भारतीय शेयर बाजार के लिए गुरुवार, 25 जून का दिन अच्छा रहने की उम्मीद है। कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी, भू-राजनीतिक चिंताओं में कमी और निवेशकों के बेहतर होते रुझान के दम पर प्रमुख सूचकांक हरे निशान में खुल सकते हैं। बुधवार की चौतरफा तेजी के बाद घरेलू निवेशकों का ध्यान अब अलग-अलग सेक्टर के मौकों पर रहेगा, जबकि बाजार की नजर पश्चिम एशिया के हालात और कच्चे तेल के दामों की चाल पर बनी रहेगी।
24 जून को भारतीय शेयर मजबूती के साथ बंद हुए थे। एनएसई का निफ्टी 50 एक बार फिर अहम 24,000 के स्तर को छूने में कामयाब रहा, वहीं बीएसई सेंसेक्स ने 1% से ज्यादा की छलांग लगाई। ब्रेंट क्रूड के दाम घटने से महंगाई को लेकर डर कम हुआ और जोखिम लेने की भूख बढ़ी, जिससे लगभग हर सेक्टर में खरीदारी देखने को मिली।
कारोबार खत्म होने पर निफ्टी 50 में 0.83% की बढ़त रही और यह 24,021 पर बंद हुआ। दूसरी ओर सेंसेक्स 1.04% चढ़कर 76,991 के स्तर पर पहुंच गया।
क्रूड में राहत, बाजार में जोश
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड में हेड ऑफ रिसर्च (वेल्थ मैनेजमेंट) सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक, नई खरीदारी और ऊर्जा की घटती कीमतों के सहारे भारतीय बाजार दोबारा अपनी सकारात्मक रफ्तार पकड़ सकता है। उन्होंने कहा, "ब्रेंट क्रूड US$76/bbl पर है और चार महीने के निचले स्तर के करीब बना हुआ है, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही लगातार बेहतर हो रही है।"
निफ्टी का तकनीकी हाल
बजाज ब्रोकिंग रिसर्च का कहना है कि निफ्टी ने बुधवार को जोरदार वापसी की और मनोवैज्ञानिक रूप से अहम 24,000 के स्तर के ऊपर आराम से बंद हुआ। डेली चार्ट पर इसने बुलिश पियर्सिंग लाइन कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया, जो 23,800 के आसपास के सपोर्ट जोन के पास मजबूत खरीदारी की मांग दिखाता है।
यह सपोर्ट इलाका इसलिए भी मायने रखता है क्योंकि यह पिछले गैप जोन और 20-दिन तथा 50-दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के मिलन बिंदु से मेल खाता है, जिससे यह ट्रेडर्स और निवेशकों के लिए एक अहम स्तर बन जाता है।
ब्रोकरेज ने आगे कहा, "निफ्टी 23,800 के सपोर्ट के ऊपर टिका रहा और आज के सत्र में इसमें पुलबैक देखने को मिला। आगे रुझान सकारात्मक बना हुआ है और सूचकांक आने वाले सत्र में पिछले हफ्ते के उच्च स्तर 24,190 की ओर बढ़ सकता है। अगर 23,900 की तरफ कोई गिरावट आती है तो उसे खरीदारी के मौके के रूप में इस्तेमाल करना चाहिए।"
ब्रोकरेज का मानना है कि जब तक सूचकांक अहम सपोर्ट स्तरों के ऊपर बना रहता है, तब तक व्यापक रुझान मजबूत रहेगा। तत्काल सपोर्ट 23,900 के आसपास है, जबकि इससे ज्यादा मजबूत शॉर्ट-टर्म सपोर्ट 23,500 से 23,600 के दायरे में है। यही हाल का ब्रेकआउट इलाका है और पिछली गिरावट का एक अहम रिट्रेसमेंट स्तर भी।
ऊपर की ओर अगला बड़ा रेजिस्टेंस 24,600 के करीब है, जो अप्रैल के उच्च स्तर और 200-दिन के EMA से मेल खाता है।
बैंक निफ्टी में दमदार रफ्तार
बुधवार के सत्र में बैंक निफ्टी ने भी जबरदस्त ताकत दिखाई। इसने बुलिश एनगल्फिंग कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया, जो 57,000 के स्तर के आसपास मजबूत खरीदारी की मांग को दर्शाता है। खास बात यह रही कि बैंक निफ्टी ने न सिर्फ पिछले सत्र का नुकसान भर लिया, बल्कि पिछले हफ्ते के उच्च स्तर 58,021 के ऊपर बंद होकर बैंकिंग सेक्टर में मजबूती का संकेत भी दिया।
ब्रोकरेज के अनुसार, "आगे रुझान सकारात्मक बना हुआ है और सूचकांक आने वाले सत्रों में धीरे-धीरे 59,200 की ओर बढ़ सकता है। यह हाल के रेंज ब्रेकआउट का मेजरिंग इम्प्लिकेशन है और पिछली 57456-52783 की गिरावट का 138.2% एक्सटर्नल रिट्रेसमेंट भी है।"
तकनीकी संकेतक भी इस सकारात्मक नजरिए का साथ दे रहे हैं। पिछले दो हफ्तों में 57,000 के आसपास बने निचले स्तर एक अहम सपोर्ट जोन बने हुए हैं और जब तक सूचकांक इसके ऊपर टिका रहेगा, इसका तेजी वाला रुझान कायम रहने की उम्मीद है। इसके अलावा, डेली 14-पीरियड RSI अब भी ऊपर की तरफ है और अपने नौ-पीरियड औसत के पास सपोर्ट लेकर वापस उछला है।













