अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर के मजबूत रुख के चलते यूरोपीय साझा मुद्रा यूरो लगातार दबाव का सामना कर रही है। पिछले कारोबारी सत्रों के दौरान 1.1495 के ऊपरी स्तर को छूने के बाद यूरो फिसलकर 1.1464 पर बंद हुआ था। इसके बाद गिरावट का यह दायरा और गहरा गया तथा यूरो 1.1428 के निचले स्तर तक लुढ़क गया, जो पिछले अनुमानों से कहीं अधिक गिरावट दर्शाता है। अंततः यूरो 0.13 प्रतिशत की दैनिक कमजोरी के साथ 1.1447 पर बंद हुआ। हालांकि गिरावट की रफ्तार बहुत ज्यादा आक्रामक नहीं हुई है, फिर भी अल्पावधि में इसके 1.1400 के प्रमुख मनोवैज्ञानिक स्तर की ओर बढ़ने की गुंजाइश बनी हुई है। दैनिक तकनीकी ढांचे के तहत यूरो के लिए 1.1415 का स्तर एक नजदीकी समर्थन के रूप में देखा जा रहा है, जबकि ऊपरी दायरे में 1.1460 और 1.1475 के स्तरों पर कड़ा प्रतिरोध मौजूद है।
लंबी अवधि का परिदृश्य और अहम तकनीकी स्तर
मध्यम अवधि यानी एक से तीन सप्ताह के रुझान को देखें तो पिछले सप्ताह की शुरुआत से ही यूरो को लेकर एक नकारात्मक दृष्टिकोण बना हुआ है। बीते गुरुवार को जब हाजिर भाव 1.1470 के आसपास था, तब यह संभावना जताई गई थी कि मुद्रा 1.1435 की ओर फिसल सकती है और यह कमजोरी आगे 1.1400 तक भी खिंच सकती है। कुछ दिनों तक एक सीमित दायरे में कारोबार करने के बाद यूरो ने इस मंदी की पुष्टि की और 1.1435 के स्तर को तोड़ते हुए 1.1428 का निचला स्तर छुआ। इस स्तर के टूटने के बावजूद नकारात्मक गति में कोई असाधारण उछाल दर्ज नहीं किया गया है। जब तक यूरो 1.1490 के मजबूत प्रतिरोध स्तर से नीचे बना रहता है, तब तक इसके 1.1400 के स्तर का परीक्षण करने की संभावना खुली रहेगी। मौजूदा गतिशीलता को देखते हुए फिलहाल 1.1400 के नीचे लगातार और बड़ी गिरावट बने रहने के आसार कम नजर आ रहे हैं। इससे पहले मजबूत प्रतिरोध स्तर 1.1520 पर स्थित था, जो अब घटकर 1.1490 पर आ चुका है।
एशियाई सत्र में अन्य प्रमुख मुद्राओं और संपत्तियों की स्थिति
बुधवार के एशियाई कारोबारी सत्र में केवल यूरो ही नहीं, बल्कि अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं और संपत्तियों में भी व्यापक फेरबदल देखने को मिला। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ताजा बिकवाली के दबाव में आ गया और 0.7100 के अहम स्तर का परीक्षण करता दिखा। ऑस्ट्रेलिया के शुरुआती पीएमआई आंकड़ों ने आर्थिक कमजोरी के संकेत दिए हैं, जिसमें विनिर्माण क्षेत्र संकुचन की स्थिति में चला गया और सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर लगातार दूसरे महीने सुस्त रही। इस आर्थिक दबाव के साथ मजबूत अमेरिकी डॉलर ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इसके अलावा वित्तीय बाजार प्रतिभागी गुरुवार को होने वाले महत्वपूर्ण ट्रंप-शी शिखर सम्मेलन की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जिससे बाजार में अतिरिक्त सतर्कता बनी हुई है। दूसरी तरफ, अमेरिका और ईरान के बीच संपन्न हुई अप्रत्यक्ष वार्ताओं को लेकर निवेशकों ने कोई विशेष प्रतिक्रिया नहीं दी है।
जापानी येन और बैंक ऑफ जापान का नीतिगत कदम
जापानी बाजार में अमेरिकी डॉलर और जापानी येन की जोड़ी बुधवार के एशियाई सत्र में 157.00 के मध्य स्तर के करीब मंडराती रही, जो पिछले शुक्रवार को छुए गए दो सप्ताह के उच्चतम स्तर के बेहद करीब है। बैंक ऑफ जापान ने मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में कदम उठाते हुए अपने अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया। यह निर्णय सात के मुकाबले दो मतों से लिया गया, जो पिछले कई हफ्तों से बाजार की आम उम्मीदों के पूरी तरह अनुकूल था। इसके बावजूद केंद्रीय बैंक के अपेक्षाकृत नरम रुख वाले नीतिगत कदम ने जापानी येन को कमजोर बनाए रखा है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख के चलते डॉलर मजबूत स्थिति में टिका हुआ है, जिससे इस मुद्रा जोड़ी को सहारा मिल रहा है। हालांकि, जापानी अधिकारियों द्वारा मुद्रा हस्तक्षेप किए जाने की आशंकाओं ने येन की गिरावट पर कुछ हद तक लगाम लगाई है और आगे की बढ़त को सीमित किया है।
सोने की कीमतों में गिरावट का रुख
अमेरिकी डॉलर के बढ़ते प्रभाव का असर बहुमूल्य धातुओं पर भी साफ तौर पर देखा गया। फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की उम्मीदों ने अमेरिकी डॉलर को मजबूती दी है, जिससे बिना ब्याज वाली संपत्तियों पर भारी दबाव बना। इसके चलते बुधवार को सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। कारोबार के दौरान हाजिर सोना एक प्रतिशत की दैनिक गिरावट के साथ लगभग 4,315 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करता नजर आया। विभिन्न परिसंपत्ति वर्गों में इस समय डॉलर की मजबूती और केंद्रीय बैंकों के आगामी फैसलों को लेकर गहरी संवेदनशीलता बनी हुई है।
















