घरेलू सर्राफा बाजार में आज की सुबह खरीदारों और निवेशकों दोनों के लिए भारी फेरबदल लेकर आई, जहां चांदी की कीमतों में 10,000 रुपये प्रति किलोग्राम का जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया। पिछले साठ दिनों के उतार-चढ़ाव भरे दौर में रिकॉर्ड ऊंचाई और भारी गिरावट का सामना करने वाली सफेद धातु ने एक बार फिर जोरदार वापसी की है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कमजोरी के दौर के बाद हाजिर चांदी में लौटी खरीदारी ने भारतीय वायदा और खुदरा बाजारों को भी ऊपर खींच लिया है, जिससे प्रमुख महानगरों में कीमतें नए स्तरों पर पहुंच गई हैं।
महानगरों में खुदरा चांदी के ताजा दाम
देश के दक्षिणी और पश्चिमी शहरों में चांदी की खुदरा कीमतों में सीधी 10,000 रुपये की बढ़ोतरी देखी गई है। चेन्नई और हैदराबाद के खुदरा सर्राफा बाजार में इस नई तेजी के साथ एक किलोग्राम चांदी की कीमत 3,00,000 रुपये के स्तर पर पहुंच गई। दोनों ही दक्षिण भारतीय शहरों में उछाल का आकार समान रहा, जिसने स्थानीय बाजार में मांग और आपूर्ति के संतुलन को प्रभावित किया है।
वहीं दूसरी तरफ मुंबई और बेंगलुरु में भी ठीक इतनी ही तेजी दर्ज की गई। 10 मार्च को मुंबई और बेंगलुरु के खुदरा बाजारों में 1 किलोग्राम चांदी 10,000 रुपये महंगी होकर 2,90,000 रुपये पर बिकी। अहमदाबाद और दिल्ली जैसे अन्य प्रमुख केंद्रों में भी दरों में इसी तरह का मजबूत रुख दिखाई दिया, जिससे पूरे देश के आभूषण और धातु बाजारों में अचानक हलचल तेज हो गई।
घरेलू वायदा बाजार और तकनीकी स्तर
भारतीय मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर भी सुबह के सत्र से ही चांदी में रौनक देखने को मिली। सुबह 10 बजे के आसपास एमसीएक्स पर चांदी का वायदा अनुबंध 3.62 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,76,823 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रहा था। वायदा बाजार में आई यह तेजी सीधे तौर पर सटोरियों और संस्थागत निवेशकों की ताजा लिवाली को दर्शाती है।
तकनीकी परिदृश्य पर ब्रोकरेज फर्म निर्मल बंग सिक्योरिटीज ने धातु में तेजी जारी रहने की संभावना जताई है। फर्म के अनुसार, "Silver prices are expected to rise." ट्रेडर्स के लिए रणनीति सुझाते हुए कहा गया कि 2,80,000 के स्तर पर खरीदारी की जा सकती है, जिसके लिए 2,74,000 पर स्टॉप लॉस रखना होगा और ऊपर की तरफ 2,88,000 से लेकर 2,93,000 रुपये प्रति किलो के लक्ष्य देखे जा सकते हैं। इस तकनीकी राय से स्पष्ट है कि बाजार विश्लेषक मौजूदा तेजी को आगे भी खिंचता हुआ देख रहे हैं।
वैश्विक समीकरण, कच्चा तेल और अमेरिकी संकेत
वैश्विक स्तर पर देखें तो अंतरराष्ट्रीय हाजिर चांदी हालिया गिरावट से उबरते हुए 88 डॉलर प्रति औंस के पार निकल गई। बुधवार को अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नरमी आने से कीमती धातुओं को सहारा मिला, जिसके चलते हाजिर चांदी 2 प्रतिशत की मजबूती के साथ 88.73 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। बाजार इस समय अमेरिकी रोजगार से जुड़े अहम आंकड़ों की प्रतीक्षा कर रहा है, जिससे पहले पैदा हुई सतर्कता ने धातुओं को गति दी।
कच्चे तेल में आई अप्रत्याशित तेजी ने भी बाजारों के गणित को उलझाया है। लेमन मार्केट्स डेस्क के रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग ने बताया, "The surge in crude oil prices, which soared 37.91% to $102.96 per barrel (about ₹9,498), has intensified concerns over rising costs, dampening the allure of precious metals as safe-haven investments." कच्चे तेल की इस तेज छलांग के साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव ने बाजार की अस्थिरता को और बढ़ा दिया, हालांकि सामान्य परिस्थितियों में ऐसे हालात सुरक्षित निवेश की मांग को बढ़ावा देते हैं।
दूसरी ओर इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन यानी आईबीजेए ने घरेलू एक्सचेंजों पर सतर्क रुख की बात कही है। संस्था के अनुसार, "We expect precious metals prices on Indian bourses to trade rangebound to slightly higher for the day." आईबीजेए ने उल्लेख किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा मध्य पूर्व में संघर्ष समाप्ति के संकेत दिए जाने के बाद अमेरिकी डॉलर और कच्चे तेल में नरमी आई, जिससे सोने-चांदी को आगे बढ़ने का मौका मिला। इन मिले-जुले वैश्विक संकेतों के बीच घरेलू बाजार में चांदी मजबूती के साथ कारोबार कर रही है।















