छत्तीसगढ़ के राजनीतिक गलियारों में भारतीय जनता पार्टी के संगठन को लेकर बड़े बदलाव की अटकलें लगाई जा रही हैं। पार्टी के मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव के हाल ही में सड़क हादसे का शिकार होने के बाद संगठन के सुचारू संचालन को लेकर नए विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। सियासी हलकों में इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि पार्टी जल्द ही राज्य में एक कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति कर सकती है ताकि संगठनात्मक कार्यों में कोई बाधा न आए। हालांकि, साफ किया जा रहा है कि किरण सिंह देव को उनके मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाया नहीं जा रहा है, बल्कि कामकाज के भारी दबाव और उनकी स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त व्यवस्था पर मंथन चल रहा है।
तोखन साहू का नाम सबसे आगे
संगठन के कामकाज को पटरी पर रखने और रोजमर्रा की गतिविधियों को तेजी देने के लिए पार्टी किसी वरिष्ठ और सक्रिय चेहरे को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी में है। इस पद की दौड़ में कई दिग्गज नेताओं के नाम पर विचार हो रहा है, जिनमें केंद्रीय राज्य मंत्री और बिलासपुर से सांसद तोखन साहू का नाम सबसे ऊपर चल रहा है। राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा है कि तोखन साहू को मंगलवार को विशेष रूप से दिल्ली बुलाया गया था। दिल्ली में उनकी प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव से मुलाकात की खबरों ने इन राजनीतिक अटकलों को और अधिक बल दे दिया है, हालांकि सत्तारूढ़ दल की ओर से अभी तक इस नियुक्ति को लेकर कोई आधिकारिक मुहर या घोषणा नहीं की गई है।
संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने की कवायद
राजनीतिक विश्लेषकों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि भारतीय जनता पार्टी आखिरकार संगठन की कमान किस चेहरे को सौंपती है। तोखन साहू की पार्टी संगठन में लंबी सक्रियता और विभिन्न अभियानों व कार्यक्रमों में उनकी प्रभावी भूमिका को देखते हुए उन्हें इस पद के लिए सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। इन चर्चाओं के बीच यह स्पष्ट करना जरूरी है कि इस पूरी कवायद का मकसद किरण सिंह देव को हटाना बिल्कुल नहीं है। पार्टी हाईकमान उनके नेतृत्व को पूरी तरह बरकरार रखते हुए केवल रोजमर्रा के प्रशासनिक और सांगठनिक कामकाज के लिए कार्यकारी व्यवस्था चाहता है।
कार्यक्रमों में रुकावट न आए इसलिए मंथन
इन दिनों भारतीय जनता पार्टी लगातार कई तरह की गतिविधियों और सेवा महोत्सव जैसे बड़े कार्यक्रमों को लेकर मैदान में सक्रिय है। पार्टी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि प्रदेश स्तर के इन महत्वपूर्ण आयोजनों और अभियानों की गति में किसी भी प्रकार की सुस्ती या रुकावट न आए। इसी को ध्यान में रखते हुए कार्यकारी अध्यक्ष की नियुक्ति का यह पूरा मामला बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है ताकि सरकार और संगठन के बीच तालमेल और जनसंपर्क अभियान पूरी रफ्तार से आगे बढ़ते रहें। आने वाले दिनों में पार्टी इस पर कोई अंतिम फैसला ले सकती है।




















