अमेरिकी शेयर बाजार का प्रमुख सूचकांक एसएंडपी 500 अगस्त के महीने में एक नए शिखर पर पहुंच गया है। इस शानदार तेजी के पीछे दूसरी तिमाही के दौरान कंपनियों का असाधारण रूप से मजबूत प्रदर्शन रहा है, जिसमें प्रति शेयर आय यानी ईपीएस में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले औसतन लगभग 50 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई है। नेशनल बैंक ऑफ कनाडा के रणनीतिकारों ने अपनी ताजा रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला है कि लगातार दो महीनों की गिरावट से उबरने के बाद बाजार ने यह नया मुकाम हासिल किया है। इस उछाल को मुख्य रूप से एनर्जी, कम्युनिकेशन सर्विसेज और कंज्यूमर डिस्क्रीशनरी सेक्टर से जबरदस्त समर्थन मिला है।
शानदार कमाई और बारह महीने का रोलिंग ट्रेंड
विश्लेषकों का कहना है कि बारह महीने के रोलिंग आधार पर एसएंडपी 500 की कमाई में हो रही बढ़ोतरी मंदी के बाद के दौर को छोड़ दें तो एक पीढ़ी में सबसे तेज गति से हो रही है। हालांकि बाजार की इस बढ़ती रफ्तार को आगे भी बनाए रखने के लिए यह बेहद जरूरी होगा कि कंपनियां अपनी भविष्य की कमाई के अनुमानों या गाइडेंस पर खरी उतरें। विशेष रूप से सूचना प्रौद्योगिकी यानी आईटी सेक्टर में उम्मीदें बहुत ज्यादा ऊंची हैं, जहां अगले बारह महीनों के दौरान ईपीएस में 40 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि की उम्मीद की जा रही है।
वैल्यूएशन और नकारात्मक इक्विटी रिस्क प्रीमियम का जोखिम
बाजार के मोर्चे पर फॉरवर्ड प्राइस-टू-अर्निंग मल्टीपल्स अभी भी 20 के आसपास बने हुए हैं, जिसकी वजह से एसएंडपी 500 की अर्निंग यील्ड ऊंचे लॉन्ग-टर्म सरकारी बॉन्ड यील्ड की तुलना में काफी कम बनी हुई है। इसके परिणामस्वरूप इक्विटी रिस्क प्रीमियम पिछले बीस वर्षों में पहली बार नकारात्मक क्षेत्र में चला गया है। इतिहास इस बात गवाह रहा है कि 1997 से 2000 के दौर की तरह नकारात्मक इक्विटी रिस्क प्रीमियम कुछ समय तक टिक सकता है, लेकिन जैसे-जैसे 30-वर्षीय बॉन्ड यील्ड 5.5 प्रतिशत के करीब पहुंचती है या उससे ऊपर निकलती है, वैसी स्थिति में निवेश का यह माहौल काफी चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
ग्लोबल मार्केट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दबदबा
आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या एआई से जुड़ी कंपनियां दुनिया भर के कई प्रमुख इक्विटी बाजारों में कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन का एक बहुत बड़ा हिस्सा बन चुकी हैं। इस प्रवृत्ति का सबसे ज्यादा असर अमेरिकी बाजारों में देखने को मिलता है, इसके अलावा उभरते हुए बाजारों और जापान में भी एआई से जुड़ी कंपनियों का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है.
विदेशी मुद्रा बाजार और अन्य सेक्टरों का हाल
वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में मुद्रा और जिंस बाजारों में लगातार हलचल बनी हुई है। जीबीपी/यूएसडी जोड़ी मंगलवार को कारोबार के दूसरे हिस्से में मामूली गिरावट के साथ 1.3550 के नीचे कारोबार करती नजर आ रही है। मध्य पूर्व में जारी तनाव और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख की उम्मीदों के बीच अमेरिकी डॉलर ने कुछ रिकवरी की है। इसके अलावा ईयूरो/यूएसडी भी 1.1600 के नीचे संघर्ष कर रहा है, क्योंकि यूरोजोन के आंकड़ों से पता चला है कि अगस्त में वार्षिक एचआईसीपी महंगाई दर बढ़कर 3.3 प्रतिशत हो गई है, जबकि जुलाई में यह 2.9 प्रतिशत थी। दूसरी ओर एक्सएयू/यूएसडी यानी सोने की कीमतें पिछले हफ्ते के उच्च स्तर से करीब 7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज करते हुए 4,400 डॉलर के नीचे फिसल गई हैं। इसके साथ ही बिटकॉइन 78,000 डॉलर के समर्थन स्तर पर स्थिर बना हुआ है, जबकि एथेरियम 2,450 डॉलर के आसपास ठहराव की स्थिति में है।



















