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शेयर बाजार पर भू-राजनीतिक संकट की मार: क्या गुरुवार को संभल पाएगा सेंसेक्स और निफ्टी?बाज़ार
9 जुल॰ 2026, 2:20 am (45 दिन पहले)· 2

शेयर बाजार पर भू-राजनीतिक संकट की मार: क्या गुरुवार को संभल पाएगा सेंसेक्स और निफ्टी?

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखी गई। अब निवेशकों की नजर गुरुवार के कारोबार पर टिकी है कि क्या बाजार में रिकवरी होगी या बिकवाली का दौर जारी रहेगा।

बुधवार के कारोबारी सत्र में भारी बिकवाली के बाद अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या भारतीय शेयर बाजार, विशेषकर सेंसेक्स और निफ्टी 50, गुरुवार को वापसी कर पाएंगे या गिरावट का सिलसिला आगे बढ़ेगा। वैश्विक स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच फिर से पैदा हुए तनाव ने बाजार की धारणा को काफी नुकसान पहुँचाया है और कच्चे तेल की कीमतों को ऊंचे स्तर पर धकेल दिया है।

बाजार में बड़ी गिरावट और दबाव के कारण

आठ जुलाई को निफ्टी 50 अपने महत्वपूर्ण अल्पकालिक सपोर्ट स्तरों से नीचे फिसल गया और दिन के निचले स्तर के करीब बंद हुआ। वहीं, सेंसेक्स में भी बड़ी गिरावट देखी गई। सत्र की समाप्ति पर, निफ्टी 50 2.12 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 23,882 पर बंद हुआ, जबकि बीएसई सेंसेक्स 2.15 प्रतिशत गिरकर 76,503.60 पर आ गया। बाजार पर यह दबाव तब बना जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान के साथ सीजफायर यानी युद्धविराम को लेकर दिए गए बयानों के बाद भू-राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ गई। इस अनिश्चितता के कारण निवेशकों ने सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख किया और सभी क्षेत्रों में मुनाफावसूली का दौर देखा गया।

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विशेषज्ञों की राय और बाजार पर असर

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के वेल्थ मैनेजमेंट रिसर्च हेड सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों और ईरान के साथ सीजफायर समझौते से पीछे हटने के कारण वैश्विक जोखिम बढ़ गया है, जिससे भारतीय इक्विटी में निकट भविष्य में उतार-चढ़ाव रहने की संभावना है। इस घटनाक्रम ने भू-राजनीतिक अनिश्चितता को काफी बढ़ा दिया है, जिसके चलते इंडिया VIX लगभग 30 प्रतिशत उछलकर तीन सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुँच गया है।

खेमका ने आगे कहा कि इस भू-राजनीतिक तनाव ने कच्चे तेल की कीमतों को भी प्रभावित किया है। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ने से ब्रेंट क्रूड की कीमतें 6.2 प्रतिशत की बढ़त के साथ 79 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई हैं। जब तक इन परिस्थितियों में स्पष्टता नहीं आती, बाजार की धारणा कमजोर बनी रह सकती है। उन्होंने कहा कि निवेशक अब अमेरिका और ईरान के बीच आगे के घटनाक्रम और समुद्री व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा पर कड़ी नजर रखेंगे, क्योंकि ये कारक कच्चे तेल की कीमतों और बाजार के रुझान को तय करेंगे।

तकनीकी संकेत और निफ्टी की चाल

बजाज ब्रोकिंग रिसर्च के अनुसार, निफ्टी ने चार्ट पर एक मजबूत मंदी का कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया है, जिसमें लोअर हाई और लोअर लो देखा गया है। इससे स्पष्ट होता है कि फिलहाल बाजार पर विक्रेताओं का कब्जा है। ब्रोकरेज ने गौर किया कि सूचकांक ने 24,250 के महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन को तोड़ने के बाद हालिया बढ़त गंवा दी है और इंट्राडे कारोबार के दौरान 23,800 के स्तर का परीक्षण किया है।

बजाज ब्रोकिंग रिसर्च ने आगे बताया कि यदि बाजार 23,800 के प्रमुख सपोर्ट स्तर से नीचे जाता है, तो यह 23,500 से 23,600 के स्तर तक गिर सकता है, जो कि पिछली तेजी का 61.8 प्रतिशत रिट्रेसमेंट और पिछले गैप क्षेत्र के साथ मेल खाता है। यदि सूचकांक 23,800 के ऊपर बना रहता है, तो यह 23,800 से 24,350 की रेंज में कंसोलिडेट हो सकता है। गुरुवार के लिए 23,800 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट बना रहेगा।

बैंक निफ्टी पर दबाव

बैंक निफ्टी में भी जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली और यह महत्वपूर्ण 57,000 के स्तर से नीचे बंद हुआ। इसने भी लोअर हाई और लोअर लो के साथ मंदी का पैटर्न बनाया है। बजाज ब्रोकिंग रिसर्च के मुताबिक, सूचकांक प्रमुख सपोर्ट स्तरों को बचाने में नाकाम रहने के बाद सुधारात्मक चरण में प्रवेश कर गया है। यदि इसमें और कमजोरी आती है, तो यह आगामी सत्रों में 55,500 से 56,000 के स्तर तक नीचे जा सकता है। उच्च स्तर पर, जब तक यह 58,000 के ऊपर नहीं जाता, तब तक तेजी लौटने के संकेत नहीं मिलेंगे और यह 55,000 से 58,000 की रेंज में सीमित रह सकता है। इसके अलावा, दैनिक स्टोकेस्टिक इंडिकेटर ने भी सेल सिग्नल दिया है, जो संकेत देता है कि अल्पावधि में सुधार का दौर जारी रह सकता है।

सवाल-जवाब

बुधवार को निफ्टी 50 में कितनी गिरावट आई?
बुधवार को निफ्टी 50 में 2.12 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 23,882 पर बंद हुआ।
बाजार में गिरावट का मुख्य कारण क्या है?
बाजार में गिरावट का मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में 6.2 प्रतिशत की वृद्धि है।
निफ्टी के लिए महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर क्या है?
बजाज ब्रोकिंग रिसर्च के अनुसार, निफ्टी के लिए 23,800 का स्तर महत्वपूर्ण अल्पकालिक सपोर्ट है।
सेंसेक्स का क्लोजिंग स्तर क्या रहा?
बीएसई सेंसेक्स बुधवार को 2.15 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,503.60 पर बंद हुआ।
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