भारतीय शेयर बाजार में बीते हफ्ते मिला-जुला रुझान देखने को मिला, जहां देश की प्रमुख 10 लिस्टेड कंपनियों में से 4 के मूल्यांकन में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि 6 कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में गिरावट आई। चार प्रमुख कंपनियों ने मिलकर 1.43 लाख करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जोड़ी। इस पूरी तेजी का नेतृत्व देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने किया। वहीं दूसरी ओर, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के मार्केट कैप में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली।
शेयर बाजार का साप्ताहिक प्रदर्शन
सप्ताह के दौरान प्रमुख बेंचमार्क सूचकांकों ने बढ़त के साथ कारोबार समाप्त किया। बीएसई सेंसेक्स में 404.53 अंक यानी 0.51 प्रतिशत की मजबूती आई। इसी तरह, एनएसई निफ्टी 50 सूचकांक भी 187.05 अंक या 0.76 प्रतिशत चढ़कर बंद हुआ। सूचकांकों में आई इस तेजी के बावजूद टॉप 10 कंपनियों के बीच प्रदर्शन में स्पष्ट अंतर देखा गया। एक तरफ चार कंपनियों की मार्केट वैल्यू में कुल ₹1,43,251.54 करोड़ का इजाफा हुआ, वहीं दूसरी तरफ बाकी छह कंपनियों को कुल ₹1,23,777.83 करोड़ का नुकसान हुआ।
इन 4 दिग्गज कंपनियों के निवेशकों की हुई चांदी
सप्ताह के दौरान सबसे शानदार प्रदर्शन भारतीय स्टेट बैंक का रहा। एसबीआई का मार्केट कैप ₹63,922.03 करोड़ बढ़कर ₹10,11,721.84 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया। देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने भी जोरदार बढ़त दर्ज की, जिसका बाजार पूंजीकरण ₹32,816.4 करोड़ बढ़कर ₹18,01,925.19 करोड़ हो गया। आईटी सेक्टर की दिग्गज टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की मार्केट वैल्यू ₹31,875.35 करोड़ की तेजी के साथ ₹8,87,770.13 करोड़ पर पहुंच गई। इसके अलावा, बुनियादी ढांचा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (L&T) का मूल्यांकन ₹14,637.76 करोड़ बढ़कर ₹5,56,482.45 करोड़ दर्ज किया गया।
इन 6 कंपनियों को उठाना पड़ा नुकसान
मुनाफावसूली और बिकवाली के दबाव के कारण छह दिग्गज कंपनियों की मार्केट वैल्यू घटी। भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) को सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ा, जिसका मार्केट कैप ₹40,543.23 करोड़ घटकर ₹4,96,891.82 करोड़ रह गया। इसके बाद बजाज फाइनेंस के मूल्यांकन में ₹37,168.96 करोड़ की कमी आई और यह घटकर ₹6,73,648.55 करोड़ पर आ गया। उल्लेखनीय है कि इससे पिछले सप्ताह बजाज फाइनेंस के मार्केट कैप में सबसे ज्यादा ₹80,345.97 करोड़ का उछाल दर्ज किया गया था। बैंकिंग दिग्गज एचडीएफसी बैंक का मार्केट कैप भी ₹24,183.16 करोड़ घटकर ₹11,27,967.47 करोड़ रह गया। इसी तरह आईसीआईसीआई बैंक की वैल्यूएशन ₹9,507.67 करोड़ गिरकर ₹10,20,370.63 करोड़ पर आ गई। टेलीकॉम क्षेत्र की कंपनी भारती एयरटेल का मार्केट कैप ₹7,581.65 करोड़ कम होकर ₹12,22,423.98 करोड़ बचा, जबकि एफएमसीजी दिग्गज हिंदुस्तान यूनिलीवर का बाजार पूंजीकरण ₹4,793.16 करोड़ घटकर ₹4,88,808.97 करोड़ रह गया।
बाजार पूंजीकरण के मामले में भारत की 10 सबसे बड़ी कंपनियां
हालिया बदलावों के बाद भी रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे मूल्यवान कंपनी के रूप में शीर्ष स्थान पर बनी हुई है। बाजार पूंजीकरण के आधार पर शीर्ष 10 कंपनियों की सूची इस प्रकार है
- 1. रिलायंस इंडस्ट्रीज: ₹18,01,925.19 करोड़
- 2. भारती एयरटेल: ₹12,22,423.98 करोड़
- 3. एचडीएफसी बैंक: ₹11,27,967.47 करोड़
- 4. आईसीआईसीआई बैंक: ₹10,20,370.63 करोड़
- 5. भारतीय स्टेट बैंक: ₹10,11,721.84 करोड़
- 6. टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज: ₹8,87,770.13 करोड़
- 7. बजाज फाइनेंस: ₹6,73,648.55 करोड़
- 8. लार्सन एंड टुब्रो: ₹5,56,482.45 करोड़
- 9. भारतीय जीवन बीमा निगम: ₹4,96,891.82 करोड़
- 10. हिंदुस्तान यूनिलीवर: ₹4,88,808.97 करोड़



















