अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के चलते भारतीय कमोडिटी बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी बिकवाली देखने को मिल रही है। वैश्विक स्तर पर स्पॉट गोल्ड का 4,400 डॉलर का स्तर टूटने के बाद कीमती धातुओं में दबाव बढ़ गया। 13 अगस्त 2026 को घरेलू वायदा बाजार MCX पर सोने का भाव 1,300 रुपये से लेकर 1,700 रुपये तक गिरकर 1,53,950 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया। वहीं चांदी की कीमतों में और भी भारी गिरावट दर्ज की गई, जहां भाव 2,700 रुपये टूटकर लगभग 2.35 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गए। कमोडिटी बाजार में यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब निवेशक अमेरिका के आर्थिक आंकड़ों और कच्चे तेल के रुख का आकलन कर रहे हैं।
वैश्विक बाजार में स्पॉट गोल्ड और सिल्वर के नए स्तर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड में करीब 1 प्रतिशत की गिरावट देखी गई, जिसके बाद यह 4,373 डॉलर प्रति औंस के पास कारोबार कर रहा था। इससे पहले सोना 10 हफ्तों के उच्चतम स्तर पर पहुंचा था, लेकिन ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली हावी होने से यह टिक नहीं सका। दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट सिल्वर भी 1 प्रतिशत टूटकर 65 डॉलर प्रति औंस के नीचे आ गई। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि निवेशक अमेरिका के उत्पादक मूल्य मुद्रास्फीति (PPI) आंकड़ों के जारी होने से पहले सतर्क रुख अपना रहे हैं, जिससे कीमती धातुओं की रफ्तार सुस्त पड़ी है।
अमेरिकी मुद्रास्फीति आंकड़े और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरें
अमेरिकी अर्थव्यवस्था से हाल ही में जारी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई महीने में अमेरिका की उपभोक्ता मुद्रास्फीति घटकर 3.4 प्रतिशत पर आ गई है। यह लगातार दूसरा महीना है जब महंगाई दर में नरमी देखने को मिली है। वहीं, पिछले महीने की तुलना में इसमें महज 0.1 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई। मुद्रास्फीति के इन आंकड़ों के सामने आने के बाद अब बाजार सहभागियों का ध्यान आगामी प्रोड्यूसर इन्फ्लेशन डेटा पर टिका हुआ है।
इन आर्थिक आंकड़ों के आधार पर अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा सितंबर की मौद्रिक नीति बैठक में ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी की संभावना घटकर लगभग 40 प्रतिशत रह गई है। एक दिन पहले तक यह संभावना करीब 50 प्रतिशत जताई जा रही थी। ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें कम होने से कीमती धातुओं के लिए परिस्थितियां प्रभावित हुई हैं।
कच्चे तेल में नरमी और होर्मुज जलडमरूमध्य का तनाव
सोने और चांदी में यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामों में भी नरमी दर्ज की गई है। गुरुवार को अमेरिकी WTI क्रूड 1 प्रतिशत टूटकर 83 डॉलर प्रति बैरल के नीचे फिसल गया, जिससे इसकी लगातार 5 दिनों की तेजी थम गई। इसी तरह, ब्रेंट क्रूड भी 1 प्रतिशत कमजोर होकर 88 डॉलर प्रति बैरल के करीब आ गया, जो इसकी 6 दिनों से जारी बढ़त पर विराम लगाता है।
ऊर्जा बाजार में यह सुस्ती मध्य पूर्व के घटनाक्रमों के बीच देखी जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका का होर्मुज जलडमरूमध्य पर पूर्ण नियंत्रण है। हालांकि, वाशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत बेनतीजा रहने और दोनों पक्षों की ओर से सख्त बयानों के चलते जलमार्ग को फिर से खोलने के किसी तत्काल समझौते की संभावनाएं धुंधली पड़ गई हैं। अमेरिकी सैन्य अभियानों के बावजूद ईरानी शासन के रुख में बदलाव न आने के कारण ट्रंप प्रशासन ईरान पर और अधिक आर्थिक दबाव बनाने की दिशा में कदम उठा रहा है।
MCX पर कमोडिटीज का पूरा हाल और इंट्राडे रुझान
भारतीय वायदा बाजार MCX पर पूरे कमोडिटी सेगमेंट में लाल निशान में कारोबार होता देखा गया। सत्र की शुरुआत में MCX गोल्ड का भाव 379 रुपये या 0.24 प्रतिशत घटकर 1,54,503 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था। शुरुआती कारोबार में सोने ने 1,55,145 रुपये का इंट्राडे हाई और 1,54,250 रुपये का इंट्राडे लो छुआ। जैसे-जैसे सत्र आगे बढ़ा, सोने में बिकवाली का दबाव गहराता गया।
चांदी के वायदा सौदों में सोने के मुकाबले कहीं ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। सत्र के दौरान MCX सिल्वर 1,235 रुपये गिरकर 2,36,600 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई, जो इसके इंट्राडे लो 2,36,138 रुपये के करीब थी। सत्र की शुरुआत में चांदी ने 2.38 लाख रुपये का ऊपरी स्तर छुआ था, लेकिन बाद में गिरावट बढ़कर 2,700 रुपये तक पहुंच गई। इसके अतिरिक्त, जिंक, नेचुरल गैस और सिल्वर में 0.5 प्रतिशत से 1 प्रतिशत की सबसे बड़ी गिरावट देखी गई, जबकि क्रूड ऑयल, लेड, कॉपर और गोल्ड मामूली गिरावट के साथ कारोबार करते दिखे।



















