एंथ्रोपिक के आईपीओ दस्तावेजों से खुलासे, जानें कैसे बना रही है अपने कस्टमर्स को लॉयलबाराबंकी का पौराणिक पारिजात वृक्ष बना शिव भक्तों का केंद्र, भगवान शिव को चढ़ाए जाते हैं इसके सुनहरे फूलवर्ल्ड अंडर-19 बॉक्सिंग में आदित्य का कमाल, खिताबी मुकाबले में पक्की की जगहऐप्पल का फोल्डेबल फोन मार्केट में आते ही विवादों में, स्क्रीन टूटने की शिकायतों के बीच आईफिक्सिट ने खोली सच्चाईअनुराधा पौडवाल ने चरम कामयाबी के बीच क्यों छोड़ दी थी फिल्मी दुनियामौत के बाद अब खाद बनेगा इंसानी शरीर, ऑस्ट्रेलिया के इस राज्य ने दी अनोखी कानूनी मंजूरीसोने की चाल 4,000 डॉलर के पास अटकी, सिस्टमैटिक बिकवाली के बीच केंद्रीय बैंकों की खरीदारी ने संभाला मोर्चाईसीबी की नीतिगत बैठक और फ्रांस के बॉन्ड संकट के बीच वैश्विक मुद्रा बाजारों में हलचलरजनीकांत की 'जेलर 2' ने 12वें दिन पार किया 400 करोड़ का आंकड़ा, बनी सबसे बड़ी तमिल फिल्मअरुणाचल सीमा विवाद पर बीजिंग की प्रतिक्रिया, भारत से सहयोग की अपील
मुंबई के भूलेश्वर में बड़ा हादसा, विशाल गणेश प्रतिमा गिरने से दो लोगों की जान गई और पांच घायलमहाराष्ट्र
23 अग॰ 2026, 5:29 am (65 दिन पहले)· 3

मुंबई के भूलेश्वर में बड़ा हादसा, विशाल गणेश प्रतिमा गिरने से दो लोगों की जान गई और पांच घायल

मुंबई में गणपति आगमन के जुलूस के दौरान 22 फीट ऊंची विशाल गणेश प्रतिमा के अचानक ढह जाने से दो लोगों की मौत हो गई और पांच अन्य लोग घायल हो गए।

देश के वित्तीय केंद्र कहे जाने वाले महानगर में एक दर्दनाक दुर्घटना घटित हुई है, जहां उत्सव के माहौल के बीच एक भारी-भरकम भगवान गणेश की मूर्ति अचानक धाराशायी हो गई। इस भीषण हादसे की चपेट में आने से दो व्यक्तियों की जान चली गई, जबकि पांच अन्य लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए हैं। इस आकस्मिक घटना के बाद से ही घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्थानीय लोगों के साथ प्रशासन ने तुरंत राहत कार्यों को गति दी। सभी प्रभावितों को फौरन नजदीकी चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों की देखरेख में उनका इलाज जारी है।

गणेशोत्सव के जुलूस के दौरान हुआ हादसा

यह दुखद घटना दक्षिण मुंबई के भूलेश्वर क्षेत्र में शनिवार की रात को उस समय सामने आई जब भगवान श्री गणेश की अगवानी के लिए एक भव्य शोभायात्रा निकाली जा रही थी। इस जुलूस का मुख्य आकर्षण करीब 22 फीट ऊंचाई वाली प्रसिद्ध ‘भूलेश्वरचा राजा’ की प्रतिमा थी, जिसका अचानक से संतुलन डगमगा गया और वह नीचे आ गिरी। यह दुर्घटना 22 अगस्त की रात्रि को लगभग 9:51 बजे बलराम मर्चेंट रोड पर स्थित कबूतरखाना और जय अंबे चौक के नजदीक हुई। प्राप्त विवरण के अनुसार, इस विशालकाय मूर्ति को भायखला से चलकर भूलेश्वर के निर्धारित पंडाल तक पहुंचाया जा रहा था, लेकिन प्रतिमा अपने गंतव्य यानी पंडाल से महज 50 से 60 मीटर की दूरी पर ही धराशायी हो गई।

प्रशासनिक अमला और पुलिस की शुरुआती जांच

इस दुर्घटना के घटित होते ही नगर निगम की दमकल सेवा, स्थानीय पुलिस बल, यातायात पुलिस दल, आपातकालीन एंबुलेंस और वार्ड के कर्मचारियों की टुकड़ियां फौरन घटनास्थल पर पहुंच गईं और युद्धस्तर पर बचाव अभियान शुरू कर दिया। पुलिस अधिकारियों द्वारा की गई शुरुआती छानबीन में सड़क मार्ग पर किसी तरह का कोई बड़ा गड्ढा या रुकावट नहीं पाई गई है। फिलहाल प्राथमिक तौर पर मूर्ति का संतुलन बिगड़ जाने को ही इस दुर्घटना की मुख्य वजह के रूप में देखा जा रहा है, और पुलिस इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच-पड़ताल कर रही है।

ये भी पढ़ें

सवाल-जवाब

यह दुर्घटना मुंबई में कहां और किस समय हुई?
यह हादसा 22 अगस्त की रात करीब 9:51 बजे दक्षिण मुंबई के भूलेश्वर इलाके में बलराम मर्चेंट रोड के पास हुआ।
हादसे का शिकार हुई गणेश प्रतिमा की ऊंचाई कितनी थी?
गिरने वाली ‘भूलेश्वरचा राजा’ प्रतिमा की ऊंचाई करीब 22 फीट थी।
इस दुर्घटना में कितने लोग हताहत हुए?
इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई और पांच अन्य लोग घायल हो गए।
प्रशासन ने हादसे की शुरुआती वजह क्या बताई है?
शुरुआती छानबीन में सड़क पर गड्ढा नहीं मिला है और पुलिस ने प्रतिमा का संतुलन बिगड़ना इसकी संभावित वजह माना है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·64 दिन पहले

यह हादसा उत्सव समितियों और स्थानीय प्रशासन दोनों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। 22 फीट ऊंची विशाल प्रतिमा का पंडाल से मात्र 50-60 मीटर की दूरी पर संतुलन खोकर गिरना इस बात की ओर इशारा करता है कि परिवहन के दौरान सुरक्षा मानकों और वजन के संतुलन की अनदेखी की गई होगी। पुलिस और नगर निकाय की जांच यह तय करेगी कि क्या आयोजकों ने तय नियमों का पालन किया था, ताकि भविष्य में इस तरह की जानलेवा लापरवाही को रोका जा सके।

Rohan Verma@rohan-verma·64 दिन पहले

यह दुर्घटना सिर्फ एक स्थानीय विफलता नहीं, बल्कि भीड़भाड़ वाले शहरी इलाकों में विशाल मूर्तियों के परिवहन के लिए सख्त एसओपी की तत्काल आवश्यकता को दर्शाती है। यदि पंडाल से महज कुछ मीटर की दूरी पर संतुलन बिगड़ा, तो इसका मतलब है कि मार्ग के चयन और भारी संरचनाओं की स्थिरता की निगरानी में गंभीर चूक हुई है। भविष्य में ऐसे आयोजनों के दौरान नागरिक निकायों और पुलिस को परिवहन मार्गों पर सुरक्षा का अनिवार्य ऑडिट करना चाहिए।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp