यूरोपीय अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति का दबाव एक बार फिर गहराने लगा है। अगस्त महीने के दौरान फ्रांस और स्पेन से सामने आए राष्ट्रीय महंगाई के आंकड़ों ने यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ECB) के नीति निर्माताओं की चिंता बढ़ा दी है। मुख्य रूप से ईंधन और ऊर्जा की बढ़ती कीमतों के कारण महंगाई दर में यह तेजी देखी गई है। इस आंकड़े के आते ही गवर्निंग काउंसिल के सदस्यों ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि मूल्य वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए सितंबर की बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी का विकल्प पूरी तरह खुला हुआ है। दूसरी ओर, वैश्विक वित्तीय बाजारों में सतर्कता का माहौल है, जहां निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉरश के जैक्सन होल सिम्पोजियम में दिए जाने वाले पहले भाषण पर नजरें गड़ाए बैठे हैं।
फ्रांस और स्पेन में महंगाई के आंकड़े और ECB का सख्त रुख
फ्रांस में अगस्त के दौरान उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) सालाना आधार पर बढ़कर 2.4% पर पहुंच गया, जो जुलाई में 2.1% दर्ज किया गया था। वहीं फ्रांस का सामंजस्यपूर्ण उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (HICP) भी 2.4% से उछलकर 2.7% हो गया है। स्पेन की बात करें तो वहां का राष्ट्रीय CPI 3.6% से बढ़कर 4.3% के स्तर पर पहुंच गया, जो बाजार के अनुमानों से थोड़ा अधिक है। हालांकि स्पेन का सामंजस्यपूर्ण आंकड़ा 4.5% रहा। दोनों देशों में महंगाई की यह दिशा और स्तर ECB के गवर्निंग काउंसिल के लिए अस्वीकार्य माना जा रहा है।
ECB गवर्निंग काउंसिल के सदस्य मार्टिंस कज़ाक्स ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि लक्ष्य से ऊपर बनी हुई महंगाई को अर्थव्यवस्था में स्थायी रूप नहीं लेने दिया जा सकता। उन्होंने कहा कि सितंबर में ब्याज दर बढ़ाने की काफी मजबूत संभावना मौजूद है। इसी कड़ी में बैंक की वरिष्ठ अधिकारी इसाबेल श्नाबेल व्योमिंग के जैक्सन होल सम्मेलन में अपना वक्तव्य रख रही हैं, जहां उनके द्वारा मुद्रास्फीति के जोखिमों से निपटने के लिए समय से पहले सख्त कदम उठाने की जरूरत पर जोर देने की उम्मीद जताई जा रही है।
आर्थिक भावना सूचकांक और विदेशी मुद्रा बाजार की स्थिति
महंगाई की चुनौतियों के बीच यूरोप से कुछ राहत भरे आंकड़े भी आए हैं। अगस्त के दौरान यूरो क्षेत्र का आर्थिक भावना सूचकांक 1.3 अंक सुधरकर 98.4 पर पहुंच गया, जबकि पूरे यूरोपीय संघ (EU) का सूचकांक 1.0 अंक बढ़कर 98.2 हो गया है। ये दोनों ही आंकड़े अपने 100 के दीर्घकालिक औसत के करीब आ रहे हैं, जो व्यावसायिक और उपभोक्ता विश्वास में हल्के सुधार को दर्शाता है।
विदेशी मुद्रा बाजार में इस समय मिली-जुली स्थिति बनी हुई है। EUR/USD जोड़ी यूरोपीय कारोबारी सत्र में 1.1650 के आसपास स्थिर बनी हुई है। अमेरिकी डॉलर में हालिया रिकवरी से यूरो पर थोड़ा दबाव जरूर है, लेकिन ECB द्वारा दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती संभावनाओं ने इस गिरावट को सीमित कर दिया है। दूसरी ओर, GBP/USD जोड़ी 1.3600 के स्तर पर प्रतिरोध का सामना करने के बाद एक सीमित दायरे में कारोबार कर रही है। व्यापारी अमेरिकी नॉन-फॉर्म पेरोल के बेंचमार्क संशोधन और फेड अध्यक्ष केविन वॉरश के संबोधन से पहले बड़े सौदे करने से बच रहे हैं।
सुरक्षित निवेश के रूप में सोना मजबूत, HYPE टोकन में गिरावट
वैश्विक अनिश्चितता और मुद्रास्फीति की चिंताओं के बीच सोने में लगातार दूसरे दिन तेजी जारी रही। यूरोपीय व्यापारिक समय के दौरान हाजिर सोना $4,610 के आसपास कारोबार करता दिखा। तकनीकी चार्ट पर सोने का XAU/USD जोड़ा बढ़ते हुए चैनल के भीतर बना हुआ है, जो इसके तेजी के रुझान को मजबूती देता है। 9-अवधि और 50-अवधि के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) से ऊपर बने रहने के कारण सोने में अल्पकालिक और मध्यम अवधि का सकारात्मक दृष्टिकोण बना हुआ है।
डिजिटल एसेट बाजार की बात करें तो हाइपरलिक्विड (HYPE) टोकन में शुक्रवार को 2% की गिरावट दर्ज की गई। इससे एक दिन पहले इस टोकन ने 86.75 का अपना रिकॉर्ड उच्चतम स्तर छुआ था। यह गिरावट तब देखने को मिली जब नैस्डैक में सूचीबद्ध हाइपरलिक्विड स्ट्रैटेजीज इंक ने अपनी HYPE होल्डिंग को 2.93 करोड़ टोकन तक बढ़ाने के लिए इक्विटी सौदे के जरिए लगभग $650 मिलियन जुटाए। संस्थागत पूंजी के इस बड़े प्रवाह के साथ ही हाइपरलिक्विड अमेरिका में अपने परपेचुअल फ्यूचर्स मार्केट के विस्तार में भी जुटा हुआ है।
जैक्सन होल सम्मेलन और फेड अध्यक्ष केविन वॉरश का बहुप्रतीक्षित भाषण
वैश्विक वित्तीय जगत की नजरें 27 से 29 अगस्त तक आयोजित हो रहे जैक्सन होल सिम्पोजियम पर टिकी हुई हैं। इस वर्ष सम्मेलन का आधिकारिक विषय 'वित्तीय नवाचार: भुगतान और नीति के लिए निहितार्थ' रखा गया है। फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष के रूप में केविन वॉरश का यह पहला जैक्सन होल भाषण है, जिसे लेकर बाजारों में खासा उत्साह और घबराहट दोनों है। निवेशकों की रुचि केवल इस बात में नहीं है कि सितंबर में अमेरिकी ब्याज दरें बढ़ेंगी या स्थिर रहेंगी, बल्कि वे यह भी समझना चाहते हैं कि नया फेड नेतृत्व वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और वित्तीय नवाचारों से कैसे निपटने की रणनीति बना रहा है।



















