी गवर्निंग बॉडी ने एक अन्य प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके तहत ओखला एस्टेट रोड पर मौजूद क्राउन प्लाजा चौराहे के निकट एक आधुनिक अंडरपास तथा राउंडअबाउट का निर्माण किया जाएगा।

इस नई संरचनात्मक व्यवस्था का बुनियादी लक्ष्य सड़क के जमीनी स्तर पर ट्रैफिक दबाव को छांटना है। अंडरपास के जरिए मुख्य प्रवाह को नीचे से रास्ता देकर सतह पर पैदल चलने वालों और गैर-मोटर चालित साधनों के सुरक्षित संचलन के लिए अतिरिक्त खुली जगह तैयार की जा सकेगी।

मुकरबा चौक का विस्तार: 10 लेन का आरओबी और नई लिंक परियोजना

राजधानी के सबसे चुनौतीपूर्ण जंक्शनों में शुमार मुकरबा चौक को ट्रैफिक के चंगुल से मुक्त करने के लिए एक बहुस्तरीय मास्टरप्लान तैयार किया गया है। स्वीकृत प्रस्ताव के मुताबिक, आउटर रिंग रोड पर बने मौजूदा रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) को मौजूदा 6 लेन से चौड़ा करके 10 लेन का स्वरूप दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त जहांगीरपुरी इंडस्ट्रियल एरिया को संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर से जोड़ने के वास्ते दिल्ली-सोनीपत रेल मार्ग के ऊपर 4 लेन क्षमता वाला एक नया आरओबी तैयार किया जाएगा।

पीडब्ल्यूडी के अनुमान के अनुसार, यह वैकल्पिक लिंक मार्ग तैयार हो जाने पर मुकरबा चौक से गुजरने वाले कुल वाहन प्रवाह का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा सीधे नए बाईपास की तरफ स्थानांतरित हो जाएगा। परिणामस्वरूप मुकरबा चौक के साथ-साथ राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 44 (NH-44) पर भी गाड़ियों का दबाव स्पष्ट रूप से घट जाएगा।

इन सभी महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स को धरातल पर समयबद्ध तरीके से उतारने के लिए डीडीए, दिल्ली सरकार, आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, डीएमआरसी, पीडब्ल्यूडी, एमसीडी, एनडीएमसी, भारतीय रेलवे तथा एनसीआरटीसी जैसे विभिन्न विभागों के शीर्ष अधिकारियों ने संयुक्त कार्यप्रणाली पर सहमति जताई है।

सवाल-जवाब

यूटीटीआईपीईसी की बैठक में किन 6 मेट्रो स्टेशनों के एमएमआई प्लान को मंजूरी मिली?
इस बैठक में जीटीबी नगर, सरिता विहार, अक्षरधाम, रोहिणी वेस्ट/डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल, मालवीय नगर और शास्त्री पार्क मेट्रो स्टेशनों के मल्टी-मोडल इंटीग्रेशन प्लान को मंजूरी दी गई।
डीएमआरसी के कितने मेट्रो स्टेशन अब तक एमएमआई योजना में शामिल हो चुके हैं?
डीएमआरसी के फेज-1 और फेज-2 के तहत तैयार किए गए सभी 31 मेट्रो स्टेशनों के एमएमआई प्लान को अब यूटीटीआईपीईसी की मंजूरी मिल चुकी है।
मां आनंदमयी मार्ग पर प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर कितना लंबा होगा?
यह छह लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर करीब 5.5 किलोमीटर लंबा होगा, जो आउटर रिंग रोड को मेहरौली-बदरपुर रोड से जोड़ेगा और करीब 12 चौराहों को बायपास करेगा।
मुकरबा चौक पर ट्रैफिक घटाने के लिए क्या नया निर्माण किया जाएगा?
आउटर रिंग रोड पर स्थित मौजूदा आरओबी को 6 लेन से बढ़ाकर 10 लेन किया जाएगा और दिल्ली-सोनीपत रेल लाइन के ऊपर जहांगीरपुरी से संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर को जोड़ने वाला 4 लेन का नया आरओबी बनेगा।
ओखला एस्टेट रोड पर कौन सी परियोजना स्वीकृत हुई है?
ओखला एस्टेट रोड पर क्राउन प्लाजा चौराहे के पास वाहनों के निर्बाध आवागमन और पैदल सुरक्षा के लिए एक अंडरपास और राउंडअबाउट बनाने की योजना स्वीकृत की गई है।
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