राजस्थान के बीकानेर शहर में नगरीय निकाय चुनाव की सरगर्मियों के बीच एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम में स्थानीय पुलिस ने चोरी का माल खरीदने के गंभीर आरोप में भारतीय जनता पार्टी के एक पदाधिकारी को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी संजय सोनी भाजपा के गंगाशहर मंडल में कोषाध्यक्ष के पद पर तैनात था। पुलिस की इस कार्रवाई के तुरंत बाद पार्टी संगठन ने कड़ा रुख अपनाते हुए संजय सोनी को उनके जिम्मेदारी वाले पद से तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया है। चुनावी माहौल में अपने ही पदाधिकारी पर लगे इस गंभीर आरोप के कारण शहर में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं और पार्टी संगठन को खासी असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
जुलाई में बंद मकान से हुई आभूषण चोरी की कड़ियां जुड़ीं
यह पूरा मामला इस साल जुलाई महीने का है, जब बीकानेर स्थित एक बंद मकान को निशाना बनाकर अज्ञात बदमाशों ने सोने-चांदी के बहुमूल्य आभूषण चोरी कर लिए थे। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर मामला दर्ज करने के बाद पुलिस की जांच टीम लगातार सबूत जुटाने और संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखने में जुटी हुई थी। गहन जांच-पड़ताल और तकनीकी विश्लेषण के दौरान पुलिस को सबसे पहले वारदात को अंजाम देने वाले शातिर नकबजन जगदीश की भूमिका के बारे में ठोस सुराग मिले। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी जगदीश को धर दबोचा और उससे चोरी किए गए सामान की बरामदगी के सिलसिले में कड़ी पूछताछ शुरू की।
पूछताछ में सामने आया भाजपा कोषाध्यक्ष का नाम
गिरफ्तार नकबजन जगदीश से हुई सघन पूछताछ के दौरान चोरी गए कीमती आभूषणों को ठिकाने लगाने और उन्हें बेचने की योजना की परतें खुलती चली गईं। पुलिस की जांच की कड़ियां जब आगे बढ़ीं, तो इस चोरी के माल की खरीद-फरोख्त में भाजपा गंगाशहर मंडल के कोषाध्यक्ष संजय सोनी की सीधी भूमिका उजागर हुई। पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि चुराए गए गहनों को संजय सोनी ने खरीदा था। साक्ष्य मिलने पर पुलिस टीम ने बिना देर किए त्वरित कार्रवाई करते हुए संजय सोनी को भी गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों को हिरासत में रखकर चोरी के आभूषणों की पूरी बरामदगी के लिए पूछताछ कर रही है।
नेटवर्क और माल की खंगाल में जुटी पुलिस टीम
पुलिस अधिकारी अब इस बात की विस्तृत जांच में लगे हुए हैं कि जुलाई की उस चोरी में कुल कितना सामान गायब हुआ था और उसमें से कितना हिस्सा कहां-कहां पहुंचाया गया है। जांच टीम इस पहलू को भी खंगाल रही है कि क्या चोरी के आभूषण खरीदने या उन्हें छिपाने के इस खेल में कुछ अन्य लोग भी शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों से मिल रही जानकारियों के आधार पर चोरी के इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने का प्रयास किया जा रहा है। आने वाले दिनों में मामले से जुड़े कुछ और तथ्य भी सामने आ सकते हैं।
चुनावी सरगर्मी के बीच बढ़ा राजनीतिक दबाव
यह संपूर्ण घटनाक्रम ऐसे नाजुक समय पर सामने आया है जब प्रदेश भर में नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियां अपने चरम पर हैं और सभी राजनीतिक दल अपने-अपने प्रचार अभियानों में जुटे हुए हैं। ऐसे चुनावी समय में एक जिम्मेदार मंडल कोषाध्यक्ष की आपराधिक मामले में गिरफ्तारी होने से विपक्षी दलों को सरकार और सत्तारूढ़ संगठन पर हमला बोलने का मौका मिल गया है। दूसरी तरफ भाजपा संगठन ने मामले की भनक लगते ही संजय सोनी को पद से हटाकर यह संदेश देने की कोशिश की है कि पार्टी ऐसे मामलों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी। इसके बावजूद चुनावी चर्चाओं के केंद्र में इस गिरफ्तारी के आने से स्थानीय संगठन के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई हैं।


















