वैश्विक कमोडिटी बाजार में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है, जहां कच्चे तेल की कीमतों में 6 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है, वहीं दूसरी तरफ सोने और चांदी के वायदा व हाजिर भाव में रिकवरी दर्ज की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड अपने नौ महीने के निचले स्तर से ऊपर उठने में सफल रहा है, जबकि स्पॉट सिल्वर ने भी आठ महीने के न्यूनतम स्तर से उबरना शुरू कर दिया है। मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक उथल-पुथल और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी ब्याज दर नीति को लेकर निवेशकों की नजरें टिकी हुई हैं।
घरेलू बाजार में सोने और चांदी के बंद भाव
घरेलू वायदा बाजार की बात करें तो पिछले कारोबारी सप्ताह के अंत में MCX पर 10 ग्राम सोने का भाव 1,43,066 रुपये पर बंद हुआ था। वहीं दूसरी ओर, 1 किलोग्राम चांदी की कीमत MCX पर 2,22,301 रुपये दर्ज की गई थी। हालांकि दोनों कीमती धातुओं ने सप्ताह का अंत हरे निशान में किया, लेकिन पूरे सप्ताह के दौरान इनमें अत्यधिक उतार-चढ़ाव देखा गया और रुझान मंदी की ओर झुका रहा।
मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य उथल-पुथल
कमोडिटी बाजार पर मध्य पूर्व के तनाव का सीधा असर पड़ रहा है। अमेरिका ने ईरान के खिलाफ चलाए जा रहे लगभग दो सप्ताह लंबे सैन्य हमलों के अभियान को बिना किसी आधिकारिक घोषणा के शुक्रवार देर रात रोक दिया। इसके जवाब में तेहरान ने भी घोषणा की कि उसने अपनी ओर से किए जाने वाले जवाबी हमलों को समाप्त कर दिया है। इसके साथ ही ईरान ने ओमान के साथ स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर चर्चाएं की हैं। पिछले कुछ हफ्तों में स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से लेकर रेड सी तक आपूर्ति बाधाएं फैलने के कारण सोने और चांदी के दामों पर दबाव बना हुआ था।
फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति और मुद्रास्फीति का दबाव
अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक पर वैश्विक निवेशकों की निगाहें हैं। व्यापक रूप से यह उम्मीद जताई जा रही है कि फेडरल रिजर्व बुधवार को होने वाली बैठक में ब्याज दरों को मौजूदा स्तर पर ही अपरिवर्तित रखेगा, जिसके बाद सितंबर में दरें बढ़ाने की संभावना है। हालांकि, बाजार के कुछ विश्लेषकों और प्रतिभागियों का मानना है कि अर्थव्यवस्था में नए सिरे से उभर रहे मुद्रास्फीति के दबावों को देखते हुए केंद्रीय बैंक इसी हफ्ते की बैठक में ब्याज दरें बढ़ाने का कठोर कदम भी उठा सकता है।



















